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IAS Aunjaneya Kumar Singh Biography: पत्रकारिता से आईएएस तक का सफर, जानिए क्यों चर्चा में हैं आंजनेय कुमार सिंह

IAS Aunjaneya Kumar Singh Biography: पत्रकारिता से आईएएस तक का सफर, जानिए क्यों चर्चा में हैं आंजनेय कुमार सिंह
IAS आञ्जनेय कुमार सिंह की 7 वीं बार बढ़ी प्रतिनियुक्ति जानिए उनके बारे में (दाएं योगी आदित्यनाथ फाइल फोटो): Image Credit Original Source

IAS Aunjaneya Kumar Singh

यूपी के चर्चित IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कभी पत्रकार बनने का सपना देखने वाले आंजनेय कुमार ने कड़ी मेहनत से UPSC की परीक्षा पास की. यूपी में डीएम रहते कई कड़े फैसलों से पहचान बनाई. प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के बाद पहले उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने एक साल का एक्सटेंशन दे दिया है और वह जल्द ही मुरादाबाद मंडल आयुक्त का पद फिर से संभालेंगे.

IAS Aunjaneya Kumar Singh Biography: आईएएस आंजनेय कुमार सिंह यूपी की ब्यूरोक्रेसी का एक चर्चित नाम हैं. यूपी में डीएम रहते उन्होंने कई चर्चित कार्रवाइयां कीं, खासतौर पर रामपुर में आजम खान के खिलाफ कड़े फैसले. उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त 2025 को खत्म हो गई थी और उन्हें एक्सटेंशन नहीं मिला था. लेकिन अब केंद्र सरकार ने उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दे दिया है. जल्द ही वे फिर से मुरादाबाद मंडल आयुक्त का चार्ज संभालेंगे.

मऊ के छोटे से गांव से निकले IAS अफसर की कहानी

आंजनेय कुमार सिंह का जन्म 31 जुलाई 1976 को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के सलाहाबाद गांव में हुआ. उनके पिता डॉ. महेंद्र सिंह मऊ के डीसीएसके पीजी कॉलेज में भूगोल के विभागाध्यक्ष और चीफ प्रॉक्टर रहे. 12वीं कक्षा में केवल 49% अंक पाने के कारण उन्हें परिवार और समाज में काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.

लेकिन आंजनेय ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी कमजोरियों को ताकत में बदलने का फैसला किया. इसी संघर्ष ने उन्हें आगे बढ़ाया और एक दिन वे देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में पहुंचे.

पत्रकार बनने का सपना और UPSC की तैयारी

पढ़ाई पूरी करने के बाद आंजनेय ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. फिर मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा. हालांकि कुछ समय तक मीडिया में काम करने के बाद उन्होंने ठाना कि उनका असली लक्ष्य UPSC है.

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युगान्तर प्रवाह से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि किसी की यह बात कि "तुम सिविल सर्विसेज नहीं निकाल सकते", उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गई. इसके बाद उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर जी-तोड़ मेहनत की और आखिरकार 2005 में UPSC पास कर सिक्किम कैडर से IAS बने.

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यूपी में प्रतिनियुक्ति और अहम जिम्मेदारियां

IAS बनने के बाद 2015 में आंजनेय कुमार सिंह उत्तर प्रदेश प्रतिनियुक्ति पर आए. उनका कार्यकाल शुरू में पांच साल का था लेकिन प्रदर्शन और सरकार के भरोसे के कारण उन्हें बार-बार एक्सटेंशन मिलता रहा.

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बुलंदशहर, फतेहपुर और रामपुर जैसे जिलों में डीएम रहते उन्होंने जनता और प्रशासन के लिए कई सख्त लेकिन अहम फैसले लिए. इसके बाद उन्हें प्रमोशन देकर मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बनाया गया. इस पद पर रहते हुए भी उन्होंने सख्त और ईमानदार अफसर की छवि बनाए रखी.

रामपुर में आजम खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बने सुर्खियों में

2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर के डीएम रहते आंजनेय कुमार सिंह ने चुनाव आचार संहिता तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की. इसमें आजम खान और उनके करीबी भी शामिल थे. उनकी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी रद्द कर दी, क्योंकि उम्र को लेकर फर्जी दस्तावेज का मामला सामने आया.

यही नहीं, डीएम रहते उन्होंने आजम खान पर एक के बाद एक कई कार्रवाईयां कीं, जिसके नतीजे में आजम खान को 3 साल की सजा भी हुई और उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई. इस वजह से आंजनेय का नाम पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों में चर्चा का केंद्र बना.

सेवा विस्तार न मिलने के बाद केंद्र से मिली मंजूरी

14 अगस्त 2025 को आंजनेय कुमार सिंह की यूपी प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त हो गई थी. उस वक्त उन्हें एक्सटेंशन नहीं मिला और उन्होंने चार्ज डीएम अनुज सिंह को सौंप दिया था. योगी सरकार ने सातवीं बार उनका कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र से मंजूरी नहीं आई.

हालांकि अब केंद्र सरकार ने उन्हें राहत दी है और एक साल का प्रतिनियुक्ति सेवा विस्तार मंजूर कर दिया है. जल्द ही आंजनेय कुमार सिंह मुरादाबाद मंडल आयुक्त के पद पर दोबारा कार्यभार संभालेंगे. यह फैसला न केवल ब्यूरोक्रेसी में बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है.

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