UP में माफियाओं से जमीनें छीन बनेंगे घर: वकील, पत्रकार, शिक्षक और डॉक्टरों को मिलेगा आवास ! योगी का बड़ा ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 92 हजार से अधिक लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करते हुए बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के साथ पत्रकार, वकील, शिक्षक और डॉक्टरों के लिए भी आवास बनाए जाएंगे.
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई अब आवास योजना से जुड़ती दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीनों का इस्तेमाल अब गरीबों और समाज के महत्वपूर्ण वर्गों के लिए आवास बनाने में किया जाएगा. इन आवासों में पत्रकार, वकील, शिक्षक और डॉक्टरों को भी सस्ती दरों पर रहने का मौका मिलेगा.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 92 हजार को मिली किस्त
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 92,098 लाभार्थियों को बड़ी राहत दी. मुख्यमंत्री ने आवास निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में लगभग 900 करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए.
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार बिना घर के न रहे. उन्होंने कहा कि आवास केवल एक छत नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन की नींव होता है. जब किसी परिवार के पास अपना घर होता है तो उसके बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और भविष्य की संभावनाएं भी बेहतर हो जाती हैं.
माफियाओं से मुक्त जमीन पर बनेंगी हाईराइज इमारतें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी जमीनों का उपयोग अब आम जनता के हित में किया जाए. उन्होंने कहा कि जिन गरीबों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए इन जगहों पर हाईराइज आवासीय इमारतें बनाई जाएंगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को आवास मिल सके और शहरों में आवास की समस्या का स्थायी समाधान हो.
पत्रकारों, वकीलों, शिक्षकों और डॉक्टरों को मिलेगा आवास
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पत्रकार दिनभर खबरों के लिए इधर-उधर दौड़ते रहते हैं और कई बार उनके पास स्थायी आवास नहीं होता. यदि हर जिले में पत्रकारों के लिए सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध होंगे तो उन्हें काफी सुविधा मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह वकील, शिक्षक और डॉक्टर भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं. इसलिए इन वर्गों को भी इस योजना के तहत आवास देने की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना को हर जिले में लागू करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए.
जरूरत पड़ी तो माफियाओं की जमीन भी होगी जब्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक समाज का शोषण किया है, अब उनसे हिसाब लेने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो माफियाओं की निजी जमीनों को भी जब्त कर जनहित की योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने गरीबों और आम जनता के अधिकारों को कुचला है, उनसे ब्याज सहित उसका हिसाब लिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माफिया से मुक्त कराई गई जमीनों को प्राथमिकता के आधार पर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उपयोग में लाया जाए.
महिला लाभार्थियों से संवाद, विकास पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई महिला लाभार्थियों से संवाद भी किया और उनके अनुभव सुने. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के विकास का एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बन चुका है. प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के लिए लगातार योजनाएं चला रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दलित, वंचित और अति पिछड़े वर्ग के लोगों को योजनाओं का लाभ मिलता है तो उनका जीवन स्तर ऊपर उठता है. इससे व्यक्ति की आय बढ़ती है और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है.
2017 से पहले योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंचता था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में योजनाओं का लाभ सही तरीके से गरीबों तक नहीं पहुंच पाता था. कई गरीब परिवार राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहते थे और प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर हालात बदले हैं.
उन्होंने कहा कि आज महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है और छोटे कारोबारियों के लिए भी नई योजनाएं चलाई जा रही हैं. ठेला, खोमचा और रेहड़ी लगाने वालों के लिए लोन की व्यवस्था की गई है ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें.
UP में माफियाओं से जमीनें छीन बनेंगे घर: वकील, पत्रकार, शिक्षक और डॉक्टरों को मिलेगा आवास ! योगी का बड़ा ऐलान
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई अब आवास योजना से जुड़ती दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीनों का इस्तेमाल अब गरीबों और समाज के महत्वपूर्ण वर्गों के लिए आवास बनाने में किया जाएगा. इन आवासों में पत्रकार, वकील, शिक्षक और डॉक्टरों को भी सस्ती दरों पर रहने का मौका मिलेगा.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 92 हजार को मिली किस्त
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 92,098 लाभार्थियों को बड़ी राहत दी. मुख्यमंत्री ने आवास निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में लगभग 900 करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए.
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार बिना घर के न रहे. उन्होंने कहा कि आवास केवल एक छत नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन की नींव होता है. जब किसी परिवार के पास अपना घर होता है तो उसके बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और भविष्य की संभावनाएं भी बेहतर हो जाती हैं.
माफियाओं से मुक्त जमीन पर बनेंगी हाईराइज इमारतें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कई माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रखा था. पिछली सरकारों के संरक्षण में ये अवैध कब्जे लगातार बढ़ते गए. योगी सरकार बनने के बाद इन जमीनों को व्यवस्थित अभियान चलाकर कब्जे से मुक्त कराया गया.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी जमीनों का उपयोग अब आम जनता के हित में किया जाए. उन्होंने कहा कि जिन गरीबों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए इन जगहों पर हाईराइज आवासीय इमारतें बनाई जाएंगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को आवास मिल सके और शहरों में आवास की समस्या का स्थायी समाधान हो.
पत्रकारों, वकीलों, शिक्षकों और डॉक्टरों को मिलेगा आवास
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पत्रकार दिनभर खबरों के लिए इधर-उधर दौड़ते रहते हैं और कई बार उनके पास स्थायी आवास नहीं होता. यदि हर जिले में पत्रकारों के लिए सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध होंगे तो उन्हें काफी सुविधा मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह वकील, शिक्षक और डॉक्टर भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं. इसलिए इन वर्गों को भी इस योजना के तहत आवास देने की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना को हर जिले में लागू करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए.
जरूरत पड़ी तो माफियाओं की जमीन भी होगी जब्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक समाज का शोषण किया है, अब उनसे हिसाब लेने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो माफियाओं की निजी जमीनों को भी जब्त कर जनहित की योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने गरीबों और आम जनता के अधिकारों को कुचला है, उनसे ब्याज सहित उसका हिसाब लिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माफिया से मुक्त कराई गई जमीनों को प्राथमिकता के आधार पर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उपयोग में लाया जाए.
महिला लाभार्थियों से संवाद, विकास पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई महिला लाभार्थियों से संवाद भी किया और उनके अनुभव सुने. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के विकास का एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बन चुका है. प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के लिए लगातार योजनाएं चला रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दलित, वंचित और अति पिछड़े वर्ग के लोगों को योजनाओं का लाभ मिलता है तो उनका जीवन स्तर ऊपर उठता है. इससे व्यक्ति की आय बढ़ती है और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है.
2017 से पहले योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंचता था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में योजनाओं का लाभ सही तरीके से गरीबों तक नहीं पहुंच पाता था. कई गरीब परिवार राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहते थे और प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर हालात बदले हैं.
उन्होंने कहा कि आज महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है और छोटे कारोबारियों के लिए भी नई योजनाएं चलाई जा रही हैं. ठेला, खोमचा और रेहड़ी लगाने वालों के लिए लोन की व्यवस्था की गई है ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें.