
Fatehpur News: वाह रे फतेहपुर की पुलिस “5 हजार दोगी तभी लिखेंगे मुकदमा” तमंचे के बल पर विवाहिता की पिटाई, न्याय के लिए भटक रही पीड़िता
फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र में एक विवाहिता को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने और तमंचे के बल पर मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़िता की मां ने पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने के बदले 5 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. ऐसा लगा रहा है कि जिले के कप्तान अनूप कुमार सिंह से जनपद संभल नहीं रहा है तभी उनके मातहत बेखौख होकर रिश्वत खोरी करने में लगे हुए हैं.. ताज़ा मामला जाफरगंज थाना क्षेत्र के मुसवापुर गांव का जहां विवाहिता रीतू देवी के साथ दहेज की मांग को लेकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के लिए 5 हजार रुपये की मांग की है. नहीं देने पर उल्टा उन्हें ही फंसाने की धमकी मिल रही है.
शादी के कुछ दिनों बाद ही शुरू हो गई दहेज की प्रताड़ना

26 जनवरी की रात तमंचे के बल पर हुई बेरहमी से पिटाई
पीड़िता की मां ने बताया कि 26 जनवरी की रात आरोपी पति ने तमंचे के बल पर रीतू देवी के साथ जमकर मारपीट की. जब बेटी ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी तो परिजन मौके पर पहुंचे. परिजनों को देखते ही पति बृजेश और उसका छोटा भाई कल्लू पुत्र रघुराज गुस्से में आग बबूला हो गए. दोनों भाइयों ने विवाहिता को लात-घूंसों से पीटा और मायके वालों के साथ भी मारपीट गाली-गलौज कर उन्हें भगा दिया.
“दहेज नहीं मिला तो जान से मार दूंगा.” धमकी से दहशत
पीड़िता का आरोप: पुलिस ने मांगे 5 हजार रुपये, नहीं तो मुकदमा नहीं
सबसे गंभीर आरोप जाफरगंज थाना पुलिस पर लगा है. पीड़िता रीतू देवी अपनी मां और परिजनों के साथ थाने पहुंची तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के लिए 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की. पीड़िता का कहना है कि रुपये देने से इनकार करने पर पुलिस ने साफ कह दिया कि बिना पैसे के कोई सुनवाई नहीं होगी. पीड़िता दर्द से कराहती रही लेकिन पुलिस ने मदद करने के बजाय उल्टा धमकाना शुरू कर दिया.
112 पुलिस के सामने छिपाया गया तमंचा, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने 112 नंबर पर कॉल की थी तो पुलिस घर पहुंची थी. उसी दौरान आरोपी पति ने अपना अवैध तमंचा छिपा दिया. पुलिस के सामने यह सब हुआ लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया. अब आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है. कई दिन बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार लगा रहा है.
थाना प्रभारी ने मानी हथियार की बात, फिर भी केस दर्ज नहीं
जब इस मामले में थाना प्रभारी धनंजय सरोज से बातचीत की गई तो उन्होंने अवैध हथियार की बात स्वीकार की. उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई दिन बीतने के बाद भी अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. उल्टा पुलिस आरोपी को छोड़कर पीड़ित पक्ष को ही प्रताड़ित कर रही है. इस मामले ने जिले में पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
