Petrol Diesel New Rates: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, एक हफ्ते में दूसरी बार लगा महंगाई का झटका
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर बढ़ोतरी कर दी गई. तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 87 से 96 पैसे और डीजल पर 86 से 94 पैसे प्रति लीटर तक दाम बढ़ाए हैं. महज एक सप्ताह में दूसरी बार कीमतें बढ़ने से आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है.
Petrol Diesel New Rates: देश में महंगाई से जूझ रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है. यह पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं. लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब, परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है.
तीन दिन पहले ही बढ़े थे 3 रुपये प्रति लीटर
मंगलवार की बढ़ोतरी से पहले शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी. उस फैसले के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया था, जबकि डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था.
अब नई वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. इस तरह सिर्फ कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है.
मुंबई में पेट्रोल 107 रुपये के पार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. यहां पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. वहीं डीजल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गई है. मुंबई में पहले से ही देश के प्रमुख शहरों की तुलना में ईंधन के दाम अधिक रहते हैं.
कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
कोलकाता में मंगलवार को पेट्रोल के दाम में सबसे अधिक 96 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई. इसके बाद वहां पेट्रोल की कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है. डीजल भी 94 पैसे महंगा होकर 96.07 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. पश्चिम बंगाल की राजधानी में ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पर साफ दिखाई देने लगा है.
चेन्नई में भी बढ़े दाम, डीजल 96 रुपये के पार
चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल 86 पैसे महंगा होकर 96.11 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. दक्षिण भारत के इस प्रमुख महानगर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर लॉजिस्टिक्स, बस सेवाओं और निजी वाहनों के संचालन खर्च पर पड़ने लगा है.
अंतरराष्ट्रीय तनाव बना कीमतों में उछाल की बड़ी वजह
पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर बना हुआ है.
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है, वहां बाधाएं उत्पन्न होने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं. वैश्विक बाजार में यह उछाल सीधे भारतीय ईंधन कीमतों पर असर डाल रहा है.
आम जनता और बाजार पर क्या पड़ेगा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि का प्रभाव केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. इसका असर परिवहन, कृषि, उद्योग और खुदरा बाजार तक पहुंचता है. माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जियां, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं. निजी वाहन उपयोग करने वालों के मासिक खर्च में वृद्धि होगी, जबकि सार्वजनिक परिवहन किराए बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है.
Petrol Diesel New Rates: फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, एक हफ्ते में दूसरी बार लगा महंगाई का झटका
Petrol Diesel New Rates: देश में महंगाई से जूझ रही आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है. यह पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं. लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब, परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है.
तीन दिन पहले ही बढ़े थे 3 रुपये प्रति लीटर
मंगलवार की बढ़ोतरी से पहले शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी. उस फैसले के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया था, जबकि डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था.
अब नई वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. इस तरह सिर्फ कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है.
मुंबई में पेट्रोल 107 रुपये के पार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. यहां पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. वहीं डीजल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गई है. मुंबई में पहले से ही देश के प्रमुख शहरों की तुलना में ईंधन के दाम अधिक रहते हैं.
कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
कोलकाता में मंगलवार को पेट्रोल के दाम में सबसे अधिक 96 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई. इसके बाद वहां पेट्रोल की कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है. डीजल भी 94 पैसे महंगा होकर 96.07 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. पश्चिम बंगाल की राजधानी में ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पर साफ दिखाई देने लगा है.
चेन्नई में भी बढ़े दाम, डीजल 96 रुपये के पार
चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल 86 पैसे महंगा होकर 96.11 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. दक्षिण भारत के इस प्रमुख महानगर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर लॉजिस्टिक्स, बस सेवाओं और निजी वाहनों के संचालन खर्च पर पड़ने लगा है.
अंतरराष्ट्रीय तनाव बना कीमतों में उछाल की बड़ी वजह
पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर बना हुआ है.
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है, वहां बाधाएं उत्पन्न होने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसी वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं. वैश्विक बाजार में यह उछाल सीधे भारतीय ईंधन कीमतों पर असर डाल रहा है.
आम जनता और बाजार पर क्या पड़ेगा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि का प्रभाव केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. इसका असर परिवहन, कृषि, उद्योग और खुदरा बाजार तक पहुंचता है. माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जियां, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं. निजी वाहन उपयोग करने वालों के मासिक खर्च में वृद्धि होगी, जबकि सार्वजनिक परिवहन किराए बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है.