
Fatehpur News: फतेहपुर में अब व्हाट्सऐप पर मिलेगी एफआईआर की कॉपी, एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने लागू की नई व्यवस्था
फतेहपुर पुलिस ने एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराने को लेकर नई व्यवस्था लागू की है. अब मुकदमा दर्ज होते ही वादी के व्हाट्सऐप पर एफआईआर की प्रति भेजी जाएगी. व्हाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करने वाले वादियों को बीट या हलका आरक्षी घर जाकर कॉपी उपलब्ध कराएगा. महिला वादियों को प्रति महिला पुलिसकर्मी सम्मानपूर्वक उपलब्ध कराएगी.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मुकदमा दर्ज कराने वाले वादियों के लिए पुलिस ने बड़ी राहत दी है. अब एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी कॉपी लेने के लिए वादी को थाने या पुलिस कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने जिले में ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत एफआईआर दर्ज होते ही उसकी प्रति वादी तक पहुंचाना अनिवार्य होगा.
एफआईआर दर्ज होते ही व्हाट्सऐप पर भेजी जाएगी कॉपी
नई व्यवस्था के तहत किसी मामले में एफआईआर दर्ज होते ही संबंधित वादी को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी. यदि वादी व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करता है तो एफआईआर की कॉपी उसके व्हाट्सऐप नंबर पर तत्काल भेजी जाएगी.

व्हाट्सऐप नहीं है तो घर पहुंचेगी एफआईआर
पुलिसकर्मी द्वारा एफआईआर की प्रति दिए जाने के दौरान वादी के साथ फोटो भी लिया जाएगा. इस फोटो को थाना अभिलेख में सुरक्षित रखा जाएगा. इससे यह रिकॉर्ड रहेगा कि वादी को एफआईआर की प्रति कब और किस तरह उपलब्ध कराई गई.
वादी को समय से जानकारी नहीं मिलने की शिकायत
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में ऐसे मामले आए थे, जिनमें थाने पर एफआईआर दर्ज होने के बाद भी वादी को समय से इसकी जानकारी नहीं मिल पाती थी. कई बार मुकदमा दर्ज होने के समय वादी थाने पर मौजूद नहीं होता था.
ऐसी स्थिति में वादी को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी लेने और एफआईआर की कॉपी हासिल करने के लिए बार-बार थाना या पुलिस कार्यालय जाना पड़ता था. इसी परेशानी को खत्म करने के लिए एफआईआर दर्ज होते ही उसकी प्रति वादी को उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की गई है.
लापरवाही पर थाना प्रभारी की तय होगी जिम्मेदारी
एसपी ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर की प्रति वादी तक पहुंचाने की प्रक्रिया में लापरवाही मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी. मामले में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी.
पुलिस की नई व्यवस्था में एफआईआर दर्ज करने से लेकर उसकी प्रति वादी तक पहुंचाने तक की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखने पर भी जोर दिया गया है. इससे किसी स्तर पर लापरवाही होने पर जिम्मेदारी तय करना आसान होगा.
महिला वादियों के लिए भी विशेष व्यवस्था
फतेहपुर पुलिस ने महिला वादियों की गरिमा और निजता को ध्यान में रखते हुए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं. महिला वादी को एफआईआर की प्रति केवल महिला पुलिसकर्मी द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी.
महिला पुलिसकर्मी वादी को सम्मान और शालीनता के साथ एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएगी. पुलिस का उद्देश्य है कि मुकदमे से जुड़े दस्तावेज हासिल करने में महिला वादी को किसी तरह की असहज स्थिति का सामना न करना पड़े.
वादियों को बार-बार थाने जाने से मिलेगी राहत
फतेहपुर पुलिस की यह पहल एफआईआर दर्ज कराने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. खासतौर पर उन वादियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा, जो किसी कारण से एफआईआर दर्ज होने के समय थाने पर मौजूद नहीं रह पाते हैं.
अब उन्हें मुकदमे की जानकारी या एफआईआर की प्रति के लिए थाने और पुलिस कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी. व्हाट्सऐप के जरिए डिजिटल कॉपी या बीट पुलिसकर्मी के माध्यम से घर पर प्रति उपलब्ध कराने की व्यवस्था से प्रक्रिया अधिक आसान और जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है.
Fatehpur News: फतेहपुर में अब व्हाट्सऐप पर मिलेगी एफआईआर की कॉपी, एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने लागू की नई व्यवस्था
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मुकदमा दर्ज कराने वाले वादियों के लिए पुलिस ने बड़ी राहत दी है. अब एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी कॉपी लेने के लिए वादी को थाने या पुलिस कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने जिले में ऐसी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत एफआईआर दर्ज होते ही उसकी प्रति वादी तक पहुंचाना अनिवार्य होगा.
एफआईआर दर्ज होते ही व्हाट्सऐप पर भेजी जाएगी कॉपी
नई व्यवस्था के तहत किसी मामले में एफआईआर दर्ज होते ही संबंधित वादी को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी. यदि वादी व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करता है तो एफआईआर की कॉपी उसके व्हाट्सऐप नंबर पर तत्काल भेजी जाएगी.
इस व्यवस्था का मकसद यह है कि वादी को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी और उसकी कॉपी के लिए दोबारा थाने न जाना पड़े. इससे समय की बचत होगी और एफआईआर की प्रति हासिल करने की प्रक्रिया भी आसान होगी.
व्हाट्सऐप नहीं है तो घर पहुंचेगी एफआईआर
ऐसे वादी जो व्हाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करते हैं, उन्हें भी एफआईआर की कॉपी पाने के लिए थाने आने की जरूरत नहीं होगी. संबंधित हलका या बीट आरक्षी वादी के घर जाकर एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराएगा.
पुलिसकर्मी द्वारा एफआईआर की प्रति दिए जाने के दौरान वादी के साथ फोटो भी लिया जाएगा. इस फोटो को थाना अभिलेख में सुरक्षित रखा जाएगा. इससे यह रिकॉर्ड रहेगा कि वादी को एफआईआर की प्रति कब और किस तरह उपलब्ध कराई गई.
वादी को समय से जानकारी नहीं मिलने की शिकायत
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में ऐसे मामले आए थे, जिनमें थाने पर एफआईआर दर्ज होने के बाद भी वादी को समय से इसकी जानकारी नहीं मिल पाती थी. कई बार मुकदमा दर्ज होने के समय वादी थाने पर मौजूद नहीं होता था.
ऐसी स्थिति में वादी को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी लेने और एफआईआर की कॉपी हासिल करने के लिए बार-बार थाना या पुलिस कार्यालय जाना पड़ता था. इसी परेशानी को खत्म करने के लिए एफआईआर दर्ज होते ही उसकी प्रति वादी को उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की गई है.
लापरवाही पर थाना प्रभारी की तय होगी जिम्मेदारी
एसपी ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर की प्रति वादी तक पहुंचाने की प्रक्रिया में लापरवाही मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी. मामले में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी.
पुलिस की नई व्यवस्था में एफआईआर दर्ज करने से लेकर उसकी प्रति वादी तक पहुंचाने तक की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखने पर भी जोर दिया गया है. इससे किसी स्तर पर लापरवाही होने पर जिम्मेदारी तय करना आसान होगा.
महिला वादियों के लिए भी विशेष व्यवस्था
फतेहपुर पुलिस ने महिला वादियों की गरिमा और निजता को ध्यान में रखते हुए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं. महिला वादी को एफआईआर की प्रति केवल महिला पुलिसकर्मी द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी.
महिला पुलिसकर्मी वादी को सम्मान और शालीनता के साथ एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएगी. पुलिस का उद्देश्य है कि मुकदमे से जुड़े दस्तावेज हासिल करने में महिला वादी को किसी तरह की असहज स्थिति का सामना न करना पड़े.
वादियों को बार-बार थाने जाने से मिलेगी राहत
फतेहपुर पुलिस की यह पहल एफआईआर दर्ज कराने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. खासतौर पर उन वादियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा, जो किसी कारण से एफआईआर दर्ज होने के समय थाने पर मौजूद नहीं रह पाते हैं.
अब उन्हें मुकदमे की जानकारी या एफआईआर की प्रति के लिए थाने और पुलिस कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी. व्हाट्सऐप के जरिए डिजिटल कॉपी या बीट पुलिसकर्मी के माध्यम से घर पर प्रति उपलब्ध कराने की व्यवस्था से प्रक्रिया अधिक आसान और जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है.