
Fatehpur News: 10 रुपये छीनने के विवाद में युवक का सिर फोड़ा, 12 साल बाद अदालत ने सुनाई 5 साल की सजा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में महज 10 रुपये को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर डंडे से जानलेवा हमला किया गया था. हमले में युवक के सिर की हड्डी टूट गई थी. करीब 12 साल पुराने इस मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
Fatehpur News: महज 10 रुपये के विवाद ने एक युवक को अस्पताल पहुंचा दिया था. रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए डंडे से ऐसा हमला किया कि युवक के सिर की हड्डी तक टूट गई. इस मामले में करीब 12 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है. दोषी को पांच साल की जेल और जुर्माने की सजा दी गई है.
10 रुपये छीनने के बाद शुरू हुआ था विवाद
मामला फतेहपुर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर बिलारी गांव का है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गांव निवासी अमोद अवस्थी का बेटा अनुज कुमार 13 सितंबर 2014 की शाम प्राथमिक विद्यालय के पास खड़ा था. इसी दौरान गांव का ही रहने वाला नीरज कुमार प्रजापति पुत्र इंद्रपाल वहां पहुंचा.
आरोप है कि नीरज ने अनुज के हाथ से 10 रुपये छीन लिए. जब अनुज ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी नाराज हो गया और उसके साथ गाली-गलौज करने लगा. अनुज ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया.
डंडे से हमला कर फोड़ दिया था युवक का सिर
आठ गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला
मुकदमे की सुनवाई के दौरान घायल अनुज कुमार समेत कुल आठ गवाहों ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए. सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने गवाहों से जिरह की और अपने-अपने पक्ष में दलीलें पेश कीं.
अदालत में घायल की मेडिकल रिपोर्ट, उसकी गवाही और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को अहम माना गया. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नीरज कुमार प्रजापति को दोषी ठहराया.
अदालत ने सुनाई पांच साल की कठोर सजा
शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-एक की न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने इस मामले में फैसला सुनाया. अदालत ने दोषी नीरज कुमार प्रजापति को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही उस पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माने की रकम जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. शासकीय अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया.
