
Fatehpur News: फतेहपुर में बेटों की गवाही से पिता को सजा ! जानिए कोर्ट का ये फैसला क्यों बना है चर्चा का विषय
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसाफ और रिश्तों दोनों को झकझोर दिया. पत्नी और बेटी की आत्महत्या के मामले में आरोपी पिता को चार साल की सजा सुनाई गई है. चौंकाने वाली बात यह रही कि अदालत में गवाही देने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके ही दो नाबालिग बेटे थे.
Fatehpur Court News: यूपी के फतेहपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला चर्चा में है. हुसैनगंज थाना क्षेत्र के आम्बी गांव में पत्नी और बेटी की आत्महत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया है. अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-2 की जज पूजा विश्वकर्मा ने आरोपी गया प्रसाद पाल उर्फ कल्लू को चार साल की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.
पत्नी-बेटी की मौत से हिला था आम्बी गांव

बताया जाता है कि गया प्रसाद अक्सर घर में झगड़ा करता था, अपने पिता से जमीन अपने नाम कराने का दबाव डालता था और पत्नी-बच्चों को प्रताड़ित करता था. लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर अगले ही दिन सुबह करीब छह बजे मां-बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया था.
पिता ने ही दर्ज कराई थी अपने बेटे के खिलाफ रिपोर्ट

जब बेटे ही बन गए पिता के खिलाफ गवाह

अभियोजन ने रखे ठोस तर्क, अदालत ने सुनाया फैसला

अदालत ने उसे चार साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि यदि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
इंसाफ की जीत और टूटे रिश्तों की दर्दनाक मिसाल

