
Fatehpur News: रक्षाबंधन में मिलावटी मिठाई से सावधान ! दो दिनों में होता है करोड़ों का व्यवसाय
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के अवसर में मिलावटी मिठाइयों की बड़ी खेप जिले में दस्तक देती है. दो दिनों में होने वाला करोड़ों का व्यवसाय लोगों को कई गंभीर बीमारियां दे जाता है. जानिए डॉक्टर की सलाह
Fatehpur News: भाई-बहन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) को लेकर जहां लोगों में खुशी देखी जाती है वहीं मुनाफाखोर इस अवसर का लाभ उठाते हुए करोड़ों का व्यवसाय करते हैं. सावन के अंतिम सोमवार यानि कि 19 अगस्त को देश भर में रक्षाबंधन मनाया जाएगा.

120 रुपए वाला छेना, सौ रुपए किलो की मिठाई देती हैं जिले में दस्तक
फतेहपुर (Fatehpur) जनपद में रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के अवसर पर दूसरे जिले से बड़ी मात्रा में केमिकल युक्त मिठाइयां मंगाकर धड़ल्ले से बेचीं जाती हैं. 120 रुपए वाला छेना और 100 रुपए किलो वाली दूध की मिठाई तीन से चार गुना दामों में सड़क पर लगाकर बेंच दी जाती हैं.


मिठाई का व्यवसाय ना करने वाले भी फुटपाथ पर लगाते हैं दुकान


पारंपरिक मिठाई बनाकर भाइयों को बांधे रक्षा सूत्र
मिलावटी केमिकल युक्त मिठाइयों के खाने से लोगों के स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर होता है. इस संबंध में फतेहपुर जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव तिवारी कहते हैं कि बारिश के समय दूध में अधिक मात्रा में बैक्टीरिया होते हैं इसलिए इससे सावधान रहने की जरूरत है.
बाजार की बनी हुई मिठाई स्वास्थ पर बुरा असर डालती हैं खासकर दूध से निर्मित. उन्होंने कहा कि खुले में रखी मिठाइयों में मक्खी मच्छर बैठकर उसको प्रदूषित कर देते हैं जिससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. डॉ राजीव तिवारी लोगों को घर पर बनने वाली पारंपरिक मिठाई बनाकर रक्षा सूत्र बांधने की सलाह देते हैं.
रंगीन और केमिकल युक्त मिठाइयों से होती हैं कैंसर जैसी घातक बीमारी
फतेहपुर जिला अस्पताल के सीनियर डॉ के.के.पांडेय कहते हैं कि रंगीन और केमिकल युक्त मिठाइयों को खाने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि मिठाइयों में मिलाया गया किसी भी प्रकार का रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है.
डॉ. के.के. पांडेय कहते हैं कि मिलावटी मिठाई में स्टार्च, अनसैचुरेटेड फैट जैसी अन्य ख़तरनाक चीज़े मिलायी जाती हैं जिससे कोलेस्टेरोल बढ़ता है और हृदय रोगों की समस्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि चाँदी वर्क की जगह एल्युमिनियम से बने वर्क का इस्तेमाल करते हुए व्यवसाई लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं.
जिससे हड्डी संबंधी समस्या और बच्चों में किडनी संबंधी दिक्कतें हो सकती है. डॉ पांडेय कहते हैं कि दूषित मिलावटी खोये से बनी मिठाई से ब्रेन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, माउथ कैंसर, ल्यूकिमिया, किडनी और स्वॉस संबंधी रोगों का भी ख़तरा रहता है. इसलिए इन सबसे सावधान रहते हुए अपना त्यौहार मनाएं
