Fatehpur News: फतेहपुर डीएम की बड़ी कार्रवाई ! आरोपों से घिरे ईआरओ संजय सक्सेना हटे, अब ये संभालेंगे पद भार
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में लेखपाल सुधीर सुसाइड केस की बढ़ती गर्मी के बीच डीएम ने आरोपों से घिरे ईआरओ संजय सक्सेना को पद से हटा दिया है. उन्हें भूलेख कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है. लेखपाल संघ के भारी विरोध और परिजनों के आरोपों के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई.
Fatehpur Lekhpal Case: यूपी के फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार की आत्महत्या ने जिले का माहौल गरमा दिया था और आरोपों के घेरे में आए ईआरओ संजय सक्सेना पर कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही थी. विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक दबाव के बीच आखिरकार डीएम रविंद्र सिंह ने बड़ा निर्णय लेते हुए संजय सक्सेना को पद मुक्त कर दिया है. उनकी जगह नया प्रभार सौंपने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.
शादी से पहले मौत, लेखपाल आत्महत्या ने खड़े किए कई सवाल?

लेकिन उससे एक दिन पहले घर के अंदर फंदे से लटका उनका शव मिला. यह मौत न सिर्फ दर्दनाक थी, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर गई. परिजनों ने बताया कि सुधीर मानसिक दबाव में था और नौकरी संबंधी धमकियों से परेशान था.
परिजनों के गंभीर आरोप, बताया मानसिक तनाव ने ली जान
शादी से एक दिन पहले आत्महत्या जैसा कदम उठाना उनके लिए असामान्य था और परिजन इसे प्रशासनिक उत्पीड़न का परिणाम मान रहे हैं. तहरीर दर्ज होते ही मामला गंभीर हो गया और अधिकारियों पर उंगली उठने लगी.
लेखपाल संघ का उग्र आंदोलन, अंतिम संस्कार तक रोका
सुधीर की मौत के बाद लेखपाल संघ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. आक्रोश इतना बढ़ा कि संघ ने साथी का अंतिम संस्कार तक रोक दिया और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया. इसके बाद कानूनगो और एक अन्य अफसर के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज हुई.
लेखपाल संघ ने यह भी साफ कर दिया कि वे आरोपों से घिरे ईआरओ संजय सक्सेना के साथ काम नहीं करेंगे. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दलों ने इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया. आंदोलन ने जिला प्रशासन पर भारी दबाव बनाया और उन्हें तत्काल निर्णय लेने के लिए मजबूर कर दिया.
डीएम ने हटाया आरोपों से घिरे ईआरओ संजय सक्सेना को
लगातार बढ़ते विरोध, राजनीतिक दवाब और परिजनों के आरोपों के बीच डीएम रविंद्र सिंह ने कार्रवाई करते हुए संजय सक्सेना को ईआरओ पद से मुक्त कर दिया. आदेश में कहा गया कि जांच की निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.
संजय सक्सेना को उनके वर्तमान पद से हटाकर भूलेख कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है. यह निर्णय जिले में उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
नए ईआरओ की नियुक्ति, प्रदीप रमन संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार
डीएम ने नए आदेश में बिंदकी SDM (न्यायिक) प्रदीप रमन को एसडीएम द्वितीय व बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के साथ जहानाबाद विधानसभा के ईआरओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है. यह नियुक्ति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लेखपाल संघ पहले ही पुराने ईआरओ के साथ काम करने से मना कर चुका था. प्रशासन चाहता है कि चुनावी और विभागीय कामकाज प्रभावित न हो और नई तैनाती से माहौल सामान्य हो सके. जिले में इस फैसले को व्यवस्था सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
