
फतेहपुर में मनरेगा घोटाले का पर्दाफाश: गरीबों की मजदूरी हड़प गए अफसर-कर्मचारी, 10 लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
Fatehpur News In Hindi
यूपी के फतेहपुर जिले में मनरेगा घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है. प्रधानमंत्री आवास योजना के गरीब लाभार्थियों की मजदूरी हड़पने के आरोप में 10 अफसरों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है. जांच में करीब 55 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है.
Fatehpur Sarkandi Ghotaka: यूपी के फतेहपुर में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर हुआ है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों की मजदूरी अफसरों और कर्मचारियों ने हड़प ली. सीडीओ पवन कुमार मीना के निर्देश पर बीडीओ राहुल मिश्र ने 10 अफसरों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराया है. जांच में सामने आया कि मजदूरी की रकम फर्जी खातों में ट्रांसफर की गई और गरीबों के हक पर डाका डाला गया.
गरीबों की मजदूरी डकार गए भ्रष्ट तंत्र के कारिंदे
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत सरकंडी, असोथर ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मंजूर 709 आवासों की मजदूरी में बड़े पैमाने पर घपला हुआ. लाभार्थियों के खातों में भुगतान भेजने के बजाय रकम अलग-अलग लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई. शुरुआती जांच में 20 लाभार्थियों की मजदूरी रकम 1.36 लाख रुपये फर्जी खातों में पाई गई, जबकि कुल घोटाला करीब 55,46,326 रुपये तक पहुंच गया.
मिलीभगत से चला घोटाले का खेल

10 अफसर-कर्मचारी पर केस दर्ज
2023-24 से पहले भी घोटाले की आशंका
जांच अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह भ्रष्टाचार केवल वर्ष 2023-24 तक सीमित नहीं है. संभव है कि पूर्व वर्षों में भी इसी तरह गरीबों के हक की रकम हड़पी गई हो. अब इस दिशा में भी गहन जांच की तैयारी है. ग्रामीण विकास मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया के मुताबिक यह सीधा आपराधिक मामला है, जिसमें FIR दर्ज कर कार्रवाई अनिवार्य है.
सीडीओ के आदेश पर हुई सख्त कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने रिपोर्ट देखने के बाद बीडीओ असोथर को FIR दर्ज कराने के आदेश दिए. बीडीओ राहुल मिश्र ने तहरीर देकर थाने में मुकदमा लिखवाया. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस अब जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.
