Fatehpur News: फतेहपुर में सपा नेता हाजी रजा पर शिकंजा ! करीबियों के नाम 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क
फतेहपुर जिले में सपा नेता हाजी रजा मोहम्मद के खिलाफ प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है. उनके करीबियों, नौकरों और चालक के नाम दर्ज करीब 5.15 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया गया है. जांच में इन संपत्तियों में हाजी रजा का पैसा लगा पाया गया.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सपा नेता हाजी रजा मोहम्मद पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. मंगलवार शाम गैंगस्टर एक्ट के तहत उनके करीबियों के नाम दर्ज करोड़ों की संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया. जांच में सामने आया कि इन संपत्तियों में वास्तविक निवेश हाजी रजा का है. कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है.
डीएम से शिकायत के बाद शुरू हुई गहन जांच

जांच के दौरान पनी मोहल्ला निवासी सभासद व पूर्व चेयरमैन नजाकत खातून के पुत्र हाजी रजा मोहम्मद का नाम प्रमुखता से सामने आया. दस्तावेजी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियां भले ही अलग-अलग लोगों के नाम हैं, लेकिन इनका आर्थिक स्रोत एक ही है.
गैंगस्टर एक्ट में पहले से दर्ज हैं मुकदमा

छह स्थानों पर एक साथ पहुंची प्रशासनिक टीम
एसडीएम सदर अनामिका श्रीवास्तव के नेतृत्व में सीओ सिटी गौरव शर्मा, कोतवाल तारकेश्वर राय और तहसीलदार अमरेश सिंह की संयुक्त टीम ने जिले के छह अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की.
पहले से चिन्हित संपत्तियों पर पहुंचकर कुर्की की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. प्रशासन ने साफ किया कि यह पूरी कार्रवाई नियमों और कानून के तहत की गई है.
नौकरों और चालक के नाम दर्ज निकली करोड़ों की जमीन
जांच में यह तथ्य सामने आया कि हाजी रजा के दो नौकरों और एक चालक के नाम पर करीब नौ बीघा भूमि दर्ज है. पीरनपुर पूर्वी स्थित 237 वर्ग मीटर का प्लाट गैंगस्टर आरोपी मोहम्मद अयाज उर्फ राहत के नाम दर्ज था. इसके अलावा अहमदपुर, नासिरपुर, अजगवां, शेखपुर उनवां और चक विसौली में स्थित कई गाटा संख्याओं की जमीनें भी कुर्क की गईं. इन सभी संपत्तियों की बाजार कीमत प्रशासन ने करीब पांच करोड़ 15 लाख रुपये आंकी है.
दस विभागों से जुटा डाटा, आगे भी हो सकती है कार्रवाई
कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि संपत्तियों की जांच के लिए करीब दस विभागों से जानकारी जुटाई गई. रजिस्ट्री विभाग, आयकर विभाग, उद्योग, आरटीओ, बैंक और राजस्व विभाग से प्राप्त आंकड़ों का मिलान किया गया.
जांच में पाया गया कि जिन लोगों के नाम पर जमीनें दर्ज हैं, उनके पास इतनी महंगी संपत्ति खरीदने का कोई वैध आय स्रोत नहीं है. इससे यह निष्कर्ष निकला कि निवेश हाजी रजा का है. प्रशासन की निगाह अभी कुछ अन्य संपत्तियों पर भी है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
