
Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी ! एक छात्र की मौत, 30 से ज्यादा छात्रों के दबे होने की आशंका
दिल्ली के दक्षिणी इलाके सत्य निकेतन में रविवार को बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया, यहां पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई. हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. इमारत में पीजी संचालित होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मौके पर युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं.
Delhi Building Collapse: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में स्थित एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इमारत के ढहते ही आसपास धूल का गुबार उठ गया और इलाके में चीख-पुकार मच गई. इमारत में पीजी संचालित होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक छात्र की मौत हो गई है, जबकि राहत एवं बचाव टीमें मलबे में दबे अन्य छात्रों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं.
दोपहर करीब 1:30 बजे मिली इमारत गिरने की सूचना
जानकारी के अनुसार, दिल्ली फायर सर्विस को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक पांच मंजिला इमारत गिरने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही दमकल विभाग, स्थानीय पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं.

पीजी में रह रहे 30 से ज्यादा छात्रों के दबे होने की आशंका
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान पांच छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की सूचना है. बचावकर्मी मलबे में दबे अन्य छात्रों तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं.
एक छात्र की मौत, दो की हालत गंभीर
हादसे के बाद चार लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया. इनमें से एक छात्र को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया. दो छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं, एक बचावकर्मी को भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई.
बेसमेंट में चल रहा था काम, पिलर फटने की आशंका
शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 80 गज क्षेत्रफल में बनी इस पांच मंजिला इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था. जांच के दौरान यह आशंका भी जताई गई है कि इमारत का पिलर क्षतिग्रस्त या फटने के कारण ढांचा कमजोर हुआ और इसके बाद पूरी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई.
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा. संबंधित एजेंसियां बेसमेंट में चल रहे कार्य और इमारत की संरचनात्मक स्थिति की जांच करेंगी.
एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां मौके पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम भी सत्य निकेतन पहुंच गई है. दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस के साथ कई अन्य एजेंसियां भी राहत एवं बचाव अभियान में लगी हैं.
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं.
मौके पर कई एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाओं को भी तैनात किया गया है. इसके अलावा पास के आईटीबीपी कैंप से जवानों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है.
बगल की इमारत को एहतियातन कराया गया खाली
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर हादसे वाली इमारत के पास स्थित एक अन्य इमारत को भी खाली करा लिया गया है. प्रशासन आसपास की इमारतों की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है.
गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा का कार्यक्रम किया रद्द
सत्य निकेतन हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया. घटना के बाद दिल्ली में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है.
केंद्रीय और स्थानीय एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर समन्वय के साथ काम कर रही हैं. मलबे के नीचे दबे छात्रों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
विधायक और महापौर भी पहुंचे मौके पर
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली.
इसके बाद महापौर प्रवेश वाही भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. प्रशासनिक अधिकारी लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं.
युद्ध स्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है. बचावकर्मी भारी मलबे को बेहद सावधानी से हटाते हुए फंसे छात्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मलबे के नीचे दबे छात्रों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए. घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और लोगों से भीड़ न लगाने की अपील की गई है.
फिलहाल, मलबे में दबे छात्रों की वास्तविक संख्या और इमारत ढहने के सटीक कारणों को लेकर जांच जारी है. राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.
