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Fatehpur News: आधार कार्ड बनवाने के नाम पर 2,500 रुपये की रिश्वत, मुख्य डाकघर के दो कर्मचारी निलंबित

Fatehpur News: आधार कार्ड बनवाने के नाम पर 2,500 रुपये की रिश्वत, मुख्य डाकघर के दो कर्मचारी निलंबित
फतेहपुर में आधार कार्ड बनाने के नाम पर 2500 की वसूली, हुए सस्पेंड (प्रतीकात्मक फाइल फोटो): Image Credit Original Source

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मुख्य डाकघर में आधार कार्ड बनवाने के नाम पर 2,500 रुपये की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है. महिला की शिकायत पर डाक अधीक्षक रमेश यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लिपिक संजय कुमार और एमटीएस नईम को निलंबित कर दिया. मोबाइल जांच में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के पुख्ता सबूत मिले हैं. मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं.

Fatehpur Aadhar Card: सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन फतेहपुर के मुख्य डाकघर से सामने आया यह मामला एक बार फिर व्यवस्था पर चोट करता है. आधार कार्ड जैसी पूरी तरह निशुल्क सेवा के लिए 2,500 रुपये की रिश्वत लेने की शिकायत ने डाक विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है. हालांकि, शिकायत मिलते ही नवागत डाक अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.

महिला की शिकायत से उजागर हुआ पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरा मामला तब सामने आया जब एक महिला ने मुख्य डाकघर प्रशासन से संपर्क कर लिखित शिकायत दी. महिला का कहना था कि आधार कार्ड बनवाने के लिए उससे 2,500 रुपये की मांग की गई. मजबूरी में उसने यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी.

महिला ने यह भी बताया कि उसे जानकारी थी कि आधार कार्ड बनाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, इसके बावजूद कर्मचारियों ने पैसे देने का दबाव बनाया. शिकायत सामने आते ही मामला गंभीर हो गया और उच्च अधिकारियों का ध्यान तुरंत इस ओर गया.

डाक अधीक्षक की तत्परता से शुरू हुई जांच

शिकायत मिलने के बाद डाक अधीक्षक रमेश यादव ने बिना किसी देरी के प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए. उन्होंने महिला को कार्यालय बुलाया और पूरे मामले की जानकारी विस्तार से ली. इसके बाद संबंधित लिपिक संजय कुमार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नईम को भी तलब किया गया. डाक अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए गए तो किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

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मोबाइल ट्रांजेक्शन जांच में मिले ठोस सबूत

जांच के दौरान महिला और दोनों कर्मचारियों के मोबाइल फोन की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच की गई. इसमें स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि महिला द्वारा ट्रांसफर की गई राशि कर्मचारियों से जुड़ी थी. ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य मिलने के बाद विभाग के पास कार्रवाई के लिए कोई संदेह नहीं बचा. यह साबित हो गया कि आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध रूप से वसूली की गई थी.

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नियमों का उल्लंघन कर छवि को किया धूमिल

डाक अधीक्षक ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता. इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा पैसे वसूलना गंभीर नियम उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं डाक विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और आम जनता का भरोसा तोड़ती हैं. विभाग ऐसी किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा और भविष्य में भी सख्त रुख अपनाया जाएगा.

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निलंबन के साथ विभागीय जांच, आगे और कार्रवाई संभव

प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद लिपिक संजय कुमार और एमटीएस नईम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

जनता से सीधी शिकायत करने की अपील

नवागत डाक अधीक्षक रमेश यादव ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले के किसी भी डाकघर से संबंधित कोई भी शिकायत होने पर वे सीधे मुख्य अधीक्षक डाकघर कार्यालय में संपर्क करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.

04 Jan 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: आधार कार्ड बनवाने के नाम पर 2,500 रुपये की रिश्वत, मुख्य डाकघर के दो कर्मचारी निलंबित

Fatehpur Aadhar Card: सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन फतेहपुर के मुख्य डाकघर से सामने आया यह मामला एक बार फिर व्यवस्था पर चोट करता है. आधार कार्ड जैसी पूरी तरह निशुल्क सेवा के लिए 2,500 रुपये की रिश्वत लेने की शिकायत ने डाक विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है. हालांकि, शिकायत मिलते ही नवागत डाक अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.

महिला की शिकायत से उजागर हुआ पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरा मामला तब सामने आया जब एक महिला ने मुख्य डाकघर प्रशासन से संपर्क कर लिखित शिकायत दी. महिला का कहना था कि आधार कार्ड बनवाने के लिए उससे 2,500 रुपये की मांग की गई. मजबूरी में उसने यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी.

महिला ने यह भी बताया कि उसे जानकारी थी कि आधार कार्ड बनाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, इसके बावजूद कर्मचारियों ने पैसे देने का दबाव बनाया. शिकायत सामने आते ही मामला गंभीर हो गया और उच्च अधिकारियों का ध्यान तुरंत इस ओर गया.

डाक अधीक्षक की तत्परता से शुरू हुई जांच

शिकायत मिलने के बाद डाक अधीक्षक रमेश यादव ने बिना किसी देरी के प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए. उन्होंने महिला को कार्यालय बुलाया और पूरे मामले की जानकारी विस्तार से ली. इसके बाद संबंधित लिपिक संजय कुमार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नईम को भी तलब किया गया. डाक अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए गए तो किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

मोबाइल ट्रांजेक्शन जांच में मिले ठोस सबूत

जांच के दौरान महिला और दोनों कर्मचारियों के मोबाइल फोन की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच की गई. इसमें स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि महिला द्वारा ट्रांसफर की गई राशि कर्मचारियों से जुड़ी थी. ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य मिलने के बाद विभाग के पास कार्रवाई के लिए कोई संदेह नहीं बचा. यह साबित हो गया कि आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध रूप से वसूली की गई थी.

नियमों का उल्लंघन कर छवि को किया धूमिल

डाक अधीक्षक ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता. इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा पैसे वसूलना गंभीर नियम उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं डाक विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और आम जनता का भरोसा तोड़ती हैं. विभाग ऐसी किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा और भविष्य में भी सख्त रुख अपनाया जाएगा.

निलंबन के साथ विभागीय जांच, आगे और कार्रवाई संभव

प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद लिपिक संजय कुमार और एमटीएस नईम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

जनता से सीधी शिकायत करने की अपील

नवागत डाक अधीक्षक रमेश यादव ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले के किसी भी डाकघर से संबंधित कोई भी शिकायत होने पर वे सीधे मुख्य अधीक्षक डाकघर कार्यालय में संपर्क करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.

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