Fatehpur News: फतेहपुर में डीएम ऑफिस के बाहर महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, न्याय के लिए दर-दर भटकी लीलावती
फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने डीएम कार्यालय के सामने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया. महिला का आरोप है कि सगे भाइयों के साथ चल रहे संपत्ति विवाद में उसे कहीं न्याय नहीं मिला. सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से उसकी जान बच गई और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में न्याय की उम्मीद लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही एक महिला की पीड़ा बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में खुलकर सामने आ गई. संपत्ति विवाद से परेशान लीलावती ने डीएम कार्यालय के बाहर खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की. हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया.
डीएम कार्यालय के सामने अचानक उठाया आत्मघाती कदम
जानकारी के मुताबिक खागा कोतवाली क्षेत्र के बोधी का पुरवा गांव निवासी शिवचरन की पत्नी लीलावती बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं. बताया जा रहा है कि वह सीधे डीएम कार्यालय के सामने पहुंचीं और अपने ऊपर डीजल डाल लिया. इसके बाद माचिस जलाकर खुद को आग लगाने की कोशिश की.

अविवाहित भाई के इलाज के लिए लिया था लोन
महिला ने को बताया कि शादी के कुछ समय बाद वह अपने पति और बच्चों के साथ खागा क्षेत्र के हसनपुर अकोढ़िया गांव में अपने अविवाहित भाई प्रमोद के घर रहने लगी थी. इसी दौरान उसका भाई गंभीर रूप से बीमार हो गया. लीलावती का कहना है कि भाई के इलाज के लिए उसने स्वयं सहायता समूह से ऋण लिया और इलाज पर काफी धन खर्च किया.
परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन बीमारी के चलते प्रमोद की मौत हो गई. भाई की मृत्यु के बाद महिला अपने परिवार के साथ उसी मकान में रह रही थी और यहीं से विवाद की शुरुआत हुई.
भाई की मौत के बाद संपत्ति को लेकर बढ़ा विवाद
लीलावती के अनुसार, भाई की मौत के बाद उसके अन्य सगे भाइयों ने मृतक प्रमोद के मकान और संपत्ति में हिस्सा मांगना शुरू कर दिया. इसी बात को लेकर परिवार के भीतर तनाव बढ़ता गया. महिला का आरोप है कि जब वह घर पर मौजूद नहीं थी तब कुछ लोगों ने मकान का ताला तोड़कर घर में घुस गए.
इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और गहरा गया. महिला का कहना है कि उसने कई बार मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस से की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली. लगातार विवाद ने उसके परिवार को भी मानसिक रूप से परेशान कर दिया.
न्याय के लिए दर-दर भटकती रही लीलावती
पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय पाने के लिए थाने, चौकी और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही थी. हर बार उसे कार्रवाई का भरोसा तो मिला, लेकिन कुछ हुआ नहीं. महिला का आरोप है कि उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण वह खुद को असहाय महसूस करने लगी थी. इसलिए उसने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करने का फैसला किया.
जांच में जुटा प्रशासन, एएसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान लिए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि संपत्ति विवाद और महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.
Fatehpur News: फतेहपुर में डीएम ऑफिस के बाहर महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, न्याय के लिए दर-दर भटकी लीलावती
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में न्याय की उम्मीद लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही एक महिला की पीड़ा बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में खुलकर सामने आ गई. संपत्ति विवाद से परेशान लीलावती ने डीएम कार्यालय के बाहर खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की. हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया.
डीएम कार्यालय के सामने अचानक उठाया आत्मघाती कदम
जानकारी के मुताबिक खागा कोतवाली क्षेत्र के बोधी का पुरवा गांव निवासी शिवचरन की पत्नी लीलावती बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं. बताया जा रहा है कि वह सीधे डीएम कार्यालय के सामने पहुंचीं और अपने ऊपर डीजल डाल लिया. इसके बाद माचिस जलाकर खुद को आग लगाने की कोशिश की.
अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कलेक्ट्रेट में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए महिला को रोक लिया और आत्मदाह की कोशिश को नाकाम कर दिया. कुछ ही देर में पूरे परिसर में घटना की चर्चा फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए.
अविवाहित भाई के इलाज के लिए लिया था लोन
महिला ने को बताया कि शादी के कुछ समय बाद वह अपने पति और बच्चों के साथ खागा क्षेत्र के हसनपुर अकोढ़िया गांव में अपने अविवाहित भाई प्रमोद के घर रहने लगी थी. इसी दौरान उसका भाई गंभीर रूप से बीमार हो गया. लीलावती का कहना है कि भाई के इलाज के लिए उसने स्वयं सहायता समूह से ऋण लिया और इलाज पर काफी धन खर्च किया.
परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन बीमारी के चलते प्रमोद की मौत हो गई. भाई की मृत्यु के बाद महिला अपने परिवार के साथ उसी मकान में रह रही थी और यहीं से विवाद की शुरुआत हुई.
भाई की मौत के बाद संपत्ति को लेकर बढ़ा विवाद
लीलावती के अनुसार, भाई की मौत के बाद उसके अन्य सगे भाइयों ने मृतक प्रमोद के मकान और संपत्ति में हिस्सा मांगना शुरू कर दिया. इसी बात को लेकर परिवार के भीतर तनाव बढ़ता गया. महिला का आरोप है कि जब वह घर पर मौजूद नहीं थी तब कुछ लोगों ने मकान का ताला तोड़कर घर में घुस गए.
इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और गहरा गया. महिला का कहना है कि उसने कई बार मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस से की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली. लगातार विवाद ने उसके परिवार को भी मानसिक रूप से परेशान कर दिया.
न्याय के लिए दर-दर भटकती रही लीलावती
पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय पाने के लिए थाने, चौकी और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही थी. हर बार उसे कार्रवाई का भरोसा तो मिला, लेकिन कुछ हुआ नहीं. महिला का आरोप है कि उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण वह खुद को असहाय महसूस करने लगी थी. इसलिए उसने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करने का फैसला किया.
जांच में जुटा प्रशासन, एएसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान लिए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि संपत्ति विवाद और महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.