Fatehpur News: मुझे अपमानित करने के लिए बुलाया है क्या, ये मेरी विधानसभा है, भूमि पूजन में भिड़ीं सपा-भाजपा विधायक
फतेहपुर के खागा में नौबस्ता मार्ग के भूमि पूजन के दौरान भाजपा विधायक कृष्णा पासवान और सपा विधायक ऊषा मौर्या के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. पूजा में बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद सियासी टकराव में बदल गया. घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
Fatehpur SP BJP MlA News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा में विकास कार्य की शुरुआत सियासी वर्चस्व की लड़ाई में बदल गई. नौबस्ता मार्ग के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान भाजपा और सपा की विधायकों के बीच ऐसा टकराव हुआ कि माहौल तनावपूर्ण हो गया. सम्मान, क्षेत्र और राजनीति तीनों का टकराव खुलेआम नजर आया.
भूमि पूजन के मंच पर सियासत की गर्मी
मंगलवार को खागा कस्बे में खागा-नौबस्ता मार्ग के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. बताया जा रहा है कि यह सड़क करीब 13 किलोमीटर लंबी है और इसका आधा हिस्सा खागा विधानसभा जबकि बाकी हिस्सा हुसैनगंज क्षेत्र में आता है.
इसी वजह से पीडब्ल्यूडी विभाग ने दोनों क्षेत्रों की विधायकों भाजपा की कृष्णा पासवान और सपा की ऊषा मौर्या को संयुक्त रूप से आमंत्रित किया था. कार्यक्रम का उद्देश्य था कि दोनों महिला विधायकों से भूमि पूजन का शुभारंभ हो, लेकिन जैसे ही दोनों विधायक आमने-सामने आईं, माहौल में सियासी तनाव साफ झलकने लगा और कुछ ही देर में यह विवाद खुलकर सामने आ गया.
‘ये मेरी विधानसभा है’ पर अड़ी भाजपा विधायक
इस पर कृष्णा पासवान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सड़क उनके प्रस्ताव से पास हुई है और यह उनकी विधानसभा में आती है, इसलिए पूजा में वहीं अकेले बैठेंगी. उनके इस बयान के बाद माहौल अचानक गरमा गया. सपा विधायक ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
सपा विधायक बोलीं- क्या अपमानित करने के लिए बुलाया था
भाजपा विधायक के विरोध के बाद सपा विधायक ऊषा मौर्या भी पीछे हटने को तैयार नहीं हुईं. उन्होंने कहा कि सड़क का हिस्सा उनके विधानसभा क्षेत्र में भी आता है और उन्हें भी बराबर का अधिकार है. कुछ देर तक चली बहस के दौरान वहां मौजूद अधिकारी और स्थानीय लोग स्थिति को संभालने की कोशिश करते रहे.
आखिरकार समझाने पर ऊषा मौर्या बेमन से पूजा में शामिल हुईं, लेकिन बाद में उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या उन्हें अपमानित करने के लिए बुलाया गया था. इसके बाद वह कार्यक्रम से अलग हो गईं.
अधिकारियों के सामने बनी असहज स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बेहद असहज नजर आए. लगातार हो रही इस सियासी खींचतान के बीच अधिकारी हाथ जोड़कर दोनों विधायकों को शांत कराने की कोशिश करते रहे. लेकिन राजनीतिक अहंकार और क्षेत्रीय दावे के आगे उनकी कोशिशें कमजोर पड़ती दिखीं. विकास के मंच पर भी राजनीति किस तरह हावी हो जाती है और प्रशासन कई बार बेबस नजर आता है.
सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है वीडियो
घटना के बाद इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विधायकों के बीच बहस और तनावपूर्ण माहौल साफ देखा जा सकता है. हालांकि युगान्तर प्रवाह इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. बताया जा रहा है कि इस मामले का वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसे सियासी टकराव के एक बड़े उदाहरण के रूप में देख रहे हैं.
Fatehpur News: मुझे अपमानित करने के लिए बुलाया है क्या, ये मेरी विधानसभा है, भूमि पूजन में भिड़ीं सपा-भाजपा विधायक
Fatehpur SP BJP MlA News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा में विकास कार्य की शुरुआत सियासी वर्चस्व की लड़ाई में बदल गई. नौबस्ता मार्ग के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान भाजपा और सपा की विधायकों के बीच ऐसा टकराव हुआ कि माहौल तनावपूर्ण हो गया. सम्मान, क्षेत्र और राजनीति तीनों का टकराव खुलेआम नजर आया.
भूमि पूजन के मंच पर सियासत की गर्मी
मंगलवार को खागा कस्बे में खागा-नौबस्ता मार्ग के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. बताया जा रहा है कि यह सड़क करीब 13 किलोमीटर लंबी है और इसका आधा हिस्सा खागा विधानसभा जबकि बाकी हिस्सा हुसैनगंज क्षेत्र में आता है.
इसी वजह से पीडब्ल्यूडी विभाग ने दोनों क्षेत्रों की विधायकों भाजपा की कृष्णा पासवान और सपा की ऊषा मौर्या को संयुक्त रूप से आमंत्रित किया था. कार्यक्रम का उद्देश्य था कि दोनों महिला विधायकों से भूमि पूजन का शुभारंभ हो, लेकिन जैसे ही दोनों विधायक आमने-सामने आईं, माहौल में सियासी तनाव साफ झलकने लगा और कुछ ही देर में यह विवाद खुलकर सामने आ गया.
‘ये मेरी विधानसभा है’ पर अड़ी भाजपा विधायक
पूजा शुरू होते ही खागा विधानसभा से भाजपा विधायक कृष्णा पासवान यजमान के रूप में बैठीं और आचार्य ने मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान शुरू कराया. इसी दौरान सपा विधायक ऊषा मौर्या भी यजमान के रूप में बैठने के लिए आगे बढ़ीं और पूजन के लिए कहने लगीं.
इस पर कृष्णा पासवान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सड़क उनके प्रस्ताव से पास हुई है और यह उनकी विधानसभा में आती है, इसलिए पूजा में वहीं अकेले बैठेंगी. उनके इस बयान के बाद माहौल अचानक गरमा गया. सपा विधायक ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
सपा विधायक बोलीं- क्या अपमानित करने के लिए बुलाया था
भाजपा विधायक के विरोध के बाद सपा विधायक ऊषा मौर्या भी पीछे हटने को तैयार नहीं हुईं. उन्होंने कहा कि सड़क का हिस्सा उनके विधानसभा क्षेत्र में भी आता है और उन्हें भी बराबर का अधिकार है. कुछ देर तक चली बहस के दौरान वहां मौजूद अधिकारी और स्थानीय लोग स्थिति को संभालने की कोशिश करते रहे.
आखिरकार समझाने पर ऊषा मौर्या बेमन से पूजा में शामिल हुईं, लेकिन बाद में उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या उन्हें अपमानित करने के लिए बुलाया गया था. इसके बाद वह कार्यक्रम से अलग हो गईं.
अधिकारियों के सामने बनी असहज स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बेहद असहज नजर आए. लगातार हो रही इस सियासी खींचतान के बीच अधिकारी हाथ जोड़कर दोनों विधायकों को शांत कराने की कोशिश करते रहे. लेकिन राजनीतिक अहंकार और क्षेत्रीय दावे के आगे उनकी कोशिशें कमजोर पड़ती दिखीं. विकास के मंच पर भी राजनीति किस तरह हावी हो जाती है और प्रशासन कई बार बेबस नजर आता है.
सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है वीडियो
घटना के बाद इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विधायकों के बीच बहस और तनावपूर्ण माहौल साफ देखा जा सकता है. हालांकि युगान्तर प्रवाह इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. बताया जा रहा है कि इस मामले का वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसे सियासी टकराव के एक बड़े उदाहरण के रूप में देख रहे हैं.