Fatehpur News: फतेहपुर में बाबू कांड ने पकड़ा तूल ! पत्नी ने DIOS और पूर्व BJP जिलाध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर, डीएम ने बैठाई जांच
फतेहपुर में डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव के आत्महत्या प्रयास मामले ने नया मोड़ ले लिया है. उनकी पत्नी पूनम श्रीवास्तव ने डीआईओएस और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है. हालांकि पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. वहीं डीएम ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में डीआईओएस कार्यालय से जुड़ा मामला अब सिर्फ एक कर्मचारी के आत्महत्या प्रयास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राजनीति, पैसे के लेन-देन और दबाव के आरोप भी जुड़ते जा रहे हैं. वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव के परिवार ने सीधे तौर पर जिला विद्यालय निरीक्षक और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासन और सियासत दोनों में हलचल तेज हो गई है. वहीं मुखलाल पाल ने इस प्रकरण को साज़िश बताया है.
आत्महत्या प्रयास से शुरू हुआ पूरा विवाद
डीआईओएस कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव ने सोमवार देर शाम अपने ही कार्यालय में कथित तौर पर एक साथ नींद और ब्लड प्रेशर की कई गोलियां खा लीं थीं. हालत बिगड़ने पर सहकर्मियों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
घटना की सूचना मिलते ही डीआईओएस राकेश कुमार और एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. इस घटना के बाद से पूरे जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं.
पत्नी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, दी तहरीर
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने इन्हीं दोनों से मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया. तहरीर में यह भी कहा गया कि लंबे समय से दबाव और लेन-देन के विवाद के चलते परिवार तनाव में था. हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
25 लाख रुपये के आरोप, ऑडियो-वीडियो वायरल
मामले में उस समय और गर्मी आ गई जब विनोद श्रीवास्तव के बेटे शिवांग ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप पोस्ट की. इसमें दावा किया गया कि उनकी मां ने पैसे वापसी की बात करने के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष से संपर्क किया था, लेकिन बातचीत को टाल दिया गया.
साथ ही विनोद श्रीवास्तव के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी को पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग किश्तों में पैसे दिए गए. हालांकि इन वायरल ऑडियो और वीडियो की पुष्टि युगान्तर प्रवाह नहीं करता है.
मुखलाल पाल ने आरोपों को बताया साजिश
दूसरी ओर, आरोपों में घिरे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि यदि पैसे देने का कोई प्रमाण है तो सार्वजनिक किया जाए. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतना पैसा आखिर आया कहां से. उन्होंने पूरे प्रकरण को पार्टी को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं मीडिया से बातचीत में डीआईओएस राकेश कुमार ने कहा कि बेबुनियाद आरोप हैं वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.
डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ते विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है. इस समिति की अध्यक्षता एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव को सौंपी गई है, जबकि क्षेत्राधिकारी सदर प्रमोद शुक्ला और कोषाधिकारी योगेश पांडेय को सदस्य बनाया गया है. समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे.
पार्टी संगठन भी सतर्क, प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची रिपोर्ट
इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा संगठन के अंदर भी हलचल पैदा कर दी है. मीडिया से बातचीत में जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी है, जिसमें दोनों पक्षों के वीडियो और अन्य साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं. हालांकि पैसे के लेन देन को लेकर BJP जिलाध्यक्ष ने कहा कि इसके बारे में वो नहीं जानते हैं ये जांच का विषय है.
Fatehpur News: फतेहपुर में बाबू कांड ने पकड़ा तूल ! पत्नी ने DIOS और पूर्व BJP जिलाध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर, डीएम ने बैठाई जांच
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में डीआईओएस कार्यालय से जुड़ा मामला अब सिर्फ एक कर्मचारी के आत्महत्या प्रयास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राजनीति, पैसे के लेन-देन और दबाव के आरोप भी जुड़ते जा रहे हैं. वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव के परिवार ने सीधे तौर पर जिला विद्यालय निरीक्षक और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासन और सियासत दोनों में हलचल तेज हो गई है. वहीं मुखलाल पाल ने इस प्रकरण को साज़िश बताया है.
आत्महत्या प्रयास से शुरू हुआ पूरा विवाद
डीआईओएस कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव ने सोमवार देर शाम अपने ही कार्यालय में कथित तौर पर एक साथ नींद और ब्लड प्रेशर की कई गोलियां खा लीं थीं. हालत बिगड़ने पर सहकर्मियों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
घटना की सूचना मिलते ही डीआईओएस राकेश कुमार और एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. इस घटना के बाद से पूरे जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं.
पत्नी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, दी तहरीर
बुधवार को इस मामले ने नया मोड़ तब लिया जब विनोद श्रीवास्तव की पत्नी और भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी पूनम श्रीवास्तव ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर डीआईओएस राकेश कुमार और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने इन्हीं दोनों से मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया. तहरीर में यह भी कहा गया कि लंबे समय से दबाव और लेन-देन के विवाद के चलते परिवार तनाव में था. हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
25 लाख रुपये के आरोप, ऑडियो-वीडियो वायरल
मामले में उस समय और गर्मी आ गई जब विनोद श्रीवास्तव के बेटे शिवांग ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप पोस्ट की. इसमें दावा किया गया कि उनकी मां ने पैसे वापसी की बात करने के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष से संपर्क किया था, लेकिन बातचीत को टाल दिया गया.
साथ ही विनोद श्रीवास्तव के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी को पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग किश्तों में पैसे दिए गए. हालांकि इन वायरल ऑडियो और वीडियो की पुष्टि युगान्तर प्रवाह नहीं करता है.
मुखलाल पाल ने आरोपों को बताया साजिश
दूसरी ओर, आरोपों में घिरे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि यदि पैसे देने का कोई प्रमाण है तो सार्वजनिक किया जाए. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतना पैसा आखिर आया कहां से. उन्होंने पूरे प्रकरण को पार्टी को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं मीडिया से बातचीत में डीआईओएस राकेश कुमार ने कहा कि बेबुनियाद आरोप हैं वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.
डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ते विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है. इस समिति की अध्यक्षता एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव को सौंपी गई है, जबकि क्षेत्राधिकारी सदर प्रमोद शुक्ला और कोषाधिकारी योगेश पांडेय को सदस्य बनाया गया है. समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे.
पार्टी संगठन भी सतर्क, प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची रिपोर्ट
इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा संगठन के अंदर भी हलचल पैदा कर दी है. मीडिया से बातचीत में जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी है, जिसमें दोनों पक्षों के वीडियो और अन्य साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं. हालांकि पैसे के लेन देन को लेकर BJP जिलाध्यक्ष ने कहा कि इसके बारे में वो नहीं जानते हैं ये जांच का विषय है.