UP Teacher News: यूपी में 8800 ECCE एजुकेटर की भर्ती ! बिना परीक्षा के होगा चयन, मिलेगा 10,313 मानदेय
UP News In Hindi
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के परिषदीय प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में अब बाल वाटिका कक्षाएं और मजबूत होंगी. इसके लिए राज्यभर में 8800 'अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन' (ECCE) एजुकेटर संविदा पर नियुक्त किए जाएंगे. एजुकेटर को 10,313 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा.
UP Teacher News: बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने तीन से छह वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्राथमिक शिक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार अब ECCE एजुकेटर्स की नियुक्ति कर परिषदीय विद्यालयों में बाल वाटिका को मजबूती देने जा रही है. यह कदम न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षित करेगा, बल्कि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा.
75 जिलों में 8800 ECCE एजुकेटर की संविदा पर होगी नियुक्ति
राज्य के सभी 75 जिलों के परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में अब बाल वाटिका कक्षा के लिए एक-एक ECCE एजुकेटर नियुक्त किया जाएगा. कुल 8800 पदों पर नियुक्ति की जाएगी.

शैक्षणिक योग्यता, उम्र सीमा और आरक्षण नियम तय
साथ ही NTT, CT नर्सरी, DPSE या समकक्ष योग्यता के साथ न्यूनतम दो वर्ष का डिप्लोमा अनिवार्य है. इन सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
बच्चों के सर्वांगीण विकास पर होगा फोकस
बाल वाटिका कक्षाओं में 3 से 6 साल के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा. बच्चों के मानसिक, सामाजिक, शारीरिक, संवेगात्मक और शैक्षणिक विकास के लिए रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी.
बच्चों को रंग, आकार, ध्वनि, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आदि से परिचय कराया जाएगा. खेल, नाटक, पिकनिक, क्षेत्रीय भ्रमण और संगीत जैसी गतिविधियां शिक्षा का हिस्सा होंगी. इन प्रयासों से बच्चों की सीखने की बुनियाद मजबूत होगी.
अभिभावकों के साथ संपर्क और चाइल्ड प्रोफाइल होगी अनिवार्य
ECCE एजुकेटर को न केवल बच्चों के साथ कार्य करना होगा बल्कि उनके अभिभावकों से भी निरंतर संपर्क बनाना होगा. विशेषकर माताओं के साथ बैठक कर बच्चों की प्रगति की जानकारी साझा की जाएगी.
बच्चों की समग्र प्रगति के लिए चाइल्ड प्रोफाइल तैयार करना अनिवार्य होगा, जिससे प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक यात्रा पर नियमित निगरानी हो सके.
समिति की निगरानी में होगी चयन प्रक्रिया
अपर मुख्य सचिव आनंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक चयन समिति गठित की जाएगी. इस समिति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिव होंगे, जबकि डीआईईटी प्राचार्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सेवायोजन अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी सदस्य होंगे. चयन की पूरी प्रक्रिया राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की निगरानी में पारदर्शी तरीके से की जाएगी.
2024-25 में 20 हजार से अधिक एजुकेटर होंगे नियुक्त
शैक्षिक सत्र 2024-25 में बाल वाटिका के संचालन के लिए कुल 20,000 से अधिक ECCE एजुकेटर नियुक्त किए जाएंगे. इनमें से 10,684 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है. राज्य सरकार द्वारा जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा. यह कदम बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
UP Teacher News: यूपी में 8800 ECCE एजुकेटर की भर्ती ! बिना परीक्षा के होगा चयन, मिलेगा 10,313 मानदेय
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UP Teacher News: बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने तीन से छह वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्राथमिक शिक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार अब ECCE एजुकेटर्स की नियुक्ति कर परिषदीय विद्यालयों में बाल वाटिका को मजबूती देने जा रही है. यह कदम न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षित करेगा, बल्कि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा.
75 जिलों में 8800 ECCE एजुकेटर की संविदा पर होगी नियुक्ति
राज्य के सभी 75 जिलों के परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में अब बाल वाटिका कक्षा के लिए एक-एक ECCE एजुकेटर नियुक्त किया जाएगा. कुल 8800 पदों पर नियुक्ति की जाएगी.
ये नियुक्तियां संविदा पर 11 महीने के लिए होंगी. प्रत्येक एजुकेटर को 10,313 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा. यह पहल केंद्र सरकार की सहमति के बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा 113.30 करोड़ के बजट की मंजूरी के साथ शुरू की गई है.
शैक्षणिक योग्यता, उम्र सीमा और आरक्षण नियम तय
इन पदों के लिए अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 40 वर्ष रखी गई है. शैक्षिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थी को गृह विज्ञान विषय के साथ स्नातक होना चाहिए और उसमें कम से कम 50% अंक अनिवार्य हैं. आरक्षित वर्ग को नियमानुसार पांच प्रतिशत अंकों की छूट मिलेगी.
साथ ही NTT, CT नर्सरी, DPSE या समकक्ष योग्यता के साथ न्यूनतम दो वर्ष का डिप्लोमा अनिवार्य है. इन सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
बच्चों के सर्वांगीण विकास पर होगा फोकस
बाल वाटिका कक्षाओं में 3 से 6 साल के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा. बच्चों के मानसिक, सामाजिक, शारीरिक, संवेगात्मक और शैक्षणिक विकास के लिए रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी.
बच्चों को रंग, आकार, ध्वनि, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आदि से परिचय कराया जाएगा. खेल, नाटक, पिकनिक, क्षेत्रीय भ्रमण और संगीत जैसी गतिविधियां शिक्षा का हिस्सा होंगी. इन प्रयासों से बच्चों की सीखने की बुनियाद मजबूत होगी.
अभिभावकों के साथ संपर्क और चाइल्ड प्रोफाइल होगी अनिवार्य
ECCE एजुकेटर को न केवल बच्चों के साथ कार्य करना होगा बल्कि उनके अभिभावकों से भी निरंतर संपर्क बनाना होगा. विशेषकर माताओं के साथ बैठक कर बच्चों की प्रगति की जानकारी साझा की जाएगी.
बच्चों की समग्र प्रगति के लिए चाइल्ड प्रोफाइल तैयार करना अनिवार्य होगा, जिससे प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक यात्रा पर नियमित निगरानी हो सके.
समिति की निगरानी में होगी चयन प्रक्रिया
अपर मुख्य सचिव आनंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक चयन समिति गठित की जाएगी. इस समिति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिव होंगे, जबकि डीआईईटी प्राचार्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सेवायोजन अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी सदस्य होंगे. चयन की पूरी प्रक्रिया राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की निगरानी में पारदर्शी तरीके से की जाएगी.
2024-25 में 20 हजार से अधिक एजुकेटर होंगे नियुक्त
शैक्षिक सत्र 2024-25 में बाल वाटिका के संचालन के लिए कुल 20,000 से अधिक ECCE एजुकेटर नियुक्त किए जाएंगे. इनमें से 10,684 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है. राज्य सरकार द्वारा जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा. यह कदम बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.