UP Weather News: यूपी में कुदरत का करिश्मा ! मार्च बना दिसंबर, कई जिलों में छाया भयंकर कोहरा
उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में मौसम ने चौंकाने वाली करवट ली. कई जिलों में अचानक घना कोहरा छा गया और दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई. यातायात प्रभावित हुआ, कन्नौज में हादसा हुआ और यूपी बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ी. किसानों की चिंता भी बढ़ गई.
UP Weather News: उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में मौसम ने ऐसा अप्रत्याशित रूप दिखाया कि लोगों को दिसंबर की कड़कड़ाती सर्दी याद आ गई. मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में अचानक घना कोहरा छा गया और दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई. हाईवे से लेकर गांव की सड़कों तक वाहन हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए. अचानक बदले इस मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया, वहीं यातायात और जनजीवन पर भी इसका सीधा असर पड़ा.
मैनपुरी और एटा में सुबह छाई कोहरे की मोटी चादर
मैनपुरी जिले के किशनी और बेवर क्षेत्रों में मंगलवार सुबह लोगों की नींद ऐसे मौसम के साथ खुली, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. चारों तरफ घने कोहरे की सफेद चादर फैली हुई थी. मार्च के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार सुबह-सुबह दिसंबर जैसी ठंड का अहसास हुआ. समय के साथ कोहरा और घना होता गया और कई जगहों पर दृश्यता मात्र 10 से 12 मीटर तक रह गई.
वाहन चालकों को मजबूरन हेडलाइट जलाकर बहुत धीमी गति से वाहन चलाने पड़े. एटा के जैथरा कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला. स्थानीय लोगों ने इसे कुदरत का करिश्मा बताया क्योंकि मार्च में इस तरह का घना कोहरा बेहद दुर्लभ माना जाता है.
हाईवे पर थमी रफ्तार, कन्नौज में हुआ सड़क हादसा
इस हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया. आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उसे निजी वाहन से 100 शैया अस्पताल छिबरामऊ पहुंचाया. कई जगहों पर सुबह के समय वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए और कुछ समय के लिए सड़कों पर लंबा जाम जैसी स्थिति बन गई.
यूपी बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों को झेलनी पड़ी मुश्किल
फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में मंगलवार सुबह घने कोहरे का असर छात्रों पर भी पड़ा. उस समय यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही थीं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे. कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम थी, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई.
कई छात्र ठंडी हवाओं और कोहरे के बीच ठिठुरते हुए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे. अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई क्योंकि बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने में परेशानी हो रही थी. हालांकि सुबह करीब साढ़े नौ बजे के बाद धीरे-धीरे कोहरा छंटने लगा और धूप निकलने से हालात सामान्य होने लगे.
किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं और दलहनी फसलों पर असर का खतरा
मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल इस समय पकने की कगार पर है. ऐसे में हवा में बढ़ी नमी और कोहरे से दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.
इसके अलावा लाही और अन्य दलहनी फसलों में माहू कीट और फफूंद रोग फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. किसानों का कहना है कि इस समय तापमान सामान्य रहना चाहिए था और हल्की हवा चलनी चाहिए थी, लेकिन मौसम के असंतुलन के कारण उमस बढ़ रही है. इससे फसलों पर कीटों का प्रभाव भी बढ़ सकता है.
मौसम वैज्ञानिकों ने बताई वजह, पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और हवा की दिशा में बदलाव प्रमुख कारण है. मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र कुमार ने बताया कि रात के तापमान में लगभग छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है.
हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण ओस की बूंदों ने घने कोहरे का रूप ले लिया. उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य मौसमी प्रक्रिया है, हालांकि मार्च में इतना घना कोहरा कम ही देखने को मिलता है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और सुबह के समय हल्की धुंध या कोहरा दिखाई दे सकता है.
