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Fatehpur News: फतेहपुर की बेटी ने प्रदेश में लहराया परचम ! चली गई थी आंखों की रोशनी

Fatehpur News: फतेहपुर की बेटी ने प्रदेश में लहराया परचम ! चली गई थी आंखों की रोशनी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आफरीन खान को किया सम्मानित: Image Credit Afreen Khan

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) की रहने वाली आफरीन खान (Afreen Khan) ने आंखों की रोशनी जाने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और प्रदेश की भाषण प्रतियोगिता में टॉप करते हुए जिले का मान बढ़ाया है.

Fatehpur News: इंसान की इच्छाशक्ति और हौसला किसी भी कठिनाई को मात दे सकता है, इसकी मिसाल बनीं फतेहपुर की 19 वर्षीय आफरीन खान. आंखों की रोशनी जाने के बावजूद, आफरीन ने अपने साहस और दृढ़ संकल्प के दम पर प्रदेश की भाषण प्रतियोगिता में टॉप कर जिले का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता से जिले में खुशी की लहर है. माता-पिता और एमजी कॉलेज के गुरुजनों ने आफरीन को बधाई दी है. 

बस ड्राइवर की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान

आफरीन खान फतेहपुर (Fatehpur) की अरबपुर बसंत कॉलोनी में रहती हैं. उनके पिता शमीम खान एक प्राइवेट बस ड्राइवर हैं और मां मदीना बेगम गृहिणी हैं. उनका एक बड़ा भाई शाहबुद्दीन है जो प्राइवेट काम करता है.

घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद आफरीन ने कभी हार नहीं मानी. बचपन से पढ़ाई में अव्वल रही आफरीन ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई मुस्लिम इंटर कॉलेज से पूरी की. उन्होंने ह्यूमैनिटीज़ (मानविकी) को अपना पसंदीदा विषय चुना.

परिवार की आर्थिक स्थिति में मदद करने के लिए आफरीन ने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. साल 2023 में इंटर की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया. 

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आंखों की रोशनी जाने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत

अप्रैल 2024 में आफरीन को अचानक तेज सिरदर्द और उल्टी हुई, जिसके बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई. तमाम इलाज के बाद उनकी दाहिनी आंख से थोड़ा-बहुत दिखने लगा. लेकिन इस विषम परिस्थिति ने उनके हौसले को डिगाया नहीं. आफरीन कहती हैं, "जिंदगी में अंधकार था, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और उजाले की ओर बढ़ने का संकल्प लिया."

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लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की थीम पर प्रदेश में अव्वल

आंखों की रोशनी जाने के बावजूद, आफरीन ने नवंबर 2024 में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और राष्ट्रीय एकता पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. पांच चरणों की इस प्रतियोगिता में आफरीन ने महाविद्यालय, जिला, विश्वविद्यालय और अंतर्विश्वविद्यालय स्तर पर जीत दर्ज कर अंतिम चरण तक का सफर तय किया.

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राजभवन में हुआ सम्मान, आनंदीबेन ने थपथपाई पीठ

सरदार वल्लभभाई पटेल की 148वीं जयंती पर आयोजित प्रतियोगिता के अंतिम चरण में आफरीन ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया. यूपी के राजभवन में 21 जनवरी को आयोजित इस समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आफरीन को सम्मानित किया. 

महाविद्यालय में जश्न का माहौल

महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेंद्र सिंह ने आफरीन की सफलता को महाविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा, "आफरीन ने साबित कर दिया कि कठिनाइयां केवल मानसिक बाधाएं हैं. आत्मविश्वास और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है."

डॉ. ओंकार नाथ द्विवेदी ने भी आफरीन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी जीत ने यह संदेश दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है.

फतेहपुर में आफरीन बनीं प्रेरणा का स्रोत

आफरीन खान आज हर किसी के लिए प्रेरणा हैं. उन्होंने न केवल अपनी मुश्किलों को हराया, बल्कि यह भी साबित किया कि मेहनत और लगन से कुछ भी संभव है. उनका यह सफर हर उस व्यक्ति को प्रेरित करता है, जो कठिनाइयों से घबराकर अपने सपनों को अधूरा छोड़ देता है.

26 Jan 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: फतेहपुर की बेटी ने प्रदेश में लहराया परचम ! चली गई थी आंखों की रोशनी

Fatehpur News In Hindi

Fatehpur News: इंसान की इच्छाशक्ति और हौसला किसी भी कठिनाई को मात दे सकता है, इसकी मिसाल बनीं फतेहपुर की 19 वर्षीय आफरीन खान. आंखों की रोशनी जाने के बावजूद, आफरीन ने अपने साहस और दृढ़ संकल्प के दम पर प्रदेश की भाषण प्रतियोगिता में टॉप कर जिले का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता से जिले में खुशी की लहर है. माता-पिता और एमजी कॉलेज के गुरुजनों ने आफरीन को बधाई दी है. 

बस ड्राइवर की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान

आफरीन खान फतेहपुर (Fatehpur) की अरबपुर बसंत कॉलोनी में रहती हैं. उनके पिता शमीम खान एक प्राइवेट बस ड्राइवर हैं और मां मदीना बेगम गृहिणी हैं. उनका एक बड़ा भाई शाहबुद्दीन है जो प्राइवेट काम करता है.

घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद आफरीन ने कभी हार नहीं मानी. बचपन से पढ़ाई में अव्वल रही आफरीन ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई मुस्लिम इंटर कॉलेज से पूरी की. उन्होंने ह्यूमैनिटीज़ (मानविकी) को अपना पसंदीदा विषय चुना.

परिवार की आर्थिक स्थिति में मदद करने के लिए आफरीन ने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. साल 2023 में इंटर की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया. 

आंखों की रोशनी जाने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत

अप्रैल 2024 में आफरीन को अचानक तेज सिरदर्द और उल्टी हुई, जिसके बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई. तमाम इलाज के बाद उनकी दाहिनी आंख से थोड़ा-बहुत दिखने लगा. लेकिन इस विषम परिस्थिति ने उनके हौसले को डिगाया नहीं. आफरीन कहती हैं, "जिंदगी में अंधकार था, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और उजाले की ओर बढ़ने का संकल्प लिया."

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की थीम पर प्रदेश में अव्वल

आंखों की रोशनी जाने के बावजूद, आफरीन ने नवंबर 2024 में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और राष्ट्रीय एकता पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. पांच चरणों की इस प्रतियोगिता में आफरीन ने महाविद्यालय, जिला, विश्वविद्यालय और अंतर्विश्वविद्यालय स्तर पर जीत दर्ज कर अंतिम चरण तक का सफर तय किया.

राजभवन में हुआ सम्मान, आनंदीबेन ने थपथपाई पीठ

सरदार वल्लभभाई पटेल की 148वीं जयंती पर आयोजित प्रतियोगिता के अंतिम चरण में आफरीन ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया. यूपी के राजभवन में 21 जनवरी को आयोजित इस समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आफरीन को सम्मानित किया. 

महाविद्यालय में जश्न का माहौल

महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेंद्र सिंह ने आफरीन की सफलता को महाविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा, "आफरीन ने साबित कर दिया कि कठिनाइयां केवल मानसिक बाधाएं हैं. आत्मविश्वास और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है."

डॉ. ओंकार नाथ द्विवेदी ने भी आफरीन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी जीत ने यह संदेश दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है.

फतेहपुर में आफरीन बनीं प्रेरणा का स्रोत

आफरीन खान आज हर किसी के लिए प्रेरणा हैं. उन्होंने न केवल अपनी मुश्किलों को हराया, बल्कि यह भी साबित किया कि मेहनत और लगन से कुछ भी संभव है. उनका यह सफर हर उस व्यक्ति को प्रेरित करता है, जो कठिनाइयों से घबराकर अपने सपनों को अधूरा छोड़ देता है.

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