Shiksha Mitra News: पिता नहीं रहे, लेकिन अकेला नहीं है परिवार, शिक्षामित्र की बेटी की शादी के लिए साथियों ने बढ़ाया हाथ
फतेहपुर के बिंदकी क्षेत्र के अलियाबाद गांव में आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्र व बीएलओ अखिलेश कुमार सविता के परिवार के साथ शिक्षक और शिक्षामित्र संगठन मजबूती से खड़े नजर आए. बेटी की शादी से ठीक पहले संगठनों के पदाधिकारियों ने घर पहुंचकर 2.48 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर परिवार को सहारा दिया.
UP Shiksha Mitra News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अलियाबाद गांव में एक दुखद घटना के बाद इंसानियत और साथीपन की मिसाल देखने को मिली. एसआईआर कार्य के दबाव में आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्र व बीएलओ अखिलेश कुमार सविता की बेटी की शादी 8 मार्च को होनी है. पिता की मौत के बाद परिवार गहरे संकट में था, लेकिन ऐसे समय में शिक्षामित्र और शिक्षक संगठनों ने आगे आकर आर्थिक सहयोग देकर परिवार को यह भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं.
स्कूल के कमरे में मिला था शिक्षामित्र अखिलेश का शव
बिंदकी तहसील क्षेत्र के अलियाबाद गांव में बीते सप्ताह घटी इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. गांव के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षामित्र और बीएलओ अखिलेश कुमार सविता ने विद्यालय के एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए.
अखिलेश कुमार अपने परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा थे. परिवार की जिम्मेदारियां और सामाजिक दायित्व उनके कंधों पर थे. उनकी अचानक मौत ने घर में मातम और असहायता का माहौल पैदा कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद जिम्मेदार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, इसलिए उनकी मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया.
सुसाइड नोट में बेटी की शादी और काम के दबाव की पीड़ा
बेटी की शादी से पहले संगठनों ने दी 2.48 लाख की मदद
अखिलेश कुमार की मौत के बाद सबसे बड़ी चिंता उनकी बेटी की शादी को लेकर थी. ऐसे समय में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार की मदद का फैसला किया.
शनिवार को दोनों संगठनों के पदाधिकारी अलियाबाद गांव पहुंचे और दिवंगत शिक्षामित्र के घर जाकर परिवार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने परिवार को 2 लाख 48 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. यह सहयोग खास तौर पर 8 मार्च को होने वाली बेटी की शादी के लिए दिया गया. इस मदद से परिवार को आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक सहारा भी मिला.
संगठनों ने कहा, परिवार के साथ खड़ा है पूरा शिक्षक समाज
मदद देने पहुंचे संगठनों के पदाधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि शिक्षामित्र और शिक्षक समाज हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल एक आर्थिक मदद नहीं बल्कि साथी के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है.
परिवार के लोगों ने भी इस सहयोग के लिए संगठनों का आभार जताया. ग्रामीणों का कहना था कि जिस तरह से शिक्षामित्र और शिक्षक संगठन आगे आए हैं, उससे परिवार को बड़ी राहत मिली है. दुख की इस घड़ी में जब परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा था, तब साथियों का यह सहयोग उनके लिए एक मजबूत सहारा बन गया.
शिक्षामित्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर उठी आवाज
इस मौके पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ लगातार दुर्व्यवहार हो रहा है और उन पर काम का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां इतनी कठिन हो जाती हैं कि शिक्षामित्र मानसिक रूप से टूटने लगते हैं.
उन्होंने कहा कि अखिलेश कुमार की मौत केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे शिक्षामित्र समाज के लिए गंभीर चेतावनी है. प्रशासन को इस दिशा में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. संगठन ने कहा कि वह अपने हर साथी और उसके परिवार के साथ खड़ा रहेगा.
इस दौरान शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष सुशील तिवारी, जिला संरक्षक पुष्पराज सिंह, जिला महामंत्री विजय तिपाठी, ओम पटेल, जिला संयुक्त मंत्री ब्लॉक अध्यक्ष मलवा विशाल शुक्ला, ब्लॉक विजय त्रिपाठी, जिला मंत्री संदीप सचान, रामनरेश, उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षा शिक्षक संघ मलवा एस के साहू, जितेंद्र वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष देवमई नीरज उत्तम, चमन सिंह, पवन कुमार, योगेंद्र कुमार, दिनेश सिंह, विजय सिंह, गौर शिव सिंह, अरुण कुमार, शिव कुमार यादव और रविंद्र पटेल सहित कई लोग मौजूद रहे.
Shiksha Mitra News: पिता नहीं रहे, लेकिन अकेला नहीं है परिवार, शिक्षामित्र की बेटी की शादी के लिए साथियों ने बढ़ाया हाथ
UP Shiksha Mitra News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अलियाबाद गांव में एक दुखद घटना के बाद इंसानियत और साथीपन की मिसाल देखने को मिली. एसआईआर कार्य के दबाव में आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्र व बीएलओ अखिलेश कुमार सविता की बेटी की शादी 8 मार्च को होनी है. पिता की मौत के बाद परिवार गहरे संकट में था, लेकिन ऐसे समय में शिक्षामित्र और शिक्षक संगठनों ने आगे आकर आर्थिक सहयोग देकर परिवार को यह भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं.
स्कूल के कमरे में मिला था शिक्षामित्र अखिलेश का शव
बिंदकी तहसील क्षेत्र के अलियाबाद गांव में बीते सप्ताह घटी इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. गांव के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षामित्र और बीएलओ अखिलेश कुमार सविता ने विद्यालय के एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए.
अखिलेश कुमार अपने परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा थे. परिवार की जिम्मेदारियां और सामाजिक दायित्व उनके कंधों पर थे. उनकी अचानक मौत ने घर में मातम और असहायता का माहौल पैदा कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद जिम्मेदार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, इसलिए उनकी मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया.
सुसाइड नोट में बेटी की शादी और काम के दबाव की पीड़ा
घटना के बाद पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था. इस नोट में अखिलेश कुमार ने अपनी बेटी की शादी और प्रशासनिक दबाव का जिक्र किया था. उन्होंने लिखा था कि उनकी बेटी की शादी 8 मार्च को तय है, लेकिन एसआईआर के काम का लगातार दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी लिखा कि छुट्टी नहीं मिलने के कारण वह अपनी बेटी की शादी की तैयारियां भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं. यह चिंता उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रही थी. अपनी बेटी की जिम्मेदारी और बढ़ते काम के दबाव के बीच वह खुद को बेहद असहाय महसूस कर रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह कठोर कदम उठा लिया.
बेटी की शादी से पहले संगठनों ने दी 2.48 लाख की मदद
अखिलेश कुमार की मौत के बाद सबसे बड़ी चिंता उनकी बेटी की शादी को लेकर थी. ऐसे समय में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार की मदद का फैसला किया.
शनिवार को दोनों संगठनों के पदाधिकारी अलियाबाद गांव पहुंचे और दिवंगत शिक्षामित्र के घर जाकर परिवार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने परिवार को 2 लाख 48 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. यह सहयोग खास तौर पर 8 मार्च को होने वाली बेटी की शादी के लिए दिया गया. इस मदद से परिवार को आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक सहारा भी मिला.
संगठनों ने कहा, परिवार के साथ खड़ा है पूरा शिक्षक समाज
मदद देने पहुंचे संगठनों के पदाधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि शिक्षामित्र और शिक्षक समाज हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल एक आर्थिक मदद नहीं बल्कि साथी के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है.
परिवार के लोगों ने भी इस सहयोग के लिए संगठनों का आभार जताया. ग्रामीणों का कहना था कि जिस तरह से शिक्षामित्र और शिक्षक संगठन आगे आए हैं, उससे परिवार को बड़ी राहत मिली है. दुख की इस घड़ी में जब परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा था, तब साथियों का यह सहयोग उनके लिए एक मजबूत सहारा बन गया.
शिक्षामित्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर उठी आवाज
इस मौके पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ लगातार दुर्व्यवहार हो रहा है और उन पर काम का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां इतनी कठिन हो जाती हैं कि शिक्षामित्र मानसिक रूप से टूटने लगते हैं.
उन्होंने कहा कि अखिलेश कुमार की मौत केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे शिक्षामित्र समाज के लिए गंभीर चेतावनी है. प्रशासन को इस दिशा में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. संगठन ने कहा कि वह अपने हर साथी और उसके परिवार के साथ खड़ा रहेगा.
इस दौरान शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष सुशील तिवारी, जिला संरक्षक पुष्पराज सिंह, जिला महामंत्री विजय तिपाठी, ओम पटेल, जिला संयुक्त मंत्री ब्लॉक अध्यक्ष मलवा विशाल शुक्ला, ब्लॉक विजय त्रिपाठी, जिला मंत्री संदीप सचान, रामनरेश, उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षा शिक्षक संघ मलवा एस के साहू, जितेंद्र वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष देवमई नीरज उत्तम, चमन सिंह, पवन कुमार, योगेंद्र कुमार, दिनेश सिंह, विजय सिंह, गौर शिव सिंह, अरुण कुमार, शिव कुमार यादव और रविंद्र पटेल सहित कई लोग मौजूद रहे.