
Fatehpur News: फतेहपुर के एआरटीओ कार्यालय में छापेमारी, अवैध वसूली की शिकायत पर 12 लोग हिरासत में, चार पर केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एआरटीओ कार्यालय में अनियमितता और अवैध वसूली की शिकायतों के बाद गुरुवार को प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की. एडीएम विनय पाण्डेय और एएसपी ज्ञान प्रकाश ने भारी पुलिस बल के साथ हाईवे स्थित एआरटीओ कार्यालय में अचानक छापेमारी की. जांच के दौरान कार्यालय परिसर से 12 लोगों को हिरासत में लिया गया.
Fatehpur News: फतेहपुर जिले के हाईवे स्थित एआरटीओ कार्यालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक कार्यालय को चारों तरफ से घेरकर छापेमारी शुरू कर दी. अनियमितता और कथित अवैध वसूली की शिकायतों के बीच हुई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने कार्यालय के विभिन्न कक्षों और बाबुओं के पटल की गहन जांच की. मौके से मिले 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिनमें एक अधिवक्ता भी शामिल था.
भारी पुलिस बल के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंची टीम
गुरुवार को एडीएम विनय पाण्डेय और एएसपी ज्ञान प्रकाश के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम अचानक एआरटीओ कार्यालय पहुंची. कार्रवाई के दौरान चार थानों की पुलिस को भी मौके पर लगाया गया था.

बाबुओं के पटल से लेकर अधिकारियों के कक्ष तक हुई जांच
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की. बाबुओं के काउंटर, अधिकारियों के कक्ष और कार्यालय के प्रथम तल पर भी छानबीन की गई.
जांच के दौरान अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद बाहरी लोगों की पहचान और वहां उनकी मौजूदगी के कारणों को लेकर भी जानकारी जुटाई. एआरटीओ प्रशासन, पीटीओ और टीआई से कार्यालय परिसर में मौजूद लोगों के संबंध में पूछताछ की गई.
12 लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची पुलिस
जांच के दौरान अधिकारियों को कार्यालय परिसर में कुछ ऐसे लोग मिले, जिनकी मौजूदगी को लेकर संदेह हुआ. पुलिस ने एक अधिवक्ता समेत कुल 12 लोगों को पकड़कर हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए कोतवाली ले जाया गया.
हिरासत में लिए गए लोगों से यह जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया कि वे एआरटीओ कार्यालय में किस काम से आए थे और उनका कार्यालय के कर्मचारियों से क्या संबंध है.
साक्ष्य देने पर आठ लोगों को छोड़ा गया
पूछताछ के दौरान आठ लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी पहचान और कार्यालय में आने से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए. इन लोगों ने बताया कि वे निजी काम से एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे.
अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की. जांच के बाद आठ लोगों की बात सही पाए जाने पर उन्हें छोड़ दिया गया.
चार संदिग्धों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पूछताछ के बाद चार लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. अधिकारियों के अनुसार चार संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध लोग कार्यालय परिसर में किस उद्देश्य से मौजूद थे.
एडीएम बोले, यह अचानक की गई रूटीन चेकिंग
एडीएम विनय पाण्डेय ने बताया कि यह कार्रवाई अचानक की गई रूटीन चेकिंग का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान विभाग के अंदर कुछ ऐसे लोग मिले, जो अपना परिचय तक स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे थे.
उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. जांच के बाद निजी काम से पहुंचे आठ लोगों को साक्ष्य प्रस्तुत करने पर छोड़ दिया गया, जबकि अन्य चार संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
एडीएम के अनुसार प्रशासन समय-समय पर बिना पूर्व सूचना के इस तरह की जांच और छापेमारी करता है, ताकि सरकारी कार्यालयों में कामकाज पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके.
अधिवक्ता को हिरासत में लेने पर साथियों ने जताया विरोध
हिरासत में लिए गए 12 लोगों में एक अधिवक्ता के शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद अन्य अधिवक्ता भी सक्रिय हो गए. मामले की सूचना पर अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई का विरोध जताया.
अधिवक्ताओं ने अपने साथी को छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि वह निजी काम से एआरटीओ कार्यालय गए थे. वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सक्षम अधिकारियों के निर्देश पर सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है.
कोतवाली पुलिस ने कही जांच की बात
इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि सक्षम अधिकारियों के निर्देश पर हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की गई. पूरे मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
फिलहाल एआरटीओ कार्यालय में हुई इस अचानक छापेमारी और चार संदिग्धों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर जिले में चर्चा बनी हुई है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की औचक जांच आगे भी की जाती रहेगी.
