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Kanpur News: कानपुर CMO विवाद में शासन का बड़ा फैसला ! डॉ. उदयनाथ हटाए गए, निलंबित डॉ. हरिदत्त नेमी की बहाली की तैयारी

Kanpur News: कानपुर CMO विवाद में शासन का बड़ा फैसला ! डॉ. उदयनाथ हटाए गए, निलंबित डॉ. हरिदत्त नेमी की बहाली की तैयारी
कानपुर के सीएमओ डॉ उदयनाथ हटे नेमी को कमान: Image Credit Original Source

Kanpur News In Hindi

कानपुर (Kanpur) के चर्चित सीएमओ विवाद में मंगलवार को शासन ने चौंकाने वाला फैसला लिया है. मौजूदा सीएमओ डॉ. उदयनाथ को पद से हटाकर श्रावस्ती वापस भेज दिया गया है, जबकि पूर्व सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन रोक दिया गया है. इस आदेश से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है.

Kanpur News: यूपी के कानपुर का सीएमओ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. महीने भर से चल रहे इस प्रशासनिक टकराव में अब शासन ने अप्रत्याशित फैसला लेकर नया मोड़ ला दिया है. मौजूदा सीएमओ डॉ. उदयनाथ (Dr Uday Nath) को हटाकर उनकी पुरानी तैनाती श्रावस्ती भेजा गया है, जबकि निलंबित चल रहे पूर्व सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी (Dr Haridatta Nemi) की बहाली की संभावनाएं अब प्रबल हो गई हैं. इस फैसले के बाद कानपुर का स्वास्थ्य महकमा फिर से एक नए संकट के दौर में पहुंच गया है.

हटे डॉ. उदयनाथ, श्रावस्ती में फिर संभालेंगे कमान

सीएमओ डॉ. उदयनाथ, जो हाल ही में कानपुर (Kanpur CMO) में तैनात किए गए थे, अब शासन के आदेश पर हटाए जा चुके हैं. उन्हें दोबारा श्रावस्ती एसीएमओ के पद पर भेजा गया है. यह वही पद है जहां से उन्हें कानपुर में भेजा गया था जब डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन हुआ था. अब इस बदलाव के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि शासन ने विवाद को खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा लिया है.

पलटा पुराना फैसला, रोका गया डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन

पूर्व सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को 19 जून को निलंबित किया गया था. आरोप थे कि अस्पतालों की व्यवस्था बदहाल थी, स्टाफ गायब था और भर्ती प्रक्रिया में भी गड़बड़ियां सामने आई थीं. डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट में ये सब बातें उजागर हुई थीं.

लेकिन डॉ. नेमी ने हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया और दोबारा सीएमओ दफ्तर पहुंच गए. अब शासन ने उनके निलंबन को भी होल्ड पर रख दिया है, जिससे उनकी वापसी की औपचारिकता लगभग पूरी हो चुकी है.

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सीएमओ ऑफिस बना रणक्षेत्र, दो दिन तक चली कुर्सी की जंग

हाईकोर्ट से स्टे मिलते ही डॉ. नेमी सीएमओ ऑफिस पहुंच गए और कुर्सी संभाल ली. इधर डॉ. उदयनाथ भी पीछे नहीं हटे और वह भी ऑफिस पहुंचकर अपनी कुर्सी के सामने कुर्सी लगाकर बैठ गए. दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई और कर्मचारियों के बीच असमंजस का माहौल बन गया. यह स्थिति दो दिनों तक चली, जिसमें स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी भी उलझन में नजर आए. अंततः शासन को दखल देना पड़ा और स्थिति पर विराम लगाने के लिए बड़ा फैसला लेना पड़ा.

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कहां से शुरू हुआ विवाद और क्यों बिगड़ा मामला

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 14 दिसंबर 2023 को डॉ. हरिदत्त नेमी ने कानपुर सीएमओ का पदभार संभाला. इसके एक महीने बाद ही नए डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यभार लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण शुरू किया.

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कई अस्पतालों में लापरवाही, अनुपस्थित स्टाफ और चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आईं. डीएम ने कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देश दिए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बाद में सीएमओ का एक विवादित ऑडियो भी वायरल हुआ, जिससे मामला गंभीर हो गया. इसी के बाद निलंबन की कार्रवाई हुई.

फैसले के पीछे की सियासत या प्रशासनिक विवशता

अब जब डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन रोका गया है और डॉ. उदयनाथ को हटा दिया गया है, तो यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह फैसला महज न्यायिक आदेश का पालन है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव काम कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग और जिले के प्रशासनिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. लेकिन यह तय है कि इस फैसले ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

16 Jul 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Kanpur News: कानपुर CMO विवाद में शासन का बड़ा फैसला ! डॉ. उदयनाथ हटाए गए, निलंबित डॉ. हरिदत्त नेमी की बहाली की तैयारी

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हटे डॉ. उदयनाथ, श्रावस्ती में फिर संभालेंगे कमान

सीएमओ डॉ. उदयनाथ, जो हाल ही में कानपुर (Kanpur CMO) में तैनात किए गए थे, अब शासन के आदेश पर हटाए जा चुके हैं. उन्हें दोबारा श्रावस्ती एसीएमओ के पद पर भेजा गया है. यह वही पद है जहां से उन्हें कानपुर में भेजा गया था जब डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन हुआ था. अब इस बदलाव के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि शासन ने विवाद को खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा लिया है.

पलटा पुराना फैसला, रोका गया डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन

पूर्व सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को 19 जून को निलंबित किया गया था. आरोप थे कि अस्पतालों की व्यवस्था बदहाल थी, स्टाफ गायब था और भर्ती प्रक्रिया में भी गड़बड़ियां सामने आई थीं. डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट में ये सब बातें उजागर हुई थीं.

लेकिन डॉ. नेमी ने हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया और दोबारा सीएमओ दफ्तर पहुंच गए. अब शासन ने उनके निलंबन को भी होल्ड पर रख दिया है, जिससे उनकी वापसी की औपचारिकता लगभग पूरी हो चुकी है.

सीएमओ ऑफिस बना रणक्षेत्र, दो दिन तक चली कुर्सी की जंग

हाईकोर्ट से स्टे मिलते ही डॉ. नेमी सीएमओ ऑफिस पहुंच गए और कुर्सी संभाल ली. इधर डॉ. उदयनाथ भी पीछे नहीं हटे और वह भी ऑफिस पहुंचकर अपनी कुर्सी के सामने कुर्सी लगाकर बैठ गए. दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई और कर्मचारियों के बीच असमंजस का माहौल बन गया. यह स्थिति दो दिनों तक चली, जिसमें स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी भी उलझन में नजर आए. अंततः शासन को दखल देना पड़ा और स्थिति पर विराम लगाने के लिए बड़ा फैसला लेना पड़ा.

कहां से शुरू हुआ विवाद और क्यों बिगड़ा मामला

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 14 दिसंबर 2023 को डॉ. हरिदत्त नेमी ने कानपुर सीएमओ का पदभार संभाला. इसके एक महीने बाद ही नए डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यभार लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण शुरू किया.

कई अस्पतालों में लापरवाही, अनुपस्थित स्टाफ और चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आईं. डीएम ने कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देश दिए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बाद में सीएमओ का एक विवादित ऑडियो भी वायरल हुआ, जिससे मामला गंभीर हो गया. इसी के बाद निलंबन की कार्रवाई हुई.

फैसले के पीछे की सियासत या प्रशासनिक विवशता

अब जब डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन रोका गया है और डॉ. उदयनाथ को हटा दिया गया है, तो यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह फैसला महज न्यायिक आदेश का पालन है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव काम कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग और जिले के प्रशासनिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. लेकिन यह तय है कि इस फैसले ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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