गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिन टोल फ्री सफर: मई के दूसरे हफ्ते तक मुफ्त यात्रा, बाइक चालकों से भी वसूला जाएगा टैक्स
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उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक टोल फ्री यात्रा की घोषणा की है. मई के दूसरे हफ्ते तक लोग बिना शुल्क सफर कर सकेंगे. हालांकि भविष्य में बाइक और अन्य वाहनों पर तय दर से टोल लिया जाएगा. यह फैसला एक्सप्रेसवे को आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए लिया गया है.
Ganga Expressway Bike Toll: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस एक्सप्रेसवे को 15 दिनों के लिए टोल फ्री कर दिया गया है, जिससे आम लोग बिना किसी शुल्क के इसकी आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार का अनुभव कर सकेंगे. यह कदम जनता के बीच एक्सप्रेसवे की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
टोल फ्री सफर से जनता को मिलेगा सीधा फायदा
गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी. इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहन से यात्रा करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस एक्सप्रेसवे पर सफर करें और इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और हाई-स्पीड अनुभव को करीब से समझ सकें. शुरुआती चरण में टोल माफ करने का यह फैसला जनता के बीच विश्वास बढ़ाने और इस प्रोजेक्ट को लोकप्रिय बनाने के लिए उठाया गया कदम है. इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
सीएम योगी के निर्देश पर यूपीडा ने जारी किए आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टोल वसूली पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए. यूपीडा ने परियोजना से जुड़ी कंपनियों आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर को स्पष्ट आदेश दिया है कि 15 दिनों तक किसी भी वाहन से टोल शुल्क न लिया जाए. यह निर्णय राज्य सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पहले जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जाता है और फिर नियमित संचालन शुरू किया जाता है.
594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बदलेगा यात्रा का अनुभव
मेरठ से प्रयागराज तक फैला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है. यह 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय 10-12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा. यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई गति देगी.
टोल दरें तय, बाइक चालकों को भी देना होगा शुल्क
हालांकि फिलहाल 15 दिनों तक यात्रा मुफ्त रहेगी, लेकिन इसके बाद सभी वाहनों पर तय टोल दरें लागू हो जाएंगी. शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर चालकों को 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल देना होगा. वहीं कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है. हल्के वाणिज्यिक वाहनों और छोटी बसों के लिए 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर का शुल्क निर्धारित किया गया है. बाइक चालकों पर टोल लगाने का फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है.
पीपीपी मॉडल पर बना एक्सप्रेसवे, 27 साल तक वसूला जाएगा टोल
गंगा एक्सप्रेसवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया गया है. इस परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्त और संचालन के डीबीएफओटी मॉडल पर तैयार किया गया है. इसके तहत निर्माण करने वाली कंपनियों को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है. हालांकि 15 दिन की टोल छूट के दौरान होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार या यूपीडा द्वारा तय प्रावधानों के तहत की जाएगी. इस मॉडल से सरकार पर वित्तीय बोझ कम होता है और परियोजना तेजी से पूरी हो पाती है.
एक्सप्रेसवे से जुड़े रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सख्ती
यूपीडा ने साफ किया है कि टोल फ्री अवधि के दौरान भी एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और रखरखाव के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा. सरकार चाहती है कि जब लोग इस एक्सप्रेसवे पर सफर करें तो उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. यही कारण है कि मुफ्त यात्रा के बावजूद संचालन में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
03 May 2026 By Vishwa Deepak Awasthi
गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिन टोल फ्री सफर: मई के दूसरे हफ्ते तक मुफ्त यात्रा, बाइक चालकों से भी वसूला जाएगा टैक्स
Ganga Expressway Bike Toll: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस एक्सप्रेसवे को 15 दिनों के लिए टोल फ्री कर दिया गया है, जिससे आम लोग बिना किसी शुल्क के इसकी आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार का अनुभव कर सकेंगे. यह कदम जनता के बीच एक्सप्रेसवे की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
टोल फ्री सफर से जनता को मिलेगा सीधा फायदा
गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी. इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहन से यात्रा करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस एक्सप्रेसवे पर सफर करें और इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और हाई-स्पीड अनुभव को करीब से समझ सकें. शुरुआती चरण में टोल माफ करने का यह फैसला जनता के बीच विश्वास बढ़ाने और इस प्रोजेक्ट को लोकप्रिय बनाने के लिए उठाया गया कदम है. इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
सीएम योगी के निर्देश पर यूपीडा ने जारी किए आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टोल वसूली पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए. यूपीडा ने परियोजना से जुड़ी कंपनियों आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर को स्पष्ट आदेश दिया है कि 15 दिनों तक किसी भी वाहन से टोल शुल्क न लिया जाए. यह निर्णय राज्य सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पहले जनता के बीच लोकप्रिय बनाया जाता है और फिर नियमित संचालन शुरू किया जाता है.
594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बदलेगा यात्रा का अनुभव
मेरठ से प्रयागराज तक फैला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है. यह 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय 10-12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा. यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई गति देगी.
टोल दरें तय, बाइक चालकों को भी देना होगा शुल्क
हालांकि फिलहाल 15 दिनों तक यात्रा मुफ्त रहेगी, लेकिन इसके बाद सभी वाहनों पर तय टोल दरें लागू हो जाएंगी. शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर चालकों को 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल देना होगा. वहीं कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है. हल्के वाणिज्यिक वाहनों और छोटी बसों के लिए 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर का शुल्क निर्धारित किया गया है. बाइक चालकों पर टोल लगाने का फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है.
पीपीपी मॉडल पर बना एक्सप्रेसवे, 27 साल तक वसूला जाएगा टोल
गंगा एक्सप्रेसवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया गया है. इस परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्त और संचालन के डीबीएफओटी मॉडल पर तैयार किया गया है. इसके तहत निर्माण करने वाली कंपनियों को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है. हालांकि 15 दिन की टोल छूट के दौरान होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार या यूपीडा द्वारा तय प्रावधानों के तहत की जाएगी. इस मॉडल से सरकार पर वित्तीय बोझ कम होता है और परियोजना तेजी से पूरी हो पाती है.
एक्सप्रेसवे से जुड़े रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सख्ती
यूपीडा ने साफ किया है कि टोल फ्री अवधि के दौरान भी एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और रखरखाव के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा. सरकार चाहती है कि जब लोग इस एक्सप्रेसवे पर सफर करें तो उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. यही कारण है कि मुफ्त यात्रा के बावजूद संचालन में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
⊕ https://www.yugantarpravah.com/uttar-pradesh/lucknow/ganga-expressway-toll-free-15-days-bike-toll/article-8878
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