
Fatehpur News: खनन क्षेत्रों के थानों के लिए लगती है लाखों की बोली ! फंटियों से तय होती है वसूली, ग़ज़ब का सिस्टम है
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एटीएफ की कार्रवाई के बाद खनन माफिया, पुलिस और अफसरों की सांठगांठ उजागर हो रही है. खनन क्षेत्रों के थानों पर लाखों की बोली लगने और फंटियों के जरिए वसूली तय होने का खेल सालों से चल रहा है. इस क्षेत्रों में थानेदारी के लिए लोग गणेश परिक्रमा भी करते हैं और देखते ही देखते अकूत संपत्तियों के मालिक बन जाते हैं.
UP Fatehpur STF Action: यूपी के फतेहपुर में एटीएफ की कड़ी कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन से लेकर पुलिस तंत्र तक हलचल मच गई है. एआरटीओ, पीटीओ और खनन अधिकारी के खिलाफ मुकदमा होने के बाद पुलिस महकमें की परतें भी खुलनी शुरू हो गईं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खनन क्षेत्रों के थानों में थानेदारी पाने के लिए पुलिसकर्मी कैसे गणेश परिक्रमा करते हैं. फंटियों के जरिए (जब किसी व्यक्ति विशेष के कई ट्रक होते हैं तो उनके नाम को फंटियों के जरिए पहचाना जाता है) वसूली बांटने का पुराना खेल एक बार फिर चर्चा में है.
लाखों बजट में तय होते हैं थाने, ललौली की बड़ी बोली

कई सूत्र बताते हैं कि यह नेटवर्क सालों से चलता आ रहा है और इसमें ऊपर तक हिस्सा जाता है. ललौली थाना सबसे अधिक ‘रेवेन्यू थाना’ माना जाता है. यहां की खदानों से निकलने वाले ट्रकों पर रात के समय लाखों की वसूली होती है. इसी वजह से कुछ इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर केवल इसी सीजन में इन थानों की पोस्टिंग पाने के लिए मंत्री, विधायकों और बड़े अधिकारियों तक सिफारिशें करवाते हैं.
खनन शुरू होते ही बढ़ जाती है थानेदारी की होड़

खनन क्षेत्र में तैनात रहे कई थानेदारों की संपत्तियों पर उठे सवाल
एटीएफ-STF की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में घबराहट. कई थानेदार बदले


