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यूपी में प्रापर्टी नियमों में बड़ा बदलाव: परिवार में संपत्ति देने पर सरकार का नया निर्णय, इतने का लगेगा स्टांप शुल्क

यूपी में प्रापर्टी नियमों में बड़ा बदलाव: परिवार में संपत्ति देने पर सरकार का नया निर्णय, इतने का लगेगा स्टांप शुल्क
उत्तर प्रदेश में प्रापर्टी दान नियमों में बड़ा बदलाव (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति दान से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब परिवार के सदस्यों के नाम निजी कमर्शियल संपत्ति गिफ्ट करने पर सिर्फ 5000 रुपये स्टांप शुल्क देना होगा. पहले यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों तक सीमित थी.

Uttar Pradesh Property: यूपी में प्रॉपर्टी ट्रांसफर को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है. अब अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति परिवार के किसी सदस्य के नाम दान करता है तो उस पर भारी स्टांप शुल्क नहीं देना पड़ेगा. सरकार ने कमर्शियल संपत्तियों को भी 5000 रुपये के फिक्स स्टांप शुल्क के दायरे में ला दिया है, जिससे लाखों रुपये की सीधी बचत होगी.

क्या है यूपी सरकार का नया फैसला और किसे मिलेगी राहत

यूपी मंत्रिमंडल के ताजा फैसले के मुताबिक अब निजी व्यावसायिक यानी कमर्शियल संपत्तियों को भी परिवार के सदस्यों के नाम गिफ्ट करने पर केवल 5000 रुपये स्टांप शुल्क देना होगा. इससे पहले तक यह सुविधा केवल आवासीय मकानों और कृषि भूमि तक सीमित थी.

अगर किसी मकान में दुकान, गोदाम, आटा चक्की या कोई अन्य व्यवसाय चल रहा होता था तो पूरी संपत्ति को कमर्शियल मान लिया जाता था और लाखों रुपये की स्टांप ड्यूटी लगती थी. नए नियम के बाद शहर और गांव का फर्क खत्म हो गया है. अब दुकान, फैक्ट्री या अन्य निजी कमर्शियल संपत्ति भी इस राहत में शामिल होंगी.

2022 से पहले और अब के नियमों में क्या बदला

2022 से पहले यदि कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति पत्नी, बेटे, बेटी, भाई, बहन, दामाद या पोता-पोती को दान करता था तो उसे सर्किल रेट के अनुसार पूरा स्टांप शुल्क देना पड़ता था. बड़े शहरों में यह रकम कई बार लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी. 2022 में सरकार ने राहत देते हुए आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए स्टांप शुल्क घटाकर 5000 रुपये कर दिया था. हालांकि कमर्शियल संपत्तियां इस दायरे से बाहर थीं. अब नए फैसले के बाद निजी कमर्शियल संपत्तियों को भी उसी श्रेणी में शामिल कर लिया गया है, जिससे नियम ज्यादा सरल और समान हो गए हैं.

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आम लोगों को कितना बड़ा होगा आर्थिक फायदा

इस फैसले से मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल के अनुसार अगर किसी संपत्ति की कीमत 1 करोड़ रुपये है तो पहले शहरों में करीब 7 लाख रुपये तक स्टांप शुल्क देना पड़ता था.

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अब वही संपत्ति अगर परिवार के सदस्य के नाम गिफ्ट की जाती है तो केवल 5000 रुपये में काम हो जाएगा. यानी एक ही फैसले से लाखों रुपये की बचत. वाराणसी, कानपुर, लखनऊ जैसे शहरों में जहां पारिवारिक दुकानों और व्यवसायों की संख्या ज्यादा है, वहां यह निर्णय बेहद राहत भरा साबित होगा.

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किन पारिवारिक रिश्तों को मिलेगा इस नियम का लाभ

सरकार ने साफ किया है कि यह छूट केवल नजदीकी पारिवारिक रिश्तों के लिए ही लागू होगी. इसमें पति या पत्नी, बेटा-बेटी, भाई-बहन, दामाद, पोता-पोती और नाती-नातिन शामिल हैं. इन रिश्तों के बीच संपत्ति दान करने पर ही 5000 रुपये का फिक्स स्टांप शुल्क लगेगा. दूर के रिश्तेदार या गैर-पारिवारिक मामलों में पहले की तरह सामान्य स्टांप शुल्क लागू रहेगा. सरकार का उद्देश्य है कि परिवार के भीतर संपत्ति का कानूनी और विवाद रहित हस्तांतरण हो सके.

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और इसका असर क्या होगा

योगी सरकार का मानना है कि भारी स्टांप शुल्क के कारण लोग गिफ्ट डीड कराने से बचते थे, जिससे बाद में पारिवारिक विवाद और कानूनी झगड़े बढ़ जाते थे. नए नियम से लोग कम खर्च में रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड करा सकेंगे.

इससे संपत्ति के रिकॉर्ड साफ रहेंगे और कोर्ट-कचहरी के मामले भी कम होंगे. छोटे दुकानदार, कारोबारी और पारिवारिक व्यवसाय चलाने वाले लोग अब बिना आर्थिक दबाव के अपनी संपत्ति अगली पीढ़ी के नाम ट्रांसफर कर पाएंगे. विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक असर डालेगा.

08 Jan 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

यूपी में प्रापर्टी नियमों में बड़ा बदलाव: परिवार में संपत्ति देने पर सरकार का नया निर्णय, इतने का लगेगा स्टांप शुल्क

Uttar Pradesh Property: यूपी में प्रॉपर्टी ट्रांसफर को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है. अब अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी संपत्ति परिवार के किसी सदस्य के नाम दान करता है तो उस पर भारी स्टांप शुल्क नहीं देना पड़ेगा. सरकार ने कमर्शियल संपत्तियों को भी 5000 रुपये के फिक्स स्टांप शुल्क के दायरे में ला दिया है, जिससे लाखों रुपये की सीधी बचत होगी.

क्या है यूपी सरकार का नया फैसला और किसे मिलेगी राहत

यूपी मंत्रिमंडल के ताजा फैसले के मुताबिक अब निजी व्यावसायिक यानी कमर्शियल संपत्तियों को भी परिवार के सदस्यों के नाम गिफ्ट करने पर केवल 5000 रुपये स्टांप शुल्क देना होगा. इससे पहले तक यह सुविधा केवल आवासीय मकानों और कृषि भूमि तक सीमित थी.

अगर किसी मकान में दुकान, गोदाम, आटा चक्की या कोई अन्य व्यवसाय चल रहा होता था तो पूरी संपत्ति को कमर्शियल मान लिया जाता था और लाखों रुपये की स्टांप ड्यूटी लगती थी. नए नियम के बाद शहर और गांव का फर्क खत्म हो गया है. अब दुकान, फैक्ट्री या अन्य निजी कमर्शियल संपत्ति भी इस राहत में शामिल होंगी.

2022 से पहले और अब के नियमों में क्या बदला

2022 से पहले यदि कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति पत्नी, बेटे, बेटी, भाई, बहन, दामाद या पोता-पोती को दान करता था तो उसे सर्किल रेट के अनुसार पूरा स्टांप शुल्क देना पड़ता था. बड़े शहरों में यह रकम कई बार लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी. 2022 में सरकार ने राहत देते हुए आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए स्टांप शुल्क घटाकर 5000 रुपये कर दिया था. हालांकि कमर्शियल संपत्तियां इस दायरे से बाहर थीं. अब नए फैसले के बाद निजी कमर्शियल संपत्तियों को भी उसी श्रेणी में शामिल कर लिया गया है, जिससे नियम ज्यादा सरल और समान हो गए हैं.

आम लोगों को कितना बड़ा होगा आर्थिक फायदा

इस फैसले से मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल के अनुसार अगर किसी संपत्ति की कीमत 1 करोड़ रुपये है तो पहले शहरों में करीब 7 लाख रुपये तक स्टांप शुल्क देना पड़ता था.

अब वही संपत्ति अगर परिवार के सदस्य के नाम गिफ्ट की जाती है तो केवल 5000 रुपये में काम हो जाएगा. यानी एक ही फैसले से लाखों रुपये की बचत. वाराणसी, कानपुर, लखनऊ जैसे शहरों में जहां पारिवारिक दुकानों और व्यवसायों की संख्या ज्यादा है, वहां यह निर्णय बेहद राहत भरा साबित होगा.

किन पारिवारिक रिश्तों को मिलेगा इस नियम का लाभ

सरकार ने साफ किया है कि यह छूट केवल नजदीकी पारिवारिक रिश्तों के लिए ही लागू होगी. इसमें पति या पत्नी, बेटा-बेटी, भाई-बहन, दामाद, पोता-पोती और नाती-नातिन शामिल हैं. इन रिश्तों के बीच संपत्ति दान करने पर ही 5000 रुपये का फिक्स स्टांप शुल्क लगेगा. दूर के रिश्तेदार या गैर-पारिवारिक मामलों में पहले की तरह सामान्य स्टांप शुल्क लागू रहेगा. सरकार का उद्देश्य है कि परिवार के भीतर संपत्ति का कानूनी और विवाद रहित हस्तांतरण हो सके.

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और इसका असर क्या होगा

योगी सरकार का मानना है कि भारी स्टांप शुल्क के कारण लोग गिफ्ट डीड कराने से बचते थे, जिससे बाद में पारिवारिक विवाद और कानूनी झगड़े बढ़ जाते थे. नए नियम से लोग कम खर्च में रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड करा सकेंगे.

इससे संपत्ति के रिकॉर्ड साफ रहेंगे और कोर्ट-कचहरी के मामले भी कम होंगे. छोटे दुकानदार, कारोबारी और पारिवारिक व्यवसाय चलाने वाले लोग अब बिना आर्थिक दबाव के अपनी संपत्ति अगली पीढ़ी के नाम ट्रांसफर कर पाएंगे. विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक असर डालेगा.

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