यूपी के सभी ई-रिक्शा चालकों के लिए नया नियम, महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा फैसला

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उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं के साथ ई-रिक्शा में बढ़ रही छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है. अब पूरे प्रदेश में हर ई-रिक्शा पर चालक का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य होगा.
UP E-Rickshaw News: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. राज्य महिला आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि अब सभी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को अपनी गाड़ी पर नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखना होगा. यह व्यवस्था प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू की जाएगी. आयोग का मानना है कि इस कदम से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी.
बाराबंकी बैठक में हुआ अहम निर्णय
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने बाराबंकी में अफसरों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया. बैठक में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मुद्दे पर बेहद गंभीर हैं और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं.
हर ई-रिक्शा पर चालक का नाम और नंबर लिखना होगा अनिवार्य
महिला आयोग ने निर्देश दिया है कि अब सभी ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा में चालक का नाम और उसका मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से सामने लिखा होना चाहिए. इसका उद्देश्य यह है कि अगर किसी महिला के साथ छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार की घटना होती है तो आरोपी की पहचान और शिकायत दर्ज करना आसान हो सके.
हेल्पलाइन नंबरों की कार्यप्रणाली होगी मजबूत
महिला डेस्क को और मजबूत करने के निर्देश
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने सभी थानों में मौजूद महिला डेस्क को और मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इन डेस्क का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि महिलाएं आसानी से अपनी समस्या रख सकें और उन्हें न्याय दिलाने में कोई देरी न हो.
पहले भी चलाया गया था अभियान
आपको बता दें कि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए अभियान चलाया था, जिसमें ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर और मालिक का नाम गाड़ी पर लिखना अनिवार्य किया गया था. शुरुआती दौर में कई गाड़ियों पर इसका पालन हुआ लेकिन बाद में इस नियम की अनदेखी शुरू हो गई. अब महिला आयोग के इस नए फैसले के बाद इस अभियान को दोबारा सख्ती से लागू करने की तैयारी है.
महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा कदम
महिला आयोग की इस पहल को महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी आएगी और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा. प्रदेशभर में इस व्यवस्था को लागू करने से एक पारदर्शी और सुरक्षित माहौल बनाने में मदद मिलेगी.