Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

Cockroach Janta Party: 4 दिन में लाखों फॉलोअर्स, BJP को किया पीछे ! X पर हुई बैन, कौन हैं अभिजीत दिपके और क्यों वायरल हुई CJP?

Cockroach Janta Party: 4 दिन में लाखों फॉलोअर्स, BJP को किया पीछे ! X पर हुई बैन, कौन हैं अभिजीत दिपके और क्यों वायरल हुई CJP?
भारत में बैन हुआ CJP का X एकाउंट, जानिए क्या है कॉकरोच जनता पार्टी, क्यों हो रही चर्चा (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम का व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. महज चार दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटाने वाली इस मुहिम ने इंस्टाग्राम पर भाजपा और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया. अब इसका X अकाउंट भारत में बैन हो गया है. जानिए कौन हैं संस्थापक अभिजीत दिपके और आखिर क्यों वायरल हो रही है CJP.

Cockroach Janta Party X Banned: भारत की राजनीति और सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है — कॉकरोच जनता पार्टी (CJP). बेरोजगार युवाओं, सिस्टम से नाराज जेन जी और डिजिटल व्यंग्य के मेल से बनी इस मुहिम ने कुछ ही दिनों में ऐसा तूफान खड़ा किया कि इसके फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए. इंस्टाग्राम पर भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ने वाली CJP का X अकाउंट अब भारत में बैन हो चुका है. इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं अभिजीत दिपके, जिन्होंने इसे एक “डिजिटल जन-आंदोलन” बताया है.

सोशल मीडिया पर अचानक कैसे छा गई कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत 16 मई 2026 को हुई थी. यह एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में सामने आई, लेकिन कुछ ही दिनों में देशभर के युवाओं, खासकर जेन जी यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गई. पार्टी का नाम उस विवादित टिप्पणी से निकला जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से की थी.

हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा फर्जी डिग्री धारकों की ओर था और उन्होंने युवाओं की तारीफ भी की, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर “कॉकरोच” शब्द एक राजनीतिक व्यंग्य और विरोध के प्रतीक में बदल चुका था. इसी माहौल में कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हुआ.

इस प्लेटफॉर्म ने खुद को “आलसी, बेरोजगार और सिस्टम से निराश युवाओं की आवाज” बताया. इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े और कुछ समय के लिए इसकी संख्या भाजपा और कांग्रेस दोनों से ज्यादा पहुंच गई. यही वजह रही कि यह केवल एक मीम पेज नहीं बल्कि एक बड़े डिजिटल जन-आंदोलन की तरह चर्चा में आ गया.

Read More: Petrol Diesel New Rates: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, एक हफ्ते में दूसरी बार लगा महंगाई का झटका

X अकाउंट बैन होने के बाद क्या बोले अभिजीत दिपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने निजी X अकाउंट के जरिए जानकारी दी कि CJP का आधिकारिक अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है. उन्होंने लिखा कि जैसा अनुमान था, अकाउंट को बैन कर दिया गया. दिपके के अनुसार, अकाउंट लॉन्च होने के चार दिन के भीतर 2 लाख से अधिक लोग इससे जुड़ गए थे.

Read More: Kal Ka Mausam 15 June: यूपी से बिहार तक मौसम का बड़ा बदलाव, IMD ने जारी किया बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटा तक चल सकती हैं हवाएं

उन्होंने यह भी दावा किया कि अब इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों से नए X हैंडल को फॉलो करने की अपील की. सोशल मीडिया पर इस बैन को लेकर बहस तेज हो गई. कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी का हिस्सा बता रहे हैं.

Read More: केंद्रीय मंत्री को 99.60 लाख की सब्सिडी: अपने ही मंत्रालय की योजना से लाभ मिलने पर उठा विवाद, जानिए पूरा मामला

दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे विवाद ने CJP की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया. इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स करोड़ों में पहुंच गए और कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने भी इस प्लेटफॉर्म को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं दीं.

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का एजेंडा और घोषणापत्र

हालांकि यह प्लेटफॉर्म खुद को व्यंग्यात्मक आंदोलन बताता है, लेकिन इसके पोस्ट और घोषणापत्र में कई गंभीर राजनीतिक मुद्दे उठाए गए हैं. पार्टी का दावा है कि भारतीय राजनीति असली मुद्दों से भटक चुकी है और रोजगार, शिक्षा, एआई, उद्योग और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.

कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन बड़े उद्देश्यों का जिक्र किया है. पहला, राजनीतिक विमर्श को धार्मिक ध्रुवीकरण से हटाकर रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर केंद्रित करना. दूसरा, नीट पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या जैसे मामलों में सरकार और सिस्टम की जवाबदेही तय करना. तीसरा, न्यायपालिका, चुनाव आयोग और मीडिया जैसी संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना.

इसके अलावा पार्टी ने पांच सूत्रीय घोषणापत्र भी जारी किया. इसमें रिटायरमेंट के बाद जजों को राजनीतिक पद न देने, चुनाव आयोग की निष्पक्षता, संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल की रोक और बड़े उद्योगपतियों के मीडिया नियंत्रण को खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं.

इन मांगों ने युवाओं के बीच इस प्लेटफॉर्म को केवल मजाक तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि कई लोग इसे व्यवस्था के खिलाफ डिजिटल असंतोष का नया चेहरा मानने लगे हैं.

पार्टी से जुड़ने की अनोखी शर्तों ने खींचा लोगों का ध्यान

कॉकरोच जनता पार्टी की सदस्यता शर्तें सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हुईं. इन शर्तों को जानबूझकर व्यंग्यात्मक अंदाज में तैयार किया गया ताकि बेरोजगारी और युवाओं को लेकर बनी धारणाओं पर कटाक्ष किया जा सके.

पार्टी के मुताबिक, सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का बेरोजगार होना जरूरी है, चाहे वह मजबूरी में हो या अपनी पसंद से. इसके अलावा “शारीरिक रूप से आलसी लेकिन मानसिक रूप से अत्यधिक सक्रिय” होना भी एक शर्त बताई गई. दिन में कम से कम 11 घंटे इंटरनेट पर बिताना और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता भी पात्रता का हिस्सा बनाई गई.

इन शर्तों को सोशल मीडिया यूजर्स ने मीम्स और रील्स के जरिए तेजी से वायरल कर दिया. खासकर जेन जी यूजर्स ने इसे अपने अनुभवों से जोड़कर देखा. यही वजह रही कि CJP महज राजनीतिक व्यंग्य नहीं बल्कि एक डिजिटल कल्चर ट्रेंड में बदल गई.

कौन हैं अभिजीत दिपके, जिनका नाम पूरे देश में चर्चा में है

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 30 वर्षीय भारतीय छात्र और राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं. उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया और बाद में अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की पढ़ाई की. फिलहाल वह अमेरिका में रह रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत पहले आम आदमी पार्टी के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने 2020 से 2023 के बीच पार्टी की सोशल मीडिया और चुनाव प्रचार रणनीति में भूमिका निभाई थी. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मीम आधारित डिजिटल प्रचार अभियान में भी उनकी भागीदारी रही थी.

अभिजीत का कहना है कि सीजेआई की टिप्पणी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया. उन्होंने उसी टिप्पणी को व्यंग्य के हथियार में बदलते हुए CJP की शुरुआत की. उनका दावा है कि यह प्लेटफॉर्म युवाओं की हताशा, बेरोजगारी और राजनीतिक निराशा को आवाज देने के लिए बनाया गया.

उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल 2029 चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. अभी उनका फोकस युवाओं की राय सुनने और इस आंदोलन को जन-आवाज में बदलने पर है.

राजनीति में कितना बड़ा असर डाल सकती है CJP

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड है या भविष्य में यह एक गंभीर राजनीतिक आंदोलन बन सकता है. जिस तरह लाखों युवा इससे जुड़ रहे हैं, उससे साफ है कि देश की नई पीढ़ी पारंपरिक राजनीति से अलग मुद्दों पर चर्चा चाहती है.

जेन जी भारत की सबसे बड़ी आबादी वाली पीढ़ी मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कुल उपभोक्ता खर्च का बड़ा हिस्सा इसी पीढ़ी से आता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया आधारित कोई भी आंदोलन तेजी से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन सकता है.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, आप नेता मनीष सिसोदिया और प्रशांत भूषण जैसे नेताओं द्वारा सार्वजनिक समर्थन दिए जाने के बाद इस प्लेटफॉर्म की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि CJP भविष्य में राजनीतिक दल बनेगी या नहीं, लेकिन इतना तय है कि इसने भारतीय राजनीति में युवाओं की नाराजगी और डिजिटल व्यंग्य की ताकत को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है.

21 May 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Cockroach Janta Party: 4 दिन में लाखों फॉलोअर्स, BJP को किया पीछे ! X पर हुई बैन, कौन हैं अभिजीत दिपके और क्यों वायरल हुई CJP?

Cockroach Janta Party X Banned: भारत की राजनीति और सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है — कॉकरोच जनता पार्टी (CJP). बेरोजगार युवाओं, सिस्टम से नाराज जेन जी और डिजिटल व्यंग्य के मेल से बनी इस मुहिम ने कुछ ही दिनों में ऐसा तूफान खड़ा किया कि इसके फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए. इंस्टाग्राम पर भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ने वाली CJP का X अकाउंट अब भारत में बैन हो चुका है. इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं अभिजीत दिपके, जिन्होंने इसे एक “डिजिटल जन-आंदोलन” बताया है.

सोशल मीडिया पर अचानक कैसे छा गई कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत 16 मई 2026 को हुई थी. यह एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में सामने आई, लेकिन कुछ ही दिनों में देशभर के युवाओं, खासकर जेन जी यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गई. पार्टी का नाम उस विवादित टिप्पणी से निकला जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से की थी.

हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा फर्जी डिग्री धारकों की ओर था और उन्होंने युवाओं की तारीफ भी की, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर “कॉकरोच” शब्द एक राजनीतिक व्यंग्य और विरोध के प्रतीक में बदल चुका था. इसी माहौल में कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हुआ.

इस प्लेटफॉर्म ने खुद को “आलसी, बेरोजगार और सिस्टम से निराश युवाओं की आवाज” बताया. इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े और कुछ समय के लिए इसकी संख्या भाजपा और कांग्रेस दोनों से ज्यादा पहुंच गई. यही वजह रही कि यह केवल एक मीम पेज नहीं बल्कि एक बड़े डिजिटल जन-आंदोलन की तरह चर्चा में आ गया.

X अकाउंट बैन होने के बाद क्या बोले अभिजीत दिपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने निजी X अकाउंट के जरिए जानकारी दी कि CJP का आधिकारिक अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है. उन्होंने लिखा कि जैसा अनुमान था, अकाउंट को बैन कर दिया गया. दिपके के अनुसार, अकाउंट लॉन्च होने के चार दिन के भीतर 2 लाख से अधिक लोग इससे जुड़ गए थे.

उन्होंने यह भी दावा किया कि अब इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों से नए X हैंडल को फॉलो करने की अपील की. सोशल मीडिया पर इस बैन को लेकर बहस तेज हो गई. कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी का हिस्सा बता रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे विवाद ने CJP की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया. इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स करोड़ों में पहुंच गए और कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने भी इस प्लेटफॉर्म को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं दीं.

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का एजेंडा और घोषणापत्र

हालांकि यह प्लेटफॉर्म खुद को व्यंग्यात्मक आंदोलन बताता है, लेकिन इसके पोस्ट और घोषणापत्र में कई गंभीर राजनीतिक मुद्दे उठाए गए हैं. पार्टी का दावा है कि भारतीय राजनीति असली मुद्दों से भटक चुकी है और रोजगार, शिक्षा, एआई, उद्योग और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.

कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन बड़े उद्देश्यों का जिक्र किया है. पहला, राजनीतिक विमर्श को धार्मिक ध्रुवीकरण से हटाकर रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर केंद्रित करना. दूसरा, नीट पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या जैसे मामलों में सरकार और सिस्टम की जवाबदेही तय करना. तीसरा, न्यायपालिका, चुनाव आयोग और मीडिया जैसी संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना.

इसके अलावा पार्टी ने पांच सूत्रीय घोषणापत्र भी जारी किया. इसमें रिटायरमेंट के बाद जजों को राजनीतिक पद न देने, चुनाव आयोग की निष्पक्षता, संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल की रोक और बड़े उद्योगपतियों के मीडिया नियंत्रण को खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं.

इन मांगों ने युवाओं के बीच इस प्लेटफॉर्म को केवल मजाक तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि कई लोग इसे व्यवस्था के खिलाफ डिजिटल असंतोष का नया चेहरा मानने लगे हैं.

पार्टी से जुड़ने की अनोखी शर्तों ने खींचा लोगों का ध्यान

कॉकरोच जनता पार्टी की सदस्यता शर्तें सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हुईं. इन शर्तों को जानबूझकर व्यंग्यात्मक अंदाज में तैयार किया गया ताकि बेरोजगारी और युवाओं को लेकर बनी धारणाओं पर कटाक्ष किया जा सके.

पार्टी के मुताबिक, सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का बेरोजगार होना जरूरी है, चाहे वह मजबूरी में हो या अपनी पसंद से. इसके अलावा “शारीरिक रूप से आलसी लेकिन मानसिक रूप से अत्यधिक सक्रिय” होना भी एक शर्त बताई गई. दिन में कम से कम 11 घंटे इंटरनेट पर बिताना और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने की क्षमता भी पात्रता का हिस्सा बनाई गई.

इन शर्तों को सोशल मीडिया यूजर्स ने मीम्स और रील्स के जरिए तेजी से वायरल कर दिया. खासकर जेन जी यूजर्स ने इसे अपने अनुभवों से जोड़कर देखा. यही वजह रही कि CJP महज राजनीतिक व्यंग्य नहीं बल्कि एक डिजिटल कल्चर ट्रेंड में बदल गई.

कौन हैं अभिजीत दिपके, जिनका नाम पूरे देश में चर्चा में है

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 30 वर्षीय भारतीय छात्र और राजनीतिक संचार रणनीतिकार हैं. उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया और बाद में अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की पढ़ाई की. फिलहाल वह अमेरिका में रह रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत पहले आम आदमी पार्टी के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने 2020 से 2023 के बीच पार्टी की सोशल मीडिया और चुनाव प्रचार रणनीति में भूमिका निभाई थी. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मीम आधारित डिजिटल प्रचार अभियान में भी उनकी भागीदारी रही थी.

अभिजीत का कहना है कि सीजेआई की टिप्पणी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया. उन्होंने उसी टिप्पणी को व्यंग्य के हथियार में बदलते हुए CJP की शुरुआत की. उनका दावा है कि यह प्लेटफॉर्म युवाओं की हताशा, बेरोजगारी और राजनीतिक निराशा को आवाज देने के लिए बनाया गया.

उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल 2029 चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. अभी उनका फोकस युवाओं की राय सुनने और इस आंदोलन को जन-आवाज में बदलने पर है.

राजनीति में कितना बड़ा असर डाल सकती है CJP

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड है या भविष्य में यह एक गंभीर राजनीतिक आंदोलन बन सकता है. जिस तरह लाखों युवा इससे जुड़ रहे हैं, उससे साफ है कि देश की नई पीढ़ी पारंपरिक राजनीति से अलग मुद्दों पर चर्चा चाहती है.

जेन जी भारत की सबसे बड़ी आबादी वाली पीढ़ी मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कुल उपभोक्ता खर्च का बड़ा हिस्सा इसी पीढ़ी से आता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया आधारित कोई भी आंदोलन तेजी से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन सकता है.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, आप नेता मनीष सिसोदिया और प्रशांत भूषण जैसे नेताओं द्वारा सार्वजनिक समर्थन दिए जाने के बाद इस प्लेटफॉर्म की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि CJP भविष्य में राजनीतिक दल बनेगी या नहीं, लेकिन इतना तय है कि इसने भारतीय राजनीति में युवाओं की नाराजगी और डिजिटल व्यंग्य की ताकत को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है.

Latest News

UP PCS Transfer 2026: यूपी में 182 PCS अधिकारियों के तबादले, फतेहपुर सहित कई जिलों के बदले SDM UP PCS Transfer 2026: यूपी में 182 PCS अधिकारियों के तबादले, फतेहपुर सहित कई जिलों के बदले SDM
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 PCS अधिकारियों का तबादला...
Fatehpur News: किन्नरों के हंगामे से थाना बना रणक्षेत्र, साथी के पकड़े जाने की सूचना पर सड़क जाम, पुलिस ने कराया शांत
Fatehpur News: सपा नेता हाजी रजा समेत दो आरोपियों पर 25 हजार का इनाम, गवाह पर हमले के मामले में एसपी का बड़ा एक्शन
Fatehpur News: फतेहपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-4 पर शुरू हुआ जनरल टिकट काउंटर, यात्रियों के लिए खुशखबरी
12 जुलाई 2026 का राशिफल: इन राशियों को अचानक मिल सकती है खुशखबरी ! जानिए मेष से मीन तक का राशिफल
CJI सूर्यकांत को कथित अपशब्द, कोर्ट में उछाले कागज ! कौन हैं प्रबल प्रताप? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ हंगामा
Gold-Silver Price Today 10 July 2026: सोना-चांदी फिर हुए महंगे, खरीदारी से पहले जानिए आज का ताजा रेट

Follow Us