Fatehpur News: जंगल में पुलिस से घिरा 1 लाख का इनामिया भाजपा नेता बबलू सिंगरौर, मुठभेड़ में दोनों पैरों में लगी गोली
फतेहपुर में गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी और 1 लाख रुपये के इनामिया बबलू सिंगरौर को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. खागा क्षेत्र के जंगल में हुई कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी. आरोपी लंबे समय से फरार था और उस पर गैंगरेप, छेड़छाड़, आईटी एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के राजनीतिक रंग ले चुके गैंगरेप कांड का मुख्य आरोपी और भाजपा से जुड़ा बबलू सिंगरौर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया. खागा कोतवाली क्षेत्र के ससुर खदेरी नदी के पास जंगल में बुधवार देर रात हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक लाख के इनामी आरोपी बबलू सिंह उर्फ भूत को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस गिरफ्तारी के बाद जिले में लंबे समय से चल रही राजनीतिक और सामाजिक हलचल फिर तेज हो गई है.
ससुर खदेरी नदी के जंगल में देर रात चली गोलियां
फतेहपुर पुलिस बीते कई दिनों से फरार चल रहे बबलू सिंगरौर की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी. एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में खागा, हथगांव, थरियांव पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बुधवार रात संदिग्धों की तलाश में लगी रही. इसी दौरान ससुर खदेरी नदी के पास पुलिस को बबलू सिंगरौर की लोकेशन मिली.
पुलिस के मुताबिक घेराबंदी होते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. मौके से अवैध 315 बोर तमंचा, चार खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और नकदी बरामद की गई है.
गैंगरेप की वारदात ने पूरे जिले को हिला दिया था
इसके बाद युवराज ने युवती के साथ दुष्कर्म किया, जबकि बबलू और ललित पर छेड़छाड़ का आरोप लगा. घटना यहीं नहीं रुकी, बल्कि आरोपियों ने पूरी वारदात का अश्लील वीडियो भी बना लिया. मंगेतर के सामने हुई इस हैवानियत ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया था. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक मामला चर्चा में आ गया था.
पुलिस की लापरवाही के बाद एसपी ने संभाली कमान
घटना के अगले दिन पीड़िता शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्यशैली सवालों में घिर गई. आरोप लगा कि समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. मामला जब एसपी अभिमन्यु मांगलिक के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने तत्काल सख्त रुख अपनाया. पीड़िता की तहरीर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई.
इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को हाई प्रोफाइल अपराध मानते हुए कई जिलों और राज्यों तक दबिश अभियान चलाया. आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते पुलिस को लंबे समय तक सफलता नहीं मिल सकी. पहले 25 हजार, फिर 50 हजार और बाद में 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया.
सात टीमें, कई राज्यों में दबिश और फिर गिरफ्तारी
बबलू सिंगरौर की तलाश में पुलिस ने सात विशेष टीमें गठित की थीं. पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी शरण लेने की कोशिश कर रहा था. एसओजी और सर्विलांस टीम लगातार उसके मोबाइल नेटवर्क, सहयोगियों पर नजर बनाए हुए थी. इसी बीच बुधवार रात उसकी सटीक लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने खागा क्षेत्र के जंगल में ऑपरेशन शुरू किया. बताया जा रहा है कि पुलिस काफी समय से उसके करीबी नेटवर्क को ट्रैक कर रही थी.
बुलडोजर कार्रवाई और राजनीतिक घमासान से गरमाया मामला
प्रशासन ने आरोपी के गिरफ्तारी से पहले उसकी अवैध संपत्तियों पर भी बड़ा एक्शन लिया. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में करीब एक करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया था. आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई. वहीं इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मामले को संज्ञान में लेने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी इसे लेकर बयानबाजी शुरू हो गई थी.
Fatehpur News: जंगल में पुलिस से घिरा 1 लाख का इनामिया भाजपा नेता बबलू सिंगरौर, मुठभेड़ में दोनों पैरों में लगी गोली
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के राजनीतिक रंग ले चुके गैंगरेप कांड का मुख्य आरोपी और भाजपा से जुड़ा बबलू सिंगरौर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया. खागा कोतवाली क्षेत्र के ससुर खदेरी नदी के पास जंगल में बुधवार देर रात हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक लाख के इनामी आरोपी बबलू सिंह उर्फ भूत को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस गिरफ्तारी के बाद जिले में लंबे समय से चल रही राजनीतिक और सामाजिक हलचल फिर तेज हो गई है.
ससुर खदेरी नदी के जंगल में देर रात चली गोलियां
फतेहपुर पुलिस बीते कई दिनों से फरार चल रहे बबलू सिंगरौर की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी. एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में खागा, हथगांव, थरियांव पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बुधवार रात संदिग्धों की तलाश में लगी रही. इसी दौरान ससुर खदेरी नदी के पास पुलिस को बबलू सिंगरौर की लोकेशन मिली.
पुलिस के मुताबिक घेराबंदी होते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. मौके से अवैध 315 बोर तमंचा, चार खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और नकदी बरामद की गई है.
गैंगरेप की वारदात ने पूरे जिले को हिला दिया था
बीते 24 अप्रैल को खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के बाहर स्थित बाग में हुई घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी. पीड़िता अपने मंगेतर के साथ घूमने गई थी, तभी आरोपियों ने दोनों को रोक लिया. आरोप है कि बबलू सिंगरौर गैंग के युवराज सिंह और ललित सिंह ने युवती और उसके मंगेतर को बंधक बना लिया.
इसके बाद युवराज ने युवती के साथ दुष्कर्म किया, जबकि बबलू और ललित पर छेड़छाड़ का आरोप लगा. घटना यहीं नहीं रुकी, बल्कि आरोपियों ने पूरी वारदात का अश्लील वीडियो भी बना लिया. मंगेतर के सामने हुई इस हैवानियत ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया था. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक मामला चर्चा में आ गया था.
पुलिस की लापरवाही के बाद एसपी ने संभाली कमान
घटना के अगले दिन पीड़िता शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्यशैली सवालों में घिर गई. आरोप लगा कि समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. मामला जब एसपी अभिमन्यु मांगलिक के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने तत्काल सख्त रुख अपनाया. पीड़िता की तहरीर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई.
इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को हाई प्रोफाइल अपराध मानते हुए कई जिलों और राज्यों तक दबिश अभियान चलाया. आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते पुलिस को लंबे समय तक सफलता नहीं मिल सकी. पहले 25 हजार, फिर 50 हजार और बाद में 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया.
सात टीमें, कई राज्यों में दबिश और फिर गिरफ्तारी
बबलू सिंगरौर की तलाश में पुलिस ने सात विशेष टीमें गठित की थीं. पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी शरण लेने की कोशिश कर रहा था. एसओजी और सर्विलांस टीम लगातार उसके मोबाइल नेटवर्क, सहयोगियों पर नजर बनाए हुए थी. इसी बीच बुधवार रात उसकी सटीक लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने खागा क्षेत्र के जंगल में ऑपरेशन शुरू किया. बताया जा रहा है कि पुलिस काफी समय से उसके करीबी नेटवर्क को ट्रैक कर रही थी.
बुलडोजर कार्रवाई और राजनीतिक घमासान से गरमाया मामला
प्रशासन ने आरोपी के गिरफ्तारी से पहले उसकी अवैध संपत्तियों पर भी बड़ा एक्शन लिया. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में करीब एक करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया था. आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई. वहीं इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मामले को संज्ञान में लेने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी इसे लेकर बयानबाजी शुरू हो गई थी.