Fatehpur News: शाबास कानून के रखवाले ! फतेहपुर में चौराहे पर भिड़े सिपाही, कानून खुद ही हुआ घायल
फतेहपुर के राधानगर थाने में कानून की रखवाली करने वाले दो सिपाही ही आपस में भिड़ गए. जयरामनगर चौराहे पर हुई इस मारपीट में दोनों घायल हो गए. घटना ने पुलिस की अनुशासन व्यवस्था और सार्वजनिक आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
Fatehpur Police News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में गुरुवार दोपहर ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने कानून व्यवस्था पर तंज कसने वालों को नया मुद्दा दे दिया. राधानगर थाने में तैनात दो सिपाही आपसी विवाद में बीच चौराहे पर भिड़ गए. बात इतनी बढ़ी कि कानून के रखवाले ही एक दूसरे पर हाथ छोड़ बैठे और अंत में दोनों को अस्पताल पहुंचना पड़ा.
चौराहे पर कानून बनाम कानून का लाइव शो
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राधानगर थाना क्षेत्र के जयरामनगर चौराहे पर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब आम जनता को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले सिपाही ही आपस में उलझ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले बातचीत हुई, फिर गाली गलौज शुरू हुई और कुछ ही पलों में बात मारपीट तक पहुंच गई. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले सिपाही एक दूसरे पर टूट पड़े. यह सब किसी सुनसान जगह नहीं, बल्कि खुले चौराहे पर हुआ, जहां आम लोग मौजूद थे.
सिविल ड्रेस, छुट्टी और नशेबाजी का आरोप
बताया जा रहा है कि दोनों सिपाही सिविल ड्रेस में थे और उस समय किसी आधिकारिक ड्यूटी पर नहीं थे. सूत्रों की मानें तो विवाद की जड़ नशेबाजी से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि पुलिस स्तर पर इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी. सवाल यह है कि जो सिपाही कानून के तहत नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, वही अगर खुद विवाद में उलझें तो आम जनता किससे उम्मीद करे.
घायल सिपाही पहुंचे अस्पताल, अधिकारी भी दौड़े
पब्लिक प्लेस पर तमाशा बना अनुशासन
बीच बाजार सिपाहियों की इस हरकत ने पुलिस अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आमतौर पर पुलिस जनता को सार्वजनिक स्थानों पर संयम और शांति बनाए रखने की नसीहत देती है. लेकिन यहां खुद पुलिसकर्मी पब्लिक प्लेस पर मर्यादा भूलते नजर आए. लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि जब कानून के रखवाले ही संयम खो दें, तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जाए.
जांच के नाम पर भरोसे की औपचारिकता
मीडिया से बातचीत करते हुए एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सिपाहियों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर मारपीट की गई है और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. हालांकि यह बयान प्रशासनिक औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं लगा. अब देखना यह होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या वाकई कोई सख्त संदेश दिया जाता है, ताकि वर्दी की गरिमा दोबारा सवालों में न आए.
Fatehpur News: शाबास कानून के रखवाले ! फतेहपुर में चौराहे पर भिड़े सिपाही, कानून खुद ही हुआ घायल
Fatehpur Police News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में गुरुवार दोपहर ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने कानून व्यवस्था पर तंज कसने वालों को नया मुद्दा दे दिया. राधानगर थाने में तैनात दो सिपाही आपसी विवाद में बीच चौराहे पर भिड़ गए. बात इतनी बढ़ी कि कानून के रखवाले ही एक दूसरे पर हाथ छोड़ बैठे और अंत में दोनों को अस्पताल पहुंचना पड़ा.
चौराहे पर कानून बनाम कानून का लाइव शो
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राधानगर थाना क्षेत्र के जयरामनगर चौराहे पर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब आम जनता को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले सिपाही ही आपस में उलझ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले बातचीत हुई, फिर गाली गलौज शुरू हुई और कुछ ही पलों में बात मारपीट तक पहुंच गई. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले सिपाही एक दूसरे पर टूट पड़े. यह सब किसी सुनसान जगह नहीं, बल्कि खुले चौराहे पर हुआ, जहां आम लोग मौजूद थे.
सिविल ड्रेस, छुट्टी और नशेबाजी का आरोप
बताया जा रहा है कि दोनों सिपाही सिविल ड्रेस में थे और उस समय किसी आधिकारिक ड्यूटी पर नहीं थे. सूत्रों की मानें तो विवाद की जड़ नशेबाजी से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि पुलिस स्तर पर इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी. सवाल यह है कि जो सिपाही कानून के तहत नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, वही अगर खुद विवाद में उलझें तो आम जनता किससे उम्मीद करे.
घायल सिपाही पहुंचे अस्पताल, अधिकारी भी दौड़े
मारपीट में सिपाही अमिताभ सिंह और योगेश राय घायल हो गए. सूचना मिलते ही राधानगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सरकारी वाहन से जिला अस्पताल भिजवाया गया. योगेश राय को गंभीर चोटें आई हैं. घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ थरियांव वीर सिंह और एएसपी महेंद्र पाल सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
पब्लिक प्लेस पर तमाशा बना अनुशासन
बीच बाजार सिपाहियों की इस हरकत ने पुलिस अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आमतौर पर पुलिस जनता को सार्वजनिक स्थानों पर संयम और शांति बनाए रखने की नसीहत देती है. लेकिन यहां खुद पुलिसकर्मी पब्लिक प्लेस पर मर्यादा भूलते नजर आए. लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि जब कानून के रखवाले ही संयम खो दें, तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जाए.
जांच के नाम पर भरोसे की औपचारिकता
मीडिया से बातचीत करते हुए एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सिपाहियों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर मारपीट की गई है और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. हालांकि यह बयान प्रशासनिक औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं लगा. अब देखना यह होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या वाकई कोई सख्त संदेश दिया जाता है, ताकि वर्दी की गरिमा दोबारा सवालों में न आए.