
Fatehpur Murder News: फतेहपुर में 12 साल बाद मिला इंसाफ ! मामा-भांजे को उम्रकैद, सिर और चेहरे पर गोलियां मारकर उतारा था मौत के घाट
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में बीते 12 साल पहले हुए हत्याकांड में कोर्ट ने मामा-भांजे को उम्रकैद की सजा सुनाई है. मामला बिंदकी कोतवाली (Bindki Kotwali) क्षेत्र के बागबादशाही खजुहा का है. कोर्ट ने सजा के साथ ही पच्चीस-पच्चीस हजार अर्थदंड भी लगाया है.
Fatehpur Murder News: यूपी के फतेहपुर में न्याय की गूंज देर से ही सही, लेकिन सुनाई जरूर दी. 12 साल पहले एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई थी, और अब अदालत ने मामा-भांजे को उम्रकैद की सजा सुनाकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया है.

12 साल पुराना खौफनाक हत्याकांड, खेत में मिली थी लाश
फतेहपुर (Fatehpur) के बिंदकी कोतवाली (Bindki Kotwali) क्षेत्र के चंदिकन गली, बागबादशाही खजुहा के रहने वाले महेंद्र कुमार अग्निहोत्री के 18 वर्षीय भतीजे गणेश उर्फ दीपू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. घटना बीते 19 मई 2013 की रात की बताई जा रही है.

हत्या की गुत्थी सुलझी, आरोपी मामा-भांजा निकले


इंसाफ की जीत के लिए सालों लड़ता रहा परिवार
इस हत्याकांड की सुनवाई 12 साल तक चली. अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान और ठोस सबूत अदालत में पेश किए. आखिरकार, अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.
- राजाराम और छोटू को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा दी गई
- 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया.
- जुर्माना न भरने की स्थिति में 1 साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
- चूंकि हत्या के समय छोटू नाबालिग था, इसलिए उसे किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया.
जब न्याय मिलते ही फूट-फूट कर रोई गणेश की मां

जानकारी के मुताबिक उन्होंने कहा कि 12 साल हो गए, लेकिन आज भी मेरे कानों में बेटे की आवाज गूंजती है. वह हंसता था, खेलता था, लेकिन उन दरिंदों ने उसे छीन लिया. गणेश के चाचा महेंद्र अग्निहोत्री कहते हैं कि, यह लड़ाई आसान नहीं थी, लेकिन हमें भरोसा था कि एक दिन न्याय मिलेगा.
