Fatehpur News: कई सालों से हो रहा इस वार्ड में जलभराव ! नगर पालिका ने बंद की आंखे, सभासद ने की डीएम से शिकायत
फतेहपुर शहर के वार्ड नंबर-2 में वर्षों से जलभराव की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है. सीओ सिटी कार्यालय, आवास विकास वार्ड और स्कूलों के आसपास जमा गंदा पानी अब बच्चों की पढ़ाई और आमजन के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है. सभासद दीपक कुमार मौर्य ने डीएम से स्थायी मड पंप और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की मांग की है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की सदर नगर पालिका की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है. वार्ड नंबर-2 आवास विकास और आबूनगर क्षेत्र में लंबे समय से बने जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हल्की बारिश से सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगती हैं और नालियों का पानी बिना बारिश के ही सड़कों को जलमग्न कर रहा है. स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. सभासद दीपक कुमार मौर्य ने गुरुवार को डीएम ज्ञापन देते हुए नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए समाधान की मांग की है.
आवास विकास वार्ड में वर्षों से बनी हुई है समस्या
नगर पालिका परिषद फतेहपुर के वार्ड नंबर-2 आवास विकास और आबूनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या नई नहीं है. कई वर्षों से यहां बारिश और नालियों का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है, लेकिन नगर पालिका की ओर से स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सभासद दीपक कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि सीओ सिटी कार्यालय के पास स्थित पुलिया के आसपास स्थिति सबसे अधिक खराब रहती है.
उन्होंने कहा कि सड़क पर जमा गंदा पानी राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. कई बार लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है.
स्कूलों के बाहर भरा पानी, बच्चों की पढ़ाई पर असर
अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. कई बार बच्चे स्कूल जाने से भी कतराने लगे हैं. सभासद ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए.
दुर्गंध और मच्छरों से बढ़ा बीमारी का खतरा
क्षेत्र में लगातार पानी भरा रहने से दुर्गंध फैल रही है. गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है. स्थानीय लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है. सभासद ने अपने पत्र में लिखा कि बरसात के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका केवल खानापूर्ति कर रही है. नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल यही हालात पैदा हो जाते हैं. लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है.
स्थायी मड पंप और जल निकासी व्यवस्था की मांग
सभासद दीपक कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सीओ सिटी कार्यालय के पास पुलिया के निकट स्थायी मड पंप लगाया जाए ताकि बारिश और नालियों का पानी तुरंत निकाला जा सके. इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई है.
उन्होंने कहा कि हर साल अस्थायी उपायों से काम चलाया जाता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता. यदि स्थायी पंप और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाए तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है. सभासद ने नगर पालिका अधिकारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराने की भी मांग की है.
Fatehpur News: कई सालों से हो रहा इस वार्ड में जलभराव ! नगर पालिका ने बंद की आंखे, सभासद ने की डीएम से शिकायत
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की सदर नगर पालिका की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है. वार्ड नंबर-2 आवास विकास और आबूनगर क्षेत्र में लंबे समय से बने जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हल्की बारिश से सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगती हैं और नालियों का पानी बिना बारिश के ही सड़कों को जलमग्न कर रहा है. स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. सभासद दीपक कुमार मौर्य ने गुरुवार को डीएम ज्ञापन देते हुए नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए समाधान की मांग की है.
आवास विकास वार्ड में वर्षों से बनी हुई है समस्या
नगर पालिका परिषद फतेहपुर के वार्ड नंबर-2 आवास विकास और आबूनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या नई नहीं है. कई वर्षों से यहां बारिश और नालियों का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है, लेकिन नगर पालिका की ओर से स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सभासद दीपक कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि सीओ सिटी कार्यालय के पास स्थित पुलिया के आसपास स्थिति सबसे अधिक खराब रहती है.
उन्होंने कहा कि सड़क पर जमा गंदा पानी राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. कई बार लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है.
स्कूलों के बाहर भरा पानी, बच्चों की पढ़ाई पर असर
जलभराव की सबसे ज्यादा मार स्कूली बच्चों पर पड़ रही है. अंबेडकर शिक्षा सदन स्कूल और पूर्वी रानी कॉलोनी स्थित डीपी सिंह पब्लिक और इंटरमीडिएट स्कूल के आसपास कई दिनों तक पानी जमा रहने से छात्र-छात्राओं को पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. कई बार बच्चे स्कूल जाने से भी कतराने लगे हैं. सभासद ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए.
दुर्गंध और मच्छरों से बढ़ा बीमारी का खतरा
क्षेत्र में लगातार पानी भरा रहने से दुर्गंध फैल रही है. गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है. स्थानीय लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है. सभासद ने अपने पत्र में लिखा कि बरसात के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका केवल खानापूर्ति कर रही है. नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल यही हालात पैदा हो जाते हैं. लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है.
स्थायी मड पंप और जल निकासी व्यवस्था की मांग
सभासद दीपक कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सीओ सिटी कार्यालय के पास पुलिया के निकट स्थायी मड पंप लगाया जाए ताकि बारिश और नालियों का पानी तुरंत निकाला जा सके. इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई है.
उन्होंने कहा कि हर साल अस्थायी उपायों से काम चलाया जाता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता. यदि स्थायी पंप और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाए तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है. सभासद ने नगर पालिका अधिकारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराने की भी मांग की है.