Fatehpur News: फतेहपुर के पीटीओ सस्पेंड, एआरटीओ और खनन अधिकारी पर गिर सकती है गाज, माफियाओं में हड़कंप
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में ओवरलोड ट्रकों से होने वाली रोजाना की गुप्त वसूली का राज खुलते ही विभाग में भूकंप आ गया है. एसटीएफ की तगड़ी कार्रवाई के बाद पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी निलंबित हो चुके हैं. अब एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा और खनन अधिकारी देशराज पर भी कार्रवाई की उलटी गिनती शुरू हो गई है.
Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर में ओवरलोड ट्रकों से होने वाली अवैध वसूली का खेल जितना बड़ा था, उसका खुलासा उतना ही चौकाने वाला निकला. एसटीएफ के मुकदमे दर्ज होने के बाद पूरे विभाग में सन्नाटा फैल गया है. सबसे पहले पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी की कुर्सी गई और अब एआरटीओ एवं खनन अधिकारी पर भी कार्रवाई का शिकंजा कस चुका है. शासन इस नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के मूड में है.
पीटीओ की कुर्सी सबसे पहले हिली

एआरटीओ और खनन अधिकारी पर गिर सकती है गाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे खेल का ‘बड़ा चेहरा’ जो बताया जा रहा है, उसमें एआरटीओ प्रशासन पुष्पांजलि मित्रा और खनन अधिकारी देशराज भी शामिल हैं. आरोप है कि जिले में ओवरलोड ट्रकों की रोजाना की एंट्री और वसूली की पूरी व्यवस्था इनके इशारे पर चलती थी. विभाग ने दोनों अधिकारियों की फाइल शासन के पास भेज दी है और वहां से मंजूरी मिलते ही इन पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है. सूत्रों की मानें तो फतेहपुर और रायबरेली में दर्ज मुकदमों की जांच ने कई पुख्ता सबूत दे दिए हैं.
ओवरलोड का ‘अंडरग्राउंड नेटवर्क’
पीटीओ के चार ‘मास्टरमाइंड’ साथी
इस पूरे खेल का सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू था पीटीओ के चार शागिर्द. ये चार लोग मौके पर जाकर सौदेबाजी करते थे. पीटीओ को जब भी गड़बड़ दिखती, ये शागिर्द बात करने भेजे जाते. ट्रक चालक से रेट तय होता, पैसे इकट्ठा किए जाते और गाड़ी आगे बढ़ा दी जाती. पीटीओ का ड्राइवर पूरा ऑपरेशन मोबाइल पर कंट्रोल करता था. यह टीम इतनी संगठित थी कि बाहर से देखने पर सब कुछ नियमों के मुताबिक लगता था, लेकिन अंदर से पूरा सिस्टम वसूली पर टिका हुआ था.
एसटीएफ की दबिश से टूटा साम्राज्य
एसटीएफ की शिकायत ने इस वसूली साम्राज्य की जड़ें हिला दी हैं. फतेहपुर और रायबरेली में दर्ज एफआईआर अब गंभीर मोड़ ले चुकी है और विवेचना तेज है. विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में बड़ी गिरफ्तारी भी हो सकती है. शासन इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी में है और माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है. आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं.
