उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर: 50 जिलों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की फसल बर्बाद
उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है. 6 अप्रैल को भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी हुआ है. कई जिलों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं. सरकार ने नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं.
UP Rain Alert News: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है. 6 अप्रैल को लेकर मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली गिरने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है. इससे पहले भी कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. हालात को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
मौसम विभाग का अलर्ट, 6 अप्रैल को रहेगा भारी दिन
प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय सिस्टम के कारण 6 अप्रैल का दिन काफी संवेदनशील माना जा रहा है. मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी.
इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं. अचानक मौसम में आए इस बदलाव ने तापमान को भी प्रभावित किया है. दिन के समय जहां उमस बढ़ी है, वहीं शाम होते-होते मौसम खतरनाक रूप ले सकता है.
इन 50 जिलों में वज्रपात और बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, जौनपुर, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद
मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती और वाराणसी शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे जानमाल का खतरा बना हुआ है. ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
तेज आंधी के साथ चलेंगी 50 किमी/घंटा की हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज झोंकेदार हवाएं भी बड़ी चुनौती बन सकती हैं. कई जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. यह तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
खासकर खुले खेतों और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है. प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसल बर्बाद
4 और 5 अप्रैल को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने पहले ही किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. फतेहपुर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गई हैं.
किसानों का कहना है कि यह मौसम उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर गया है. मंडियों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जहां फसल की आवक प्रभावित होगी. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है.
सरकार सख्त, मुआवजा देने के निर्देश जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम के बिगड़े हालात को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल नुकसान का आकलन करें. जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसके साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिजली गिरने या अन्य हादसों में घायल लोगों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए.
उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर: 50 जिलों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की फसल बर्बाद
UP Rain Alert News: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है. 6 अप्रैल को लेकर मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली गिरने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है. इससे पहले भी कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. हालात को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
मौसम विभाग का अलर्ट, 6 अप्रैल को रहेगा भारी दिन
प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय सिस्टम के कारण 6 अप्रैल का दिन काफी संवेदनशील माना जा रहा है. मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी.
इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं. अचानक मौसम में आए इस बदलाव ने तापमान को भी प्रभावित किया है. दिन के समय जहां उमस बढ़ी है, वहीं शाम होते-होते मौसम खतरनाक रूप ले सकता है.
इन 50 जिलों में वज्रपात और बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, जौनपुर, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद
मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती और वाराणसी शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे जानमाल का खतरा बना हुआ है. ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
तेज आंधी के साथ चलेंगी 50 किमी/घंटा की हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज झोंकेदार हवाएं भी बड़ी चुनौती बन सकती हैं. कई जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. यह तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
खासकर खुले खेतों और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है. प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसल बर्बाद
4 और 5 अप्रैल को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने पहले ही किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. फतेहपुर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गई हैं.
किसानों का कहना है कि यह मौसम उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर गया है. मंडियों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जहां फसल की आवक प्रभावित होगी. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है.
सरकार सख्त, मुआवजा देने के निर्देश जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम के बिगड़े हालात को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल नुकसान का आकलन करें. जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसके साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिजली गिरने या अन्य हादसों में घायल लोगों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए.