
Fatehpur News: फतेहपुर में खेत की मेड़ पर घास रखने को लेकर हुआ था विवाद ! मामा-भांजे समेत 3 को 10-10 साल की सजा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में खेत की मेड़ पर घास रखने को लेकर हुए विवाद में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. गैरइरादतन हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो ने मामा-भांजे समेत तीन आरोपियों को 10-10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है. अदालत ने तीनों दोषियों पर 54-54 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
Fatehpur News: फतेहपुर में खेत की मेड़ पर घास रखने जैसी मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया था. करीब 14 साल पुराने इस मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है. फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम की अदालत ने मामा-भांजे समेत तीन लोगों को 10-10 साल की कठोर कैद और जुर्माने का आदेश दिया है.
खेत की मेड़ पर घास रखने को लेकर हुआ था विवाद
शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह के मुताबिक, मामला हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव का है. गांव निवासी कल्लू और राजू के बीच पहले से रंजिश चली आ रही थी.
11 अगस्त 2012 की शाम कल्लू अपने मुर्गी फार्म के पास खेत की मेड़ पर छिली हुई घास रख रहा था. इसी दौरान राजू अपने साथी संजय सिंह पुत्र बुद्धा सिंह और अपने भांजे नीरज उर्फ नीलम पुत्र दिनेश सिंह के साथ मौके पर पहुंच गया.
गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गए थे आरोपी
हमले में कल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया. आरोप है कि हमलावर उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए. परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से घायल कल्लू को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी.
अस्पताल में इलाज के दौरान कल्लू की मौत हो गई. इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया. मामले में मृतक की पत्नी विमला देवी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
दर्ज किया था मुकदमा, कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट
विमला देवी की शिकायत पर हुसैनगंज पुलिस ने राजू, संजय सिंह और नीरज उर्फ नीलम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए और विवेचना पूरी होने के बाद अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया. कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं और घटना से जुड़े तथ्यों तथा साक्ष्यों को न्यायालय के सामने रखा गया.
आठ गवाहों के बयान के बाद अदालत ने सुनाया फैसला
मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादिनी विमला देवी समेत कुल आठ गवाहों ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए. अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य पेश किए, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने भी अपनी दलीलें रखीं.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने तीनों आरोपियों को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी करार दिया.
मामा-भांजे समेत तीनों दोषियों को 10-10 साल की कैद
अदालत ने मामले में राजू, संजय सिंह और नीरज उर्फ नीलम को 10-10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई. इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 54-54 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. करीब 14 साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के बाद मृतक कल्लू के परिवार को राहत मिली है.
