Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

Fatehpur News: फतेहपुर में बेटों की गवाही से पिता को सजा ! जानिए कोर्ट का ये फैसला क्यों बना है चर्चा का विषय

Fatehpur News: फतेहपुर में बेटों की गवाही से पिता को सजा ! जानिए कोर्ट का ये फैसला क्यों बना है चर्चा का विषय
फतेहपुर में पत्नी और बेटी की मौत में बेटों ने दी पिता के खिलाफ गवाही, कोर्ट ने सुनाया फैसला (File Photo): Image Credit Original Source

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसाफ और रिश्तों दोनों को झकझोर दिया. पत्नी और बेटी की आत्महत्या के मामले में आरोपी पिता को चार साल की सजा सुनाई गई है. चौंकाने वाली बात यह रही कि अदालत में गवाही देने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके ही दो नाबालिग बेटे थे.

Fatehpur Court News: यूपी के फतेहपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला चर्चा में है. हुसैनगंज थाना क्षेत्र के आम्बी गांव में पत्नी और बेटी की आत्महत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया है. अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-2 की जज पूजा विश्वकर्मा ने आरोपी गया प्रसाद पाल उर्फ कल्लू को चार साल की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.

पत्नी-बेटी की मौत से हिला था आम्बी गांव

जानकारी के मुताबिक घटना फरवरी 2022 की है जब आम्बी गांव निवासी गया प्रसाद पाल शराब के नशे में घर लौटा. नशे की हालत में उसने अपनी पत्नी आशा देवी और 16 वर्षीय बेटी सीमा के साथ मारपीट की.

बताया जाता है कि गया प्रसाद अक्सर घर में झगड़ा करता था, अपने पिता से जमीन अपने नाम कराने का दबाव डालता था और पत्नी-बच्चों को प्रताड़ित करता था. लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर अगले ही दिन सुबह करीब छह बजे मां-बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया था.

पिता ने ही दर्ज कराई थी अपने बेटे के खिलाफ रिपोर्ट

घटना के बाद गया प्रसाद के पिता रामसहाय पाल ने खुद अपने बेटे के खिलाफ थाने में तहरीर दी. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका बेटा शराबी और जुआरी है. वह नशे में आए दिन परिवार से मारपीट करता था और घर में भय का माहौल बना देता था. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आरोपी उनके साथ-साथ अपने बेटों की जान के लिए भी खतरा बन चुका है. इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में वर्चस्व की जंग में 5 लोगों पर मुकदमा ! ईंट भट्टे के पास शराब पार्टी, फिर कुएं में धक्का देने का आरोप

जब बेटे ही बन गए पिता के खिलाफ गवाह

इस केस की सबसे अहम बात यह रही कि अदालत में आरोपी के ही दो नाबालिग बेटों लवलेश और लवकुश ने अपने पिता के खिलाफ गवाही दी. दोनों बेटों ने जज के सामने कहा कि उनके पिता शराब के नशे में मां और बहन को बुरी तरह पीटते थे.

Read More: प्यार, शक और कत्ल की खौफनाक कहानी: शादीशुदा प्रेमिका की प्रेमी ने कर दी हत्या, फिर खुद पहुंच गया थाने

घटना वाली रात भी उन्होंने उन्हें मारा-पीटा था. इसके बाद दोनों ने दुखी होकर फांसी लगाई. बेटों की सच्ची गवाही ने अदालत का रुख तय कर दिया और यही अभियोजन पक्ष की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुई.

Read More: UP में ग्रामीणों ने खुद बना डाला पुल: फिर जागा सिस्टम ! अब 27 करोड़ से होगा निर्माण, 40 सालों से थी मांग

अभियोजन ने रखे ठोस तर्क, अदालत ने सुनाया फैसला

मीडिया से बातचीत करते हुए अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने अदालत में बताया कि मुकदमे में कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए. इनमें पीड़ित के पिता और बेटों की गवाही सबसे निर्णायक रही. साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने आरोपी गया प्रसाद पाल उर्फ कल्लू को दोषी ठहराया.

अदालत ने उसे चार साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि यदि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

इंसाफ की जीत और टूटे रिश्तों की दर्दनाक मिसाल

यह फैसला सिर्फ एक सजा नहीं बल्कि एक सबक भी है. जिस पिता की हरकतों ने उसकी पत्नी और बेटी की जान ली, उसी के बेटों ने अदालत में खड़े होकर न्याय की आवाज़ बुलंद की. इस घटना ने यह दिखा दिया कि कानून के सामने रिश्तों की दीवार भी टिक नहीं सकती. अदालत का यह फैसला अब पूरे जनपद में चर्चा का विषय बन गया है और घरेलू हिंसा के मामलों में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.

30 Oct 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: फतेहपुर में बेटों की गवाही से पिता को सजा ! जानिए कोर्ट का ये फैसला क्यों बना है चर्चा का विषय

Fatehpur Court News: यूपी के फतेहपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला चर्चा में है. हुसैनगंज थाना क्षेत्र के आम्बी गांव में पत्नी और बेटी की आत्महत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया है. अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-2 की जज पूजा विश्वकर्मा ने आरोपी गया प्रसाद पाल उर्फ कल्लू को चार साल की सजा और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.

पत्नी-बेटी की मौत से हिला था आम्बी गांव

जानकारी के मुताबिक घटना फरवरी 2022 की है जब आम्बी गांव निवासी गया प्रसाद पाल शराब के नशे में घर लौटा. नशे की हालत में उसने अपनी पत्नी आशा देवी और 16 वर्षीय बेटी सीमा के साथ मारपीट की.

बताया जाता है कि गया प्रसाद अक्सर घर में झगड़ा करता था, अपने पिता से जमीन अपने नाम कराने का दबाव डालता था और पत्नी-बच्चों को प्रताड़ित करता था. लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर अगले ही दिन सुबह करीब छह बजे मां-बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया था.

पिता ने ही दर्ज कराई थी अपने बेटे के खिलाफ रिपोर्ट

घटना के बाद गया प्रसाद के पिता रामसहाय पाल ने खुद अपने बेटे के खिलाफ थाने में तहरीर दी. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका बेटा शराबी और जुआरी है. वह नशे में आए दिन परिवार से मारपीट करता था और घर में भय का माहौल बना देता था. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आरोपी उनके साथ-साथ अपने बेटों की जान के लिए भी खतरा बन चुका है. इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था.

जब बेटे ही बन गए पिता के खिलाफ गवाह

इस केस की सबसे अहम बात यह रही कि अदालत में आरोपी के ही दो नाबालिग बेटों लवलेश और लवकुश ने अपने पिता के खिलाफ गवाही दी. दोनों बेटों ने जज के सामने कहा कि उनके पिता शराब के नशे में मां और बहन को बुरी तरह पीटते थे.

घटना वाली रात भी उन्होंने उन्हें मारा-पीटा था. इसके बाद दोनों ने दुखी होकर फांसी लगाई. बेटों की सच्ची गवाही ने अदालत का रुख तय कर दिया और यही अभियोजन पक्ष की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुई.

अभियोजन ने रखे ठोस तर्क, अदालत ने सुनाया फैसला

मीडिया से बातचीत करते हुए अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने अदालत में बताया कि मुकदमे में कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए. इनमें पीड़ित के पिता और बेटों की गवाही सबसे निर्णायक रही. साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने आरोपी गया प्रसाद पाल उर्फ कल्लू को दोषी ठहराया.

अदालत ने उसे चार साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि यदि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता, तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

इंसाफ की जीत और टूटे रिश्तों की दर्दनाक मिसाल

यह फैसला सिर्फ एक सजा नहीं बल्कि एक सबक भी है. जिस पिता की हरकतों ने उसकी पत्नी और बेटी की जान ली, उसी के बेटों ने अदालत में खड़े होकर न्याय की आवाज़ बुलंद की. इस घटना ने यह दिखा दिया कि कानून के सामने रिश्तों की दीवार भी टिक नहीं सकती. अदालत का यह फैसला अब पूरे जनपद में चर्चा का विषय बन गया है और घरेलू हिंसा के मामलों में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.

Latest News

25 मई 2026 का राशिफल: सोमवार को दर्पण देख कर करें यात्रा ! जानिए सभी राशियों का राशिफल 25 मई 2026 का राशिफल: सोमवार को दर्पण देख कर करें यात्रा ! जानिए सभी राशियों का राशिफल
25 मई 2026 सोमवार का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं और सतर्कता दोनों लेकर आया है. चंद्रमा की...
Fatehpur News: दहेज केस की जांच करने पहुंची महिला दरोगा पर हमला, हेड कांस्टेबल भी घायल, 7 नामजद पर मुकदमा
White House Shooting: व्हाइट हाउस के बाहर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, ट्रंप अंदर मौजूद थे, हमलावर नसीरे बेस्ट ढेर
24 मई का राशिफल: किस राशि पर आएगा संकट, किसकी चमकेगी किस्मत, जानिए मेष से मीन तक दैनिक भाग्यफल
UP के इस रेलवे स्टेशन पर मची भगदड: प्लेटफार्म बदलते ही मची अफरा-तफरी, 2 डिप्टी स्टेशन मास्टर सस्पेंड
UP में ग्रामीणों ने खुद बना डाला पुल: फिर जागा सिस्टम ! अब 27 करोड़ से होगा निर्माण, 40 सालों से थी मांग
फर्जी मार्कशीट के सहारे 10 साल तक बनी रहीं टीचर, STF जांच में खुला खेल, फतेहपुर BSA ने किया सस्पेंड

Follow Us