Fatehpur News: किन्नरों के हंगामे से थाना बना रणक्षेत्र, साथी के पकड़े जाने की सूचना पर सड़क जाम, पुलिस ने कराया शांत
फतेहपुर के राधानगर थाने के बाहर रविवार को किन्नरों के एक समूह ने जमकर हंगामा किया. साथी किन्नर के पकड़े जाने की सूचना पर नाराज किन्नरों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हुआ. वहीं थरियांव पुलिस ने नेग विवाद में मुख्य आरोपी किन्नर सरवन उर्फ श्रेया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रविवार को राधानगर थाना उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब किन्नरों के एक समूह ने थाने के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. बाद में अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हुआ. इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं.
राधानगर थाने के बाहर किन्नरों का प्रदर्शन
दोपहर किन्नरों का एक समूह राधानगर थाने पहुंचा और अपने एक साथी को जेल भेजे जाने की बात को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान किन्नरों ने सड़क पर बैठकर और खड़े होकर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ.

राहगीरों की लगी भीड़, आधे घंटे तक तनाव
थाना प्रभारी ने बताई हंगामे की वजह
राधानगर थाना प्रभारी श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि किन्नरों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट को लेकर एक मुकदमा राधानगर थाने और दूसरा थरियांव थाने में दर्ज है.
उन्होंने बताया कि थरियांव थाना पुलिस ने संबंधित मामले में एक किन्नर को गिरफ्तार किया था. कुछ किन्नरों को यह गलतफहमी हो गई कि गिरफ्तारी राधानगर पुलिस ने की है और उसी ने जेल भेजा है. इसी भ्रम के कारण थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने समझाकर सभी को शांत करा दिया और वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है.
नेग विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक यह विवाद थरियांव थाना क्षेत्र के टेकसारी बुजुर्ग गांव में 26 जून को आयोजित एक शादी समारोह के दौरान शुरू हुआ था. नेग लेने को लेकर दो किन्नर गुटों के बीच क्षेत्राधिकार (सीमा) को लेकर विवाद हो गया था.
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मुख्य आरोपी सरवन उर्फ श्रेया और उसके साथियों ने दूसरे गुट की चार किन्नरों दीपिका, पायल, अंजू और बड़ी दीपिका को जबरन कार में बैठाकर अपने घर ले गए. वहां उन्हें करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की गई.
पुलिस ने चारों किन्नरों को कराया था मुक्त
घटना की सूचना मिलने के बाद थरियांव और किशनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों बंधक किन्नरों को सुरक्षित मुक्त कराया. पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई.
मुख्य आरोपी सरवन उर्फ श्रेया गिरफ्तार
थरियांव थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी सरवन उर्फ श्रेया को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ भी जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Fatehpur News: किन्नरों के हंगामे से थाना बना रणक्षेत्र, साथी के पकड़े जाने की सूचना पर सड़क जाम, पुलिस ने कराया शांत
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रविवार को राधानगर थाना उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब किन्नरों के एक समूह ने थाने के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. बाद में अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हुआ. इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं.
राधानगर थाने के बाहर किन्नरों का प्रदर्शन
दोपहर किन्नरों का एक समूह राधानगर थाने पहुंचा और अपने एक साथी को जेल भेजे जाने की बात को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान किन्नरों ने सड़क पर बैठकर और खड़े होकर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते रहे. वायरल हो रहे वीडियो में कुछ किन्नर खुद को चोट पहुंचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. एक किन्नर सड़क पर लेट गया, जिसे पुलिसकर्मियों ने उठाने का प्रयास किया. वीडियो में कुछ किन्नर कपड़े उतारने की कोशिश करते भी नजर आ रहे हैं. हालांकि युगान्तर प्रवाह वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
राहगीरों की लगी भीड़, आधे घंटे तक तनाव
हंगामे के चलते सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में राहगीर मौके पर रुक गए. लगभग आधे घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा. पुलिस अधिकारियों ने लगातार बातचीत कर प्रदर्शन कर रहे किन्नरों को शांत कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका.
थाना प्रभारी ने बताई हंगामे की वजह
राधानगर थाना प्रभारी श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि किन्नरों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट को लेकर एक मुकदमा राधानगर थाने और दूसरा थरियांव थाने में दर्ज है.
उन्होंने बताया कि थरियांव थाना पुलिस ने संबंधित मामले में एक किन्नर को गिरफ्तार किया था. कुछ किन्नरों को यह गलतफहमी हो गई कि गिरफ्तारी राधानगर पुलिस ने की है और उसी ने जेल भेजा है. इसी भ्रम के कारण थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने समझाकर सभी को शांत करा दिया और वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है.
नेग विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक यह विवाद थरियांव थाना क्षेत्र के टेकसारी बुजुर्ग गांव में 26 जून को आयोजित एक शादी समारोह के दौरान शुरू हुआ था. नेग लेने को लेकर दो किन्नर गुटों के बीच क्षेत्राधिकार (सीमा) को लेकर विवाद हो गया था.
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मुख्य आरोपी सरवन उर्फ श्रेया और उसके साथियों ने दूसरे गुट की चार किन्नरों दीपिका, पायल, अंजू और बड़ी दीपिका को जबरन कार में बैठाकर अपने घर ले गए. वहां उन्हें करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की गई.
पुलिस ने चारों किन्नरों को कराया था मुक्त
घटना की सूचना मिलने के बाद थरियांव और किशनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों बंधक किन्नरों को सुरक्षित मुक्त कराया. पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई.
मुख्य आरोपी सरवन उर्फ श्रेया गिरफ्तार
थरियांव थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी सरवन उर्फ श्रेया को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ भी जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी.