UP SIR Process Date Extended: यूपी में एसआईआर प्रक्रिया 26 दिसंबर तक बढ़ी, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बड़ा बदलाव
यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा बढ़ा दी गई है. अब नागरिक 26 दिसंबर तक वोटर सूची में नाम जोड़ने, संशोधित करने या हटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे. चुनाव आयोग ने यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी की मांग पर यह निर्णय लिया है. ड्राफ्ट सूची अब 31 दिसंबर को जारी होगी.
UP SIR Process Date Extended: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठ रही मांगों के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि को 11 दिसंबर से बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दिया है. इससे लाखों मतदाताओं को नाम जोड़ने, सुधार कराने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने का अतिरिक्त समय मिल गया है.
26 दिसंबर तक मिलेगा मौका, बढ़ी SIR की डेडलाइन्स
यूपी में चल रही एसआईआर प्रक्रिया लगातार दबाव में थी क्योंकि बूथ लेवल अधिकारियों से लेकर राजनीतिक दलों तक सभी ने समय सीमा कम होने की शिकायत की थी. इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने दो सप्ताह की बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है. पहले अंतिम तिथि 11 दिसंबर तय थी, लेकिन अब नागरिक 26 दिसंबर तक फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे.
आयोग के इस निर्णय से उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जिन तक अब तक गणना फॉर्म नहीं पहुंच पाए थे या जिन्हें सत्यापन के लिए अधिक समय चाहिए था. आयोग का कहना है कि कोई भी वैध मतदाता सूची से बाहर नहीं होने दिया जाएगा और सभी को समान अवसर दिया जाएगा.
ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 16 की जगह 31 दिसंबर को होगी जारी
इससे सत्यापन के लिए मिले अतिरिक्त समय के मुताबिक BLO और निर्वाचन अधिकारी पूरी तरह तैयार रह सकेंगे. आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने नहीं दिया जाएगा. फरवरी 2026 में अंतिम सूची जारी होने के बाद भी जो लोग 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे.
एसआईआर रिपोर्ट: करोड़ों मतदाताओं का सत्यापन अभी भी बाकी
यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 91 प्रतिशत गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं और उनमें से लगभग 80 प्रतिशत फॉर्म वापस जमा भी हो चुके हैं. 2003 की मतदाता सूची से 76 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी है.
हालांकि, करीब 2.91 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिन तक फॉर्म नहीं पहुंच सका, जिसके लिए अतिरिक्त समय जरूरी था. साथ ही 1.27 करोड़ शिफ्टेड, 46 लाख मृतक, 23.69 लाख डुप्लीकेट और 84.74 लाख ऐसे मतदाता पाए गए जिनका कोई पता नहीं मिला. इन आंकड़ों की पूरी पुष्टि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद साफ हो सकेगी.
BLA और राजनीतिक दलों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
चुनाव आयोग ने बूथ लेवल एजेंट (BLA) और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए कहा है कि वे फील्ड में जाकर उन मतदाताओं को खोजें जिनका पता उपलब्ध नहीं है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिणवा ने बताया कि अगले दो सप्ताह में 2.91 करोड़ वोटरों का दोबारा सत्यापन करना सबसे चुनौतीपूर्ण चरण है, इसलिए सभी पार्टियों और कार्यकर्ताओं को सहयोग करना होगा. BLO और निर्वाचन विभाग भी घर-घर जाकर सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने में लगे हुए हैं ताकि 31 दिसंबर तक संशोधित ड्राफ्ट सूची पूरी तरह तैयार हो सके.
लोकतंत्र मजबूत करने के लिए हर पात्र मतदाता को जोड़ें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी एक महीने को एसआईआर प्रक्रिया को समर्पित किया जाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होना जरूरी है.
योगी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि किसने फॉर्म जमा किया है और किसने नहीं. साथ ही अपात्र नाम हटाने और पात्र नाम जोड़ने के कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ किया जाए. मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची की शुद्धता को एजेंडा नंबर-1 घोषित किया है.
UP SIR Process Date Extended: यूपी में एसआईआर प्रक्रिया 26 दिसंबर तक बढ़ी, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बड़ा बदलाव
UP SIR Process Date Extended: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठ रही मांगों के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि को 11 दिसंबर से बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दिया है. इससे लाखों मतदाताओं को नाम जोड़ने, सुधार कराने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने का अतिरिक्त समय मिल गया है.
26 दिसंबर तक मिलेगा मौका, बढ़ी SIR की डेडलाइन्स
यूपी में चल रही एसआईआर प्रक्रिया लगातार दबाव में थी क्योंकि बूथ लेवल अधिकारियों से लेकर राजनीतिक दलों तक सभी ने समय सीमा कम होने की शिकायत की थी. इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने दो सप्ताह की बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है. पहले अंतिम तिथि 11 दिसंबर तय थी, लेकिन अब नागरिक 26 दिसंबर तक फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे.
आयोग के इस निर्णय से उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जिन तक अब तक गणना फॉर्म नहीं पहुंच पाए थे या जिन्हें सत्यापन के लिए अधिक समय चाहिए था. आयोग का कहना है कि कोई भी वैध मतदाता सूची से बाहर नहीं होने दिया जाएगा और सभी को समान अवसर दिया जाएगा.
ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 16 की जगह 31 दिसंबर को होगी जारी
चुनाव आयोग ने न सिर्फ गणना फॉर्म की अंतिम तिथि बढ़ाई है, बल्कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है. पहले ड्राफ्ट सूची 16 दिसंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया है.
इससे सत्यापन के लिए मिले अतिरिक्त समय के मुताबिक BLO और निर्वाचन अधिकारी पूरी तरह तैयार रह सकेंगे. आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने नहीं दिया जाएगा. फरवरी 2026 में अंतिम सूची जारी होने के बाद भी जो लोग 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे.
एसआईआर रिपोर्ट: करोड़ों मतदाताओं का सत्यापन अभी भी बाकी
यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 91 प्रतिशत गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं और उनमें से लगभग 80 प्रतिशत फॉर्म वापस जमा भी हो चुके हैं. 2003 की मतदाता सूची से 76 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी है.
हालांकि, करीब 2.91 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिन तक फॉर्म नहीं पहुंच सका, जिसके लिए अतिरिक्त समय जरूरी था. साथ ही 1.27 करोड़ शिफ्टेड, 46 लाख मृतक, 23.69 लाख डुप्लीकेट और 84.74 लाख ऐसे मतदाता पाए गए जिनका कोई पता नहीं मिला. इन आंकड़ों की पूरी पुष्टि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद साफ हो सकेगी.
BLA और राजनीतिक दलों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
चुनाव आयोग ने बूथ लेवल एजेंट (BLA) और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए कहा है कि वे फील्ड में जाकर उन मतदाताओं को खोजें जिनका पता उपलब्ध नहीं है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिणवा ने बताया कि अगले दो सप्ताह में 2.91 करोड़ वोटरों का दोबारा सत्यापन करना सबसे चुनौतीपूर्ण चरण है, इसलिए सभी पार्टियों और कार्यकर्ताओं को सहयोग करना होगा. BLO और निर्वाचन विभाग भी घर-घर जाकर सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने में लगे हुए हैं ताकि 31 दिसंबर तक संशोधित ड्राफ्ट सूची पूरी तरह तैयार हो सके.
लोकतंत्र मजबूत करने के लिए हर पात्र मतदाता को जोड़ें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी एक महीने को एसआईआर प्रक्रिया को समर्पित किया जाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होना जरूरी है.
योगी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि किसने फॉर्म जमा किया है और किसने नहीं. साथ ही अपात्र नाम हटाने और पात्र नाम जोड़ने के कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ किया जाए. मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची की शुद्धता को एजेंडा नंबर-1 घोषित किया है.