
फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग में 10 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती पर सवाल, तत्कालीन प्रभारी CMO से 8 बिंदुओं पर जवाब तलब
फतेहपुर स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिए 10 कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला जांच के घेरे में आ गया है. वर्तमान CMO डॉ. उदयभान सिंह ने तत्कालीन प्रभारी CMO डॉ. इम्तियाज अहमद से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा है. नियुक्ति के लिए सक्षम आदेश, शासनादेश, वित्तीय स्वीकृति, विज्ञापन, चयन प्रक्रिया और संबंधित अभिलेख तलब किए गए हैं.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में 30 मई को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से 10 कर्मचारियों की नियुक्ति अब सवालों के घेरे में है. वर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. उदयभान सिंह ने इस भर्ती को लेकर तत्कालीन प्रभारी CMO डॉ. इम्तियाज अहमद से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा है. उनसे नियुक्ति का आधार, सक्षम अधिकारी की अनुमति, भर्ती का विज्ञापन, चयन प्रक्रिया, वित्तीय स्वीकृति और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है.
किस आदेश और नियम के तहत हुई नियुक्ति?
सीएमओ ने पहले बिंदु में पूछा है कि एजेंसी के माध्यम से 30 मई को 10 कर्मचारियों की नियुक्ति किस सक्षम आदेश, शासनादेश, वित्तीय स्वीकृति और नियमावली के तहत की गई.

नियुक्ति के लिए किस अधिकारी ने दी थी मंजूरी?
किन राष्ट्रीय समाचार पत्रों में निकला था विज्ञापन?
तीसरे बिंदु में भर्ती के विज्ञापन से जुड़ी जानकारी मांगी गई है. पूछा गया है कि 10 कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए किन-किन राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था और विज्ञापन किस तारीख को जारी हुआ था.
विज्ञापन की प्रतियां भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही यह जानकारी मांगी गई है कि विज्ञापन के बाद कितने अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, कितने चयन प्रक्रिया में शामिल हुए और अंतिम चयन किस आधार पर किया गया.
चयन प्रक्रिया के पूरे दस्तावेज तलब
चौथे बिंदु में भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं. इनमें विज्ञापन, चयन प्रक्रिया, चयन की स्वीकृति, चयन संबंधी कार्यवृत्त और अन्य संबंधित अभिलेख शामिल हैं.
इन दस्तावेजों से यह पता चलेगा कि नियुक्ति से पहले चयन समिति गठित की गई थी या नहीं. अभ्यर्थियों की योग्यता का परीक्षण किस तरह हुआ और चयन को किस स्तर से मंजूरी मिली, इसकी जानकारी भी सामने आएगी.
इसके अलावा यह भी जांच होगी कि एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई थी या नहीं.
बजट नहीं था तो वेतन का आधार क्या था?
पांचवें बिंदु में वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल किया गया है. सीएमओ ने पूछा है कि जब शासन से बजट उपलब्ध नहीं था और वित्तीय स्वीकृति भी नहीं थी तो 10 कर्मचारियों की भर्ती किस आधार पर की गई.
नियुक्त कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान किस मद से किया जाना था, इसकी जानकारी भी मांगी गई है. वित्तीय स्वीकृति के बिना नियुक्ति के बाद विभाग पर आए वित्तीय दायित्व का भुगतान किस व्यवस्था के तहत होना था, इसका जवाब भी तत्कालीन प्रभारी CMO से मांगा गया है.
नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल
छठवें बिंदु में 30 मई को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रशासनिक प्रक्रिया के बारे में जवाब मांगा गया है. पूछा गया है कि नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले कौन-कौन सी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं. इससे संबंधित फाइल, आदेश और स्वीकृतियों को भी जांच के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है.
एक माह तक मामला संज्ञान में क्यों नहीं आया?
सातवें बिंदु में प्रकरण को समय पर कार्यालय अध्यक्ष के संज्ञान में नहीं लाए जाने को लेकर सवाल किया गया है. सीएमओ ने पूछा है कि यह मामला एक माह से अधिक समय तक उनके संज्ञान में क्यों नहीं आया.
यदि 30 मई को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे तो भर्ती से संबंधित दस्तावेज कार्यालय अध्यक्ष को समय से क्यों नहीं दिए गए, इसका कारण भी पूछा गया है.
भर्ती के दस्तावेज कार्यालय अध्यक्ष को क्यों नहीं दिए गए?
आठवें बिंदु में पूछा गया है कि भर्ती से संबंधित दस्तावेज लंबे समय तक कार्यालय अध्यक्ष के पास क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए.
नियुक्ति से जुड़ी फाइल, स्वीकृति और अन्य जरूरी अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध रहने चाहिए थे. ऐसे में दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराने का कारण भी तत्कालीन प्रभारी CMO से पूछा गया है.
भर्ती के बाद भी नहीं हुआ वेतन का भुगतान
सीएमओ डॉ. उदयभान सिंह ने बताया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त किए गए 10 कर्मचारियों के वेतन के लिए अभी तक विभाग को कोई बजट जारी नहीं हुआ है. वित्तीय स्वीकृति के अभाव में कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है.
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रकरण में तत्कालीन प्रभारी CMO डॉ. इम्तियाज अहमद से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है. भर्ती से संबंधित शासनादेश, वित्तीय स्वीकृति, विज्ञापन, चयन प्रक्रिया और अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
