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यूपी में कुदरत का करिश्मा: महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म, दो बेटे और दो बेटियां, डॉक्टर भी हैरान

यूपी में कुदरत का करिश्मा: महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म, दो बेटे और दो बेटियां, डॉक्टर भी हैरान
यूपी में महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म: Image Credit Original Source

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की 31 वर्षीय अमीना ने मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है. इस दुर्लभ और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में दो बेटे और दो बेटियों का जन्म हुआ. मां पूरी तरह स्वस्थ है, जबकि चारों नवजात बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.

UP News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आई एक खबर ने चिकित्सा जगत के साथ-साथ आम लोगों को भी आश्चर्य में डाल दिया है. संभल जिले के असमोली की रहने वाली 31 वर्षीय अमीना ने एक साथ चार बच्चों को जन्म देकर अपने परिवार की जिंदगी खुशियों से भर दी है. दो साल पहले शादी के बंधन में बंधी अमीना के घर अब एक साथ दो बेटों और दो बेटियों की किलकारियां गूंज रही हैं. डॉक्टर इस पूरे मामले को कुदरत का अद्भुत करिश्मा और चिकित्सा विज्ञान के लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन सफल उदाहरण बता रहे हैं.

संभल के किराना व्यापारी के घर एक साथ आई चार खुशियां

संभल जिले के असमोली क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद आलिम स्थानीय स्तर पर किराना स्टोर चलाते हैं. उनकी पत्नी अमीना गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच के लिए मुरादाबाद स्थित तेजस मेडिकल यूनिवर्सिटी (TMU) अस्पताल आती रहीं. परिवार लंबे समय से संतान सुख की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि एक साथ चार बच्चों के जन्म की खुशखबरी मिलेगी.

शादी के करीब दो वर्ष बाद अमीना के गर्भवती होने की खबर ने परिवार में उम्मीद जगाई थी. जब डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि गर्भ में चार भ्रूण पल रहे हैं, तो यह सूचना परिवार के लिए आश्चर्य और भावनात्मक उत्साह से भरी हुई थी. परिजनों ने शुरुआत से ही चारों बच्चों को सुरक्षित जन्म देने का संकल्प लिया.

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में डॉक्टरों ने दी थी भ्रूण कटौती की सलाह

एक साथ चार बच्चों का गर्भ में होना अत्यंत जटिल और हाई रिस्क स्थिति मानी जाती है. ऐसी गर्भावस्था में मां और बच्चों दोनों की जान को खतरा हो सकता है. टीएमयू अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शुभ्रा अग्रवाल ने मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने परिवार को भ्रूण कटौती (Fetal Reduction) का सुझाव दिया था, ताकि जोखिम कम किया जा सके.

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हालांकि अमीना और उनके परिवार ने इस सलाह को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने चारों बच्चों को जन्म देने का निर्णय लिया. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने पूरी सावधानी, विशेषज्ञता और निरंतर निगरानी के साथ उपचार जारी रखा.

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9 मई को बेटे और 14 मई को तीन अन्य बच्चों का हुआ जन्म

8 मई को अमीना की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. अगले दिन 9 मई को उन्होंने पहले बच्चे, एक बेटे, को जन्म दिया. इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में 14 मई को तीन अन्य बच्चों का जन्म हुआ. इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं.

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इस तरह कुल चार बच्चों में दो बेटे और दो बेटियां हैं. डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की डिलीवरी बेहद दुर्लभ होती है और इसमें हर चरण पर विशेष चिकित्सकीय सतर्कता की आवश्यकता होती है. सफल प्रसव के बाद अस्पताल की टीम ने राहत की सांस ली.

मां पूरी तरह स्वस्थ, चारों नवजात वेंटिलेटर सपोर्ट पर

अस्पताल प्रशासन के अनुसार अमीना की स्थिति स्थिर है और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं. चारों नवजात बच्चों को एहतियातन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं. बच्चों की हालत संतोषजनक बताई जा रही है और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.

नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए विशेष नियोनेटल टीम चौबीसों घंटे सक्रिय है. डॉक्टरों का कहना है कि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को कुछ समय तक अतिरिक्त चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है.

दो साल बाद एक साथ दो बेटे और दो बेटियों से भर उठा परिवार

अमीना और मोहम्मद आलिम दोनों खुश हैं. शादी के दो वर्ष बाद एक साथ चार बच्चों के जन्म ने पूरे परिवार को अपार खुशी दी है. रिश्तेदारों और परिचितों का अस्पताल में बधाई देने का सिलसिला जारी है.

परिजनों का कहना है कि यह उनके लिए अल्लाह की बड़ी नेमत है. एक साथ दो बेटों और दो बेटियों के आने से परिवार की खुशियां कई गुना बढ़ गई हैं. माता-पिता अपने चारों बच्चों को देखकर भावुक हो उठे और डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया.

डॉक्टर बोले, यह कुदरत का करिश्मा और चिकित्सा की बड़ी सफलता

डॉ. शुभ्रा अग्रवाल और उनकी टीम ने इस जटिल प्रेग्नेंसी को सफलतापूर्वक संभाला. डॉक्टरों के अनुसार, चार बच्चों का सुरक्षित जन्म अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि है. इसमें मां और नवजातों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती थी. मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में हुई यह घटना अब पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं.

17 May 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

यूपी में कुदरत का करिश्मा: महिला ने 4 बच्चों को दिया जन्म, दो बेटे और दो बेटियां, डॉक्टर भी हैरान

UP News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आई एक खबर ने चिकित्सा जगत के साथ-साथ आम लोगों को भी आश्चर्य में डाल दिया है. संभल जिले के असमोली की रहने वाली 31 वर्षीय अमीना ने एक साथ चार बच्चों को जन्म देकर अपने परिवार की जिंदगी खुशियों से भर दी है. दो साल पहले शादी के बंधन में बंधी अमीना के घर अब एक साथ दो बेटों और दो बेटियों की किलकारियां गूंज रही हैं. डॉक्टर इस पूरे मामले को कुदरत का अद्भुत करिश्मा और चिकित्सा विज्ञान के लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन सफल उदाहरण बता रहे हैं.

संभल के किराना व्यापारी के घर एक साथ आई चार खुशियां

संभल जिले के असमोली क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद आलिम स्थानीय स्तर पर किराना स्टोर चलाते हैं. उनकी पत्नी अमीना गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच के लिए मुरादाबाद स्थित तेजस मेडिकल यूनिवर्सिटी (TMU) अस्पताल आती रहीं. परिवार लंबे समय से संतान सुख की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि एक साथ चार बच्चों के जन्म की खुशखबरी मिलेगी.

शादी के करीब दो वर्ष बाद अमीना के गर्भवती होने की खबर ने परिवार में उम्मीद जगाई थी. जब डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि गर्भ में चार भ्रूण पल रहे हैं, तो यह सूचना परिवार के लिए आश्चर्य और भावनात्मक उत्साह से भरी हुई थी. परिजनों ने शुरुआत से ही चारों बच्चों को सुरक्षित जन्म देने का संकल्प लिया.

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में डॉक्टरों ने दी थी भ्रूण कटौती की सलाह

एक साथ चार बच्चों का गर्भ में होना अत्यंत जटिल और हाई रिस्क स्थिति मानी जाती है. ऐसी गर्भावस्था में मां और बच्चों दोनों की जान को खतरा हो सकता है. टीएमयू अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शुभ्रा अग्रवाल ने मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने परिवार को भ्रूण कटौती (Fetal Reduction) का सुझाव दिया था, ताकि जोखिम कम किया जा सके.

हालांकि अमीना और उनके परिवार ने इस सलाह को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने चारों बच्चों को जन्म देने का निर्णय लिया. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने पूरी सावधानी, विशेषज्ञता और निरंतर निगरानी के साथ उपचार जारी रखा.

9 मई को बेटे और 14 मई को तीन अन्य बच्चों का हुआ जन्म

8 मई को अमीना की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. अगले दिन 9 मई को उन्होंने पहले बच्चे, एक बेटे, को जन्म दिया. इसके बाद चिकित्सकों की निगरानी में 14 मई को तीन अन्य बच्चों का जन्म हुआ. इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं.

इस तरह कुल चार बच्चों में दो बेटे और दो बेटियां हैं. डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की डिलीवरी बेहद दुर्लभ होती है और इसमें हर चरण पर विशेष चिकित्सकीय सतर्कता की आवश्यकता होती है. सफल प्रसव के बाद अस्पताल की टीम ने राहत की सांस ली.

मां पूरी तरह स्वस्थ, चारों नवजात वेंटिलेटर सपोर्ट पर

अस्पताल प्रशासन के अनुसार अमीना की स्थिति स्थिर है और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं. चारों नवजात बच्चों को एहतियातन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं. बच्चों की हालत संतोषजनक बताई जा रही है और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.

नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए विशेष नियोनेटल टीम चौबीसों घंटे सक्रिय है. डॉक्टरों का कहना है कि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को कुछ समय तक अतिरिक्त चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है.

दो साल बाद एक साथ दो बेटे और दो बेटियों से भर उठा परिवार

अमीना और मोहम्मद आलिम दोनों खुश हैं. शादी के दो वर्ष बाद एक साथ चार बच्चों के जन्म ने पूरे परिवार को अपार खुशी दी है. रिश्तेदारों और परिचितों का अस्पताल में बधाई देने का सिलसिला जारी है.

परिजनों का कहना है कि यह उनके लिए अल्लाह की बड़ी नेमत है. एक साथ दो बेटों और दो बेटियों के आने से परिवार की खुशियां कई गुना बढ़ गई हैं. माता-पिता अपने चारों बच्चों को देखकर भावुक हो उठे और डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया.

डॉक्टर बोले, यह कुदरत का करिश्मा और चिकित्सा की बड़ी सफलता

डॉ. शुभ्रा अग्रवाल और उनकी टीम ने इस जटिल प्रेग्नेंसी को सफलतापूर्वक संभाला. डॉक्टरों के अनुसार, चार बच्चों का सुरक्षित जन्म अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि है. इसमें मां और नवजातों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती थी. मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में हुई यह घटना अब पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं.

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