
Fatehpur UP Board: दूसरे छात्र की जगह परीक्षा दे रहा था सॉल्वर ! कोचिंग संचालक सहित दो पर मुकदमा, प्रबंधक प्रिंसिपल पर भी शिकंजा
फतेहपुर में यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन बड़ा खुलासा हुआ. रामा अग्रहरि बालिका इंटर कॉलेज में दूसरे छात्र की जगह परीक्षा दे रहा सॉल्वर पकड़ा गया. उमेश मौर्य और कोचिंग संचालक आनंद श्रीवास्तव पर मुकदमा दर्ज हुआ. डीआईओएस ने प्रबंधक और प्रधानाचार्या श्रद्धा सिंह के खिलाफ भी पत्र भेजकर कार्रवाई तेज की.
Fatehpur UP Board Exam: यूपी बोर्ड परीक्षा की सख्ती के बीच फतेहपुर से सॉल्वर कांड ने शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. हिंदी की परीक्षा में दूसरे छात्र की जगह बैठा युवक रंगे हाथ पकड़ा गया. पूछताछ में कोचिंग संचालक का नाम सामने आया. अब स्कूल प्रबंधन पर भी शिकंजा कसता दिख रहा है.
परीक्षा केंद्र पर शक होते ही धरा गया सॉल्वर

केंद्र व्यवस्थापक मौनी गुप्त को एक परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. पहचान पत्र और प्रवेश पत्र की जांच के बाद खुलासा हुआ कि युवक असली परीक्षार्थी नहीं है बल्कि उसकी जगह परीक्षा दे रहा है. सूचना मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक की टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई.
प्रति पेपर एक हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
प्रबंधक और प्रधानाचार्या श्रद्धा सिंह पर भी शिकंजा
जांच के दौरान सिविल लाइंस स्थित विवेकानंद गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्या श्रद्धा सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई. जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि मामले में विद्यालय प्रबंधन की संलिप्तता की जानकारी मिली है. इसके बाद थाने में पत्र देकर प्रबंधक और प्रधानाचार्या का नाम मुकदमे में जोड़ने के लिए कहा गया है. शिक्षा विभाग ने संबंधित विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा-डीआईओएस
डीआईओएस राकेश कुमार ने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. जिले के अन्य सभी परीक्षा केंद्रों की भी समीक्षा की जा रही है ताकि कहीं और ऐसी घटना न हो. शिक्षा विभाग अब परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ी करने की तैयारी में है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और नाम सामने आए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस विवेचना में खुल सकते हैं और राज
राधानगर थाना प्रभारी विनोद मौर्य ने बताया कि दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ डीआईओएस का पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे विवेचना में शामिल किया गया है. पुलिस का कहना है कि अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है.
फतेहपुर में सामने आया यह सॉल्वर कांड एक बार फिर साबित करता है कि परीक्षा माफिया अब भी सक्रिय हैं. प्रशासन की सख्ती के दावों के बावजूद ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं.
