
Unnao News: 28 साल पहले जिस बेटे की हो गई थी तेरहवीं, वह अचानक जिंदा घर लौटा, मां से मिल छलक पड़े आंसू
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. 28 साल पहले मुंबई कमाने गया युवक लापता हो गया था. परिवार ने उसे मृत मानकर उसकी तेरहवीं तक कर दी थी. अब वह अचानक जिंदा घर लौट आया है. मां-बेटे के भावुक मिलन ने पूरे गांव की आंखें नम कर दीं.
Unnao News: उन्नाव जिले के सुमेरपुर ब्लॉक के हमीरपुर गांव में 28 साल बाद एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया. जिस युवक को परिवार और गांव वाले वर्षों पहले मृत मान चुके थे, वह अचानक सही-सलामत घर लौट आया. उसकी वापसी से पूरे गांव में खुशी का माहौल है और यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है.
1998 में मुंबई कमाने गया था मुनेश्वर यादव
जानकारी के मुताबिक, सुमेरपुर ब्लॉक के हमीरपुर गांव निवासी मुनेश्वर यादव वर्ष 1998 में रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था. मुंबई जाने से पहले उसकी शादी हो चुकी थी और उस समय उसकी पत्नी गर्भवती थी. परिवार को उम्मीद थी कि वह कमाकर जल्द वापस लौटेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
मानसिक हालत बिगड़ी और परिवार से टूट गया संपर्क

परिवार ने मृत मानकर कर दी थी तेरहवीं
मुंबई में मिला सहारा, इलाज के बाद बदली जिंदगी
बताया जाता है कि मुंबई में एक व्यक्ति ने मुनेश्वर की मदद की. उसने इलाज करवाया और बाद में सुरक्षा गार्ड की नौकरी भी दिलवाई. इलाज के साथ उसकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा. इसके बाद उसने मुंबई में ही दूसरी शादी कर ली. इस शादी से उसके दो बेटे और एक बेटी हैं. उसकी बेटी डिंपल की शादी भी हो चुकी है.
गूगल पर खोजा गांव के प्रधान का नंबर
हमीरपुर गांव के पूर्व प्रधान अनिल यादव ने बताया कि याद्दाश्त लौटने के बाद मुनेश्वर ने इंटरनेट पर अपने गांव की जानकारी खोजनी शुरू की. गूगल के जरिए उसे गांव के पूर्व प्रधान का मोबाइल नंबर मिल गया. 27 जुलाई को उसने फोन कर अपना नाम मुनेश्वर यादव बताया.
वीडियो कॉल से हुआ पहचान का खुलासा
अनिल यादव ने बताया कि पहले किसी को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ. इसके बाद मुनेश्वर से वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया. वीडियो कॉल में गांव के लोगों ने उसे देखते ही पहचान लिया. दूसरी तरफ मुनेश्वर ने भी परिवार और गांव के कई लोगों के नाम लेकर उनके बारे में पूछा. इसके बाद सभी का शक दूर हो गया.
परिवार खुद मुंबई पहुंचा और गांव लेकर आया
संपर्क होने के बाद परिवार के सदस्य मुंबई पहुंचे और मुनेश्वर यादव को अपने साथ सुरक्षित गांव लेकर आए. जैसे ही वह गांव पहुंचा, उसे देखने के लिए रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. वर्षों बाद अपने बेटे को सामने देखकर उसकी बुजुर्ग मां की आंखों से आंसू छलक पड़े. मां-बेटे का यह मिलन वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया.
पूरे गांव में खुशी का माहौल, हर कोई देखना चाहता है मुनेश्वर को
मुनेश्वर की घर वापसी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीण इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. लोग लगातार उसके घर पहुंचकर उससे मुलाकात कर रहे हैं और 28 साल बाद उसकी वापसी की कहानी सुन रहे हैं. यह घटना पूरे जिले में लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है.
Unnao News: 28 साल पहले जिस बेटे की हो गई थी तेरहवीं, वह अचानक जिंदा घर लौटा, मां से मिल छलक पड़े आंसू
Unnao News: उन्नाव जिले के सुमेरपुर ब्लॉक के हमीरपुर गांव में 28 साल बाद एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया. जिस युवक को परिवार और गांव वाले वर्षों पहले मृत मान चुके थे, वह अचानक सही-सलामत घर लौट आया. उसकी वापसी से पूरे गांव में खुशी का माहौल है और यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है.
1998 में मुंबई कमाने गया था मुनेश्वर यादव
जानकारी के मुताबिक, सुमेरपुर ब्लॉक के हमीरपुर गांव निवासी मुनेश्वर यादव वर्ष 1998 में रोज़गार की तलाश में मुंबई गया था. मुंबई जाने से पहले उसकी शादी हो चुकी थी और उस समय उसकी पत्नी गर्भवती थी. परिवार को उम्मीद थी कि वह कमाकर जल्द वापस लौटेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
मानसिक हालत बिगड़ी और परिवार से टूट गया संपर्क
मुंबई पहुंचने के कुछ समय बाद तनाव के चलते मुनेश्वर की मानसिक स्थिति बिगड़ गई. इसी दौरान वह वहां रह रहे अपने रिश्तेदारों से भी अलग हो गया. परिजनों और परिचितों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. धीरे-धीरे परिवार का उससे संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया.
परिवार ने मृत मानकर कर दी थी तेरहवीं
सालों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने मुनेश्वर को मृत मान लिया. उसकी पत्नी मायके चली गई और बाद में उसने दूसरी शादी कर ली. वहीं परिजनों ने धार्मिक परंपरा निभाते हुए मुनेश्वर की तेरहवीं भी कर दी. गांव के लोगों को भी यही लगा कि अब वह इस दुनिया में नहीं रहा.
मुंबई में मिला सहारा, इलाज के बाद बदली जिंदगी
बताया जाता है कि मुंबई में एक व्यक्ति ने मुनेश्वर की मदद की. उसने इलाज करवाया और बाद में सुरक्षा गार्ड की नौकरी भी दिलवाई. इलाज के साथ उसकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा. इसके बाद उसने मुंबई में ही दूसरी शादी कर ली. इस शादी से उसके दो बेटे और एक बेटी हैं. उसकी बेटी डिंपल की शादी भी हो चुकी है.
गूगल पर खोजा गांव के प्रधान का नंबर
हमीरपुर गांव के पूर्व प्रधान अनिल यादव ने बताया कि याद्दाश्त लौटने के बाद मुनेश्वर ने इंटरनेट पर अपने गांव की जानकारी खोजनी शुरू की. गूगल के जरिए उसे गांव के पूर्व प्रधान का मोबाइल नंबर मिल गया. 27 जुलाई को उसने फोन कर अपना नाम मुनेश्वर यादव बताया.
वीडियो कॉल से हुआ पहचान का खुलासा
अनिल यादव ने बताया कि पहले किसी को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ. इसके बाद मुनेश्वर से वीडियो कॉल करने के लिए कहा गया. वीडियो कॉल में गांव के लोगों ने उसे देखते ही पहचान लिया. दूसरी तरफ मुनेश्वर ने भी परिवार और गांव के कई लोगों के नाम लेकर उनके बारे में पूछा. इसके बाद सभी का शक दूर हो गया.
परिवार खुद मुंबई पहुंचा और गांव लेकर आया
संपर्क होने के बाद परिवार के सदस्य मुंबई पहुंचे और मुनेश्वर यादव को अपने साथ सुरक्षित गांव लेकर आए. जैसे ही वह गांव पहुंचा, उसे देखने के लिए रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. वर्षों बाद अपने बेटे को सामने देखकर उसकी बुजुर्ग मां की आंखों से आंसू छलक पड़े. मां-बेटे का यह मिलन वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया.
पूरे गांव में खुशी का माहौल, हर कोई देखना चाहता है मुनेश्वर को
मुनेश्वर की घर वापसी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. ग्रामीण इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं. लोग लगातार उसके घर पहुंचकर उससे मुलाकात कर रहे हैं और 28 साल बाद उसकी वापसी की कहानी सुन रहे हैं. यह घटना पूरे जिले में लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है.