Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UP News In Hindi: माना कसूर हमारा है ये सारा कछार तुम्हारा है ! "राजन" की लिखी ये कविता मानव और प्रकृति की संवेदना को कैसे दर्शाती है?

UP News In Hindi: माना कसूर हमारा है ये सारा कछार तुम्हारा है !
मां गंगा पर लिखी सुरेश कुमार तिवारी "राजन" की कविता (Rajan Photo): Image Credit Original Source

Hindi Kavita Ganga

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) के रहने वाले कवि राजन (Rajan) की बाढ़ (Flood) पर लिखी कविता मानवीय संवेदनाओं और प्रकृति से खिलवाड़ को दर्शाती है.

UP Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से बहुत सारे लोग प्रभावित हो रहे हैं. निरंतर बढ़ रहे जलस्तर ने कछार को अपने आगोश में ले लिया है.

गंगा (Ganga) के बिकराल स्वरूप को देखकर लोग अपना स्थान बदल कर दूर बस गए हैं. ऐसे में गंगा और बाढ़ (Flood In UP) पर कवि "राजन" की कविता मानवीय संवेदनाओं और प्रकृति से खिलवाड़ को कैसे दर्शाती है.

मूलरूप से फतेहपुर (Fatehpur) के रहने वाले सुरेश कुमार तिवारी "राजन" प्रयागराज में रखकर शिक्षण कार्य और कविता का मंचन करते हैं.

युगान्तर प्रवाह से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी गंगा और बाढ़ पर लिखी कविता साल 2013 की त्रासदी को दर्शाती है. चारो ओर जलभराव से कछार के आस-पास का इलाका पूरी तरह से डूब चुका था सड़क पर नाव से लोग आवागमन कर रहे थे.

Read More: उत्तर प्रदेश में मौसम का बड़ा पलटवार: भीषण गर्मी के बीच आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, कई जिलों में खतरे की चेतावनी

उत्तराखंड में भी त्राहि मची हुई थी. राजन कहते हैं कि तब मां गंगा से बिनती करते हुए इस कविता को लिखा था जो बहुत प्रासंगिक हुई थी. 

Read More: Uttar Pradesh: यूपी के ग्राम प्रधानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा ! प्रदेश में पहली बार लागू हुई व्यवस्था

गंगा बाढ़ मानव और संवेदनाएं

है बाढ़ नदी में आयी

Read More: Lucknow News: पूर्व एआरटीओ के घर विजिलेंस का छापा ! 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी सहित करोड़ों का कैश बरामद

मुशीबत का संदेशा लायी

बसे गाँव जो इसके तट पर 

उनमें दहशत छाई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

बढ़ रहा निरंतर जल स्तर

छू रही किनारा रह-रह कर

यह देख नजारा नदिया का 

लोगों में मायूसी छाई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

माँ गंगे नाम तुम्हारा है 

पापियों को तुमने तारा है

रुक जाओ माँ अब उसी जगह

आसियाने में आफ़त आई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

माना कसूर हमारा है 

ये सारा कछार तुम्हारा है

है लाज तुम्हारे हाथों में 

अब दया करो माई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

नर अपनी सीमा समझो तुम 

ज्यादा अतिक्रमण करो न तुम

अपने प्रवाह क्षेत्र में आकर

मैं एहसास कराने आई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

खिलवाड़ प्रकृति से जो करता

राजन दंड उसे मिलता

अब तो संभलो भाई 

है बाढ़ नदी में आयी... !!

कवि लेखक सुरेश कुमार तिवारी "राजन" (c)

05 Aug 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

UP News In Hindi: माना कसूर हमारा है ये सारा कछार तुम्हारा है ! "राजन" की लिखी ये कविता मानव और प्रकृति की संवेदना को कैसे दर्शाती है?

Hindi Kavita Ganga

UP Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से बहुत सारे लोग प्रभावित हो रहे हैं. निरंतर बढ़ रहे जलस्तर ने कछार को अपने आगोश में ले लिया है.

गंगा (Ganga) के बिकराल स्वरूप को देखकर लोग अपना स्थान बदल कर दूर बस गए हैं. ऐसे में गंगा और बाढ़ (Flood In UP) पर कवि "राजन" की कविता मानवीय संवेदनाओं और प्रकृति से खिलवाड़ को कैसे दर्शाती है.

मूलरूप से फतेहपुर (Fatehpur) के रहने वाले सुरेश कुमार तिवारी "राजन" प्रयागराज में रखकर शिक्षण कार्य और कविता का मंचन करते हैं.

युगान्तर प्रवाह से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी गंगा और बाढ़ पर लिखी कविता साल 2013 की त्रासदी को दर्शाती है. चारो ओर जलभराव से कछार के आस-पास का इलाका पूरी तरह से डूब चुका था सड़क पर नाव से लोग आवागमन कर रहे थे.

उत्तराखंड में भी त्राहि मची हुई थी. राजन कहते हैं कि तब मां गंगा से बिनती करते हुए इस कविता को लिखा था जो बहुत प्रासंगिक हुई थी. 

गंगा बाढ़ मानव और संवेदनाएं

है बाढ़ नदी में आयी

मुशीबत का संदेशा लायी

बसे गाँव जो इसके तट पर 

उनमें दहशत छाई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

बढ़ रहा निरंतर जल स्तर

छू रही किनारा रह-रह कर

यह देख नजारा नदिया का 

लोगों में मायूसी छाई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

माँ गंगे नाम तुम्हारा है 

पापियों को तुमने तारा है

रुक जाओ माँ अब उसी जगह

आसियाने में आफ़त आई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

माना कसूर हमारा है 

ये सारा कछार तुम्हारा है

है लाज तुम्हारे हाथों में 

अब दया करो माई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

नर अपनी सीमा समझो तुम 

ज्यादा अतिक्रमण करो न तुम

अपने प्रवाह क्षेत्र में आकर

मैं एहसास कराने आई

है बाढ़ नदी में आयी... !!

खिलवाड़ प्रकृति से जो करता

राजन दंड उसे मिलता

अब तो संभलो भाई 

है बाढ़ नदी में आयी... !!

कवि लेखक सुरेश कुमार तिवारी "राजन" (c)

Latest News

Fatehpur News: फतेहपुर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, दो अस्पताल और क्लीनिक सीज, अवैध संचालन पर कसा शिकंजा Fatehpur News: फतेहपुर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, दो अस्पताल और क्लीनिक सीज, अवैध संचालन पर कसा शिकंजा
फतेहपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रेमनगर और भादर क्षेत्र में...
Uttar Pradesh Circle Rate: यूपी में बदलने जा रहे सर्किल रेट के नियम, अब 3 मीटर चौड़ी गलियों की संपत्तियों का भी होगा अलग मूल्यांकन
Sonam Wangchuk Hunger Strike: संसद मार्च से पहले सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान, अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें
Gold-Silver Rate In India: पश्चिम एशिया तनाव के बीच कितना महंगा और हुआ सोने-चांदी दाम, जानिए आज का भाव
Fatehpur UP News: फतेहपुर के इस मार्ग पर खर्च होंगे 18 करोड़ ! जर्जर सड़क से जल्द मिलेगी राहत, जानिए प्रस्ताव
आज का राशिफल 20 जुलाई 2026: इन राशियों के जातकों का बन रहा है तरक्की का योग, जानिए दैनिक भाग्यफल
Fatehpur News: थरियांव को नगर पंचायत बनाने की उठी मांग, पूर्व विधायक विक्रम सिंह ने DM को सौंपा ज्ञापन

Follow Us