Fatehpur News: 12 साल से ट्रक ड्राइवर बनकर छिपा था 50 हजार का इनामी हसीनउल्ला, STF ने ऐसे दबोचा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में वर्ष 2014 की 9 लाख रुपये की चर्चित लूट के मामले में 12 साल से फरार चल रहे 50 हजार के इनामी हसीनउल्ला को लखनऊ STF ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपी अपनी पहचान छिपाकर कई राज्यों में ट्रक चालक बनकर रह रहा था और मंगलवार को फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास दबोचा गया.
Fatehpur News: फतेहपुर में साल 2014 में हुई 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. 12 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला उर्फ जावेद को लखनऊ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था.
बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे डेरी सचिव से हुई थी लूट
जानकारी के मुताबिक 22 दिसंबर 2014 को औंग थाना क्षेत्र के रामपुर मोड़ स्थित पांडेय डेरी के सचिव श्रीपाल पांडेय भारतीय स्टेट बैंक की चौडगरा शाखा से 9 लाख रुपये निकालकर बाइक से डेरी लौट रहे थे. अजंता होटल के पास पहले से घात लगाए बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए.
मालगाड़ी से भागे थे सभी आरोपी

बाइक के स्टीकर से आरोपियों तक पहुंची थी पुलिस
कई राज्यों में ट्रक ड्राइवर बनकर छिपा रहा
एसटीएफ की जांच में पता चला कि हसीनउल्ला महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक में ट्रक चालक बनकर रह रहा था. वह समय-समय पर चोरी-छिपे अपने परिवार से मिलने भी आता था. लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रशासन ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.
ऐसे दबोचा गया इनामी बदमाश
एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आने वाला है. इसके बाद टीम ने फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास जाल बिछाया. मंगलवार को जैसे ही हसीनउल्ला वहां पहुंचा, एसटीएफ ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे औंग थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.
अन्य आरोपी जमानत पर बाहर
जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. इस मामले के अन्य चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं. 12 साल बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है.
Fatehpur News: 12 साल से ट्रक ड्राइवर बनकर छिपा था 50 हजार का इनामी हसीनउल्ला, STF ने ऐसे दबोचा
Fatehpur News: फतेहपुर में साल 2014 में हुई 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. 12 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला उर्फ जावेद को लखनऊ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहा था.
बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे डेरी सचिव से हुई थी लूट
जानकारी के मुताबिक 22 दिसंबर 2014 को औंग थाना क्षेत्र के रामपुर मोड़ स्थित पांडेय डेरी के सचिव श्रीपाल पांडेय भारतीय स्टेट बैंक की चौडगरा शाखा से 9 लाख रुपये निकालकर बाइक से डेरी लौट रहे थे. अजंता होटल के पास पहले से घात लगाए बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए.
मालगाड़ी से भागे थे सभी आरोपी
जांच में सामने आया कि वारदात को फतेहपुर के अजय, राम किशोर, अखिलेश पाल तथा सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बजूपुर हड़ही निवासी हसीनउल्ला खान ने मिलकर अंजाम दिया था. लूट के बाद सभी आरोपी एक ही बाइक से बिंदकी रोड चौडगरा रेलवे स्टेशन पहुंचे. वहां बाइक खड़ी कर मालगाड़ी में सवार होकर फरार हो गए.
बाइक के स्टीकर से आरोपियों तक पहुंची थी पुलिस
बताया जा रहा है कि तत्कालीन थाना प्रभारी अजय सेठ ने घटनास्थल पर मिली बाइक के पीछे लगे स्टीकर के आधार पर आरोपियों की पहचान की थी. पुलिस ने हीरालाल, अखिलेश पाल, राम किशोर और अजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन हसीनउल्ला लगातार फरार रहा. बाद में उसकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंप दी गई.
कई राज्यों में ट्रक ड्राइवर बनकर छिपा रहा
एसटीएफ की जांच में पता चला कि हसीनउल्ला महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक में ट्रक चालक बनकर रह रहा था. वह समय-समय पर चोरी-छिपे अपने परिवार से मिलने भी आता था. लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रशासन ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.
ऐसे दबोचा गया इनामी बदमाश
एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आने वाला है. इसके बाद टीम ने फतेहपुर रेलवे स्टेशन के पास जाल बिछाया. मंगलवार को जैसे ही हसीनउल्ला वहां पहुंचा, एसटीएफ ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे औंग थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.
अन्य आरोपी जमानत पर बाहर
जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. इस मामले के अन्य चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं. 12 साल बाद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है.