
Fatehpur News: धन्य है! फतेहपुर PWD कार्यालय में फहरा दिया तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का आपमन, बचते रहे जिम्मेदार
फतेहपुर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-प्रथम कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज को कथित तौर पर उल्टा फहराने का मामला सामने आया है. घटना का वीडियो और फोटो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है. मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. मीडिया के पहुंचने पर भी विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस के दिन उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-प्रथम परिसर में राष्ट्रीय ध्वज कथित तौर पर उल्टा फहराया हुआ दिखाई दिया. तिरंगे की स्थिति का वीडियो और फोटो सामने आने के बाद लोगों में काफी नाराजगी देखी गई है. खास बात यह है कि मामले पर विभागीय अधिकारियों से जवाब लेने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.
फतेहपुर PWD कार्यालय में तिरंगे को लेकर विवाद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर आजादी के पर्व का जश्न मनाया गया. सरकारी कार्यालयों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए. इसी दौरान लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-प्रथम कार्यालय परिसर से सामने आई तस्वीरों ने पूरे मामले को विवादों में ला दिया.

वीडियो और फोटो सामने आने के बाद बढ़ा आक्रोश
लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, सम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक है. इसलिए इसके रखरखाव और ध्वजारोहण में किसी भी तरह की लापरवाही को सामान्य गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
अधिशासी अभियंता से जवाब लेने पहुंचे मीडियाकर्मी
मामले की जानकारी मिलने के बाद मीडियाकर्मी लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंचे और अधिशासी अभियंता से पूरे मामले पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया. आरोप है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामले पर कोई स्पष्ट जवाब देने के बजाय अधिशासी अभियंता के बैठक में व्यस्त होने की बात कही.
मीडियाकर्मियों को कथित तौर पर यह कहकर वापस कर दिया गया कि अधिशासी अभियंता बैठक में हैं और तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दे सकते. इससे मामले को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.
Fatehpur News: धन्य है! फतेहपुर PWD कार्यालय में फहरा दिया तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का आपमन, बचते रहे जिम्मेदार
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस के दिन उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-प्रथम परिसर में राष्ट्रीय ध्वज कथित तौर पर उल्टा फहराया हुआ दिखाई दिया. तिरंगे की स्थिति का वीडियो और फोटो सामने आने के बाद लोगों में काफी नाराजगी देखी गई है. खास बात यह है कि मामले पर विभागीय अधिकारियों से जवाब लेने पहुंचे मीडियाकर्मियों को भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.
फतेहपुर PWD कार्यालय में तिरंगे को लेकर विवाद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर आजादी के पर्व का जश्न मनाया गया. सरकारी कार्यालयों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए. इसी दौरान लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-प्रथम कार्यालय परिसर से सामने आई तस्वीरों ने पूरे मामले को विवादों में ला दिया.
आरोप है कि कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहरा दिया गया. इसकी जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों में नाराजगी देखने को मिली. लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर सरकारी विभागों में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए, ऐसे में इस तरह की लापरवाही गंभीर सवाल खड़े करती है.
वीडियो और फोटो सामने आने के बाद बढ़ा आक्रोश
मामले से जुड़े वीडियो और फोटो सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई. लोगों ने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण से पहले यह क्यों नहीं देखा गया कि तिरंगा सही से फहराया जाए.
लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, सम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक है. इसलिए इसके रखरखाव और ध्वजारोहण में किसी भी तरह की लापरवाही को सामान्य गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
अधिशासी अभियंता से जवाब लेने पहुंचे मीडियाकर्मी
मामले की जानकारी मिलने के बाद मीडियाकर्मी लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंचे और अधिशासी अभियंता से पूरे मामले पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया. आरोप है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामले पर कोई स्पष्ट जवाब देने के बजाय अधिशासी अभियंता के बैठक में व्यस्त होने की बात कही.
मीडियाकर्मियों को कथित तौर पर यह कहकर वापस कर दिया गया कि अधिशासी अभियंता बैठक में हैं और तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दे सकते. इससे मामले को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.