
Baidyanath Dham Jyotirlinga: रोगों से मुक्ति दिलाने वाले बाबा बैद्यनाथ धाम का क्या है रावण से संबंध? जानिए ज्योतिर्लिंग की महिमा
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है. इसे रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है. मान्यता है कि यहां श्रद्धा से जलाभिषेक करने और दर्शन-पूजन करने से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्ट दूर होते हैं. सावन में लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा कर बाबा के दरबार में पहुंचते हैं.
Baidyanath Dham Jyotirlinga: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम झारखंड के देवघर में स्थित है. यह धाम अपनी धार्मिक मान्यताओं, चमत्कारिक आस्था और पौराणिक इतिहास के कारण देशभर में प्रसिद्ध है. इसे रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसकी स्थापना रावण की तपस्या से जुड़ी हुई है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक और पूजा करने पर भगवान शिव रोग, दुख और जीवन की बाधाओं को दूर कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
रोगों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है बाबा बैद्यनाथ धाम

बाबा बैद्यनाथ धाम की सबसे बड़ी विशेषता
ज्योतिषाचार्य पंडित गोविंद शास्त्री के अनुसार, बैद्यनाथ धाम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां श्रद्धालुओं को स्पर्श पूजन करने का अवसर मिलता है. देश के बहुत कम ज्योतिर्लिंगों में भक्तों को सीधे शिवलिंग का स्पर्श कर पूजा करने की अनुमति होती है. यही वजह है कि यह धाम अन्य ज्योतिर्लिंगों से अलग और विशेष माना जाता है.
रोगों से मुक्ति की है अटूट मान्यता

शिवगंगा से जुड़ी है चमत्कारिक कथा

क्या है रावण और बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का संबंध?


