
Fatehpur News: चिर निद्रा में सो गए हादसे में जान गंवाने वाले 4 युवक, भिटौरा घाट पर एक साथ जलीं तीन चिताएं
फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र में दो बाइकों की भिड़ंत और पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई. रविवार को भिटौरा घाट पर तीन युवकों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ. गांव में मातम पसरा है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार रात हुआ भीषण सड़क हादसा चार परिवारों की दुनिया उजाड़ गया. शादी की खुशियां मातम में बदल गईं जब दो बाइकों की भिड़ंत के बाद तेज रफ्तार ट्रक ने युवकों को रौंद दिया. देखते ही देखते सड़क खून से लाल हो गई और गांव में चीख पुकार मच गई. रविवार को जब तीन चिताएं एक साथ जलीं तो पूरा भिटौरा घाट रो पड़ा.
खुशियां बदलीं मातम में, सिधाव गांव पर टूटा दुखों का पहाड़

उमेश पाल गयापाल के रिश्तेदार थे, जबकि गजराज अपनी मौसी की बेटी की शादी में शामिल होने पहुंचे थे. रात करीब 9 बजे चारों युवक दो बाइकों से बहुआ की ओर गए. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा. शादी की रौशनी कुछ ही घंटों में गांव के लिए अंधेरा बन गई.
साढ़े 10 बजे मौत का तांडव, ट्रक ने नहीं दिया संभलने का मौका
बताया जा रहा है कि ट्रक का पहिया सौरभ द्विवेदी और गजराज पाल के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही सांसें थम गईं. सड़क पर खून बिखर गया और आसपास के लोग चीख सुनकर दौड़ पड़े. हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया. कुछ ही पलों में खुशियों से भरी रात खामोशी और चीखों में बदल गई.
अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी सांसों की डोर
दूसरी बाइक पर सवार आकाश यादव और उमेश पाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया. रास्ते में ही एक युवक की हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया.
दूसरे को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया, लेकिन वह भी जिंदगी की जंग हार गया. चारों युवकों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, घरों में कोहराम मच गया. माताएं बिलख उठीं, पिता बेसुध हो गए और पूरे गांव में सन्नाटा छा गया. जिस गांव में शादी हो रही थी, वहां चार अर्थियां उठने की तैयारी होने लगी.
पुलिस का बयान और ग्रामीणों ने लगाए आरोप
सीओ बिंदकी प्रगति यादव ने बताया कि बाइकों की आपसी भिड़ंत के कारण चार युवकों की मौत हुई है. वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने ट्रक को पकड़कर ट्रक मालिक से संपर्क किया और बाद में उसे छोड़ दिया. ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब दोनों बाइक एक ही दिशा में चल रही थीं तो इतनी भीषण भिड़ंत कैसे हुई.
उनका कहना है कि युवकों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत थे, जिससे हादसे की गंभीरता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. परिजन और ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच और ट्रक चालक पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता संतोष द्विवेदी ने भी मामले में न्याय की मांग उठाई है.
भिटौरा घाट पर एक साथ जलीं तीन चिताएं, गरीब पिता का उजड़ा संसार
रविवार को भिटौरा घाट पर सिधाव निवासी सौरभ द्विवेदी, आकाश यादव और उमेश पाल का अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ तीन चिताएं जलती देख हर आंख नम थी. दुगरेई निवासी गजराज पाल का अंतिम संस्कार उसके क्षेत्र में हुआ. सौरभ द्विवेदी के पिता भैयालाल बेहद गरीब हैं और ड्राइवर की नौकरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं.
कच्चा मकान, छप्पर की छत और घर में दरवाजा तक नहीं. बेटे की मौत ने उनके सपनों को तोड़ दिया. गांव के लोग कहते हैं कि सौरभ परिवार की उम्मीद था. अब घर में सिर्फ सन्नाटा है. चार जवान बेटों की असमय मौत ने फतेहपुर को झकझोर दिया है और एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
