Fatehpur UPPCL: फतेहपुर के कांधी गांव में एक माह से बिजली गुल ! अफसरों की लापरवाही से ग्रामीण परेशान, भ्रष्टाचार के लगे आरोप
Fatehpur News In Hindi
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले के कांधी गांव में तेज आंधी और बारिश से बिजली व्यवस्था ठप हो गई है. एक माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन विभागीय अफसरों ने अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया. ग्रामीण कई बार शिकायत कर चुके हैं, मगर बिजली विभाग की लापरवाही से गांव अंधेरे में डूबा हुआ है.
Fatehpur UPPCL News: यूपी के फतेहपुर जिले के सथरियांव उपकेंद्र के तहत आने वाले कांधी गांव में तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली के पोल उखड़ गए और तार टूट गए. घटना को एक माह से अधिक समय गुजर चुका है लेकिन बिजली विभाग समस्या का समाधान करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया. अफसरों की इस लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का आरोप: शिकायतें हुईं बेअसर
गांव के पंकज शुक्ला, पप्पू द्विवेदी, भरत सिंह और अरविंद द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन), अवर अभियंता (जेई), उपकेंद्र कार्यालय और टोल फ्री नंबर पर शिकायत की है. इसके बावजूद उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ. शिकायतों को नजरअंदाज कर बिजली विभाग अफसरों ने ग्रामीणों की परेशानी को और बढ़ा दिया है.
अफसरों से संपर्क करने पर भी नहीं मिला जवाब
कांधी गांव में बिजली व्यवस्था को लेकर जब एक्सईएन रत्नेश जायसवाल से फोन पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा. इससे समझा जा सकता है कि विभाग कैसे लोगों की समस्याओं का निराकरण करता है. ग्रामीणों का कहना है कि एक बार नहीं कई बार मिल कर समस्या के विषय में बताया गया लेकिन केवल आश्वाशन मिलता है निराकरण नहीं.
समस्याओं के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप भी बने मजाक
भ्रष्टाचार के आरोप, विभाग को बड़े हादसे का इंतजार
ग्रामीण पंकज शुक्ला का आरोप है कि बिजली विभाग की पूरी व्यवस्था पैसों के इर्द-गिर्द घूम रही है. अगर कोई व्यक्ति रिश्वत दे दे तो उसका काम दो दिन में हो जाता है, वरना महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं.
पंकज शुक्ला कहते हैं कि जो पोल टूटे हैं उनके तार वहीं पड़े हुए हैं जिनमें लगातार विद्युत प्रवाहित हो रही है. आस-पास मवेशी बंधे हुए हैं उन्होंने कहा कि लगता है कि विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है.भ्रष्टाचार न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गया है बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है.
जिलाधिकारी से होगी शिकायत
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वे सीधे जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत करेंगे. उनका कहना है कि अब वे विभागीय अफसरों पर भरोसा नहीं कर सकते. गांव के लोग रोजमर्रा की जिंदगी में बिजली न होने से बुरी तरह परेशान हैं. बच्चों की पढ़ाई से लेकर पानी की व्यवस्था तक हर काम प्रभावित हो रहा है.
Fatehpur UPPCL: फतेहपुर के कांधी गांव में एक माह से बिजली गुल ! अफसरों की लापरवाही से ग्रामीण परेशान, भ्रष्टाचार के लगे आरोप
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Fatehpur UPPCL News: यूपी के फतेहपुर जिले के सथरियांव उपकेंद्र के तहत आने वाले कांधी गांव में तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली के पोल उखड़ गए और तार टूट गए. घटना को एक माह से अधिक समय गुजर चुका है लेकिन बिजली विभाग समस्या का समाधान करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया. अफसरों की इस लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का आरोप: शिकायतें हुईं बेअसर
गांव के पंकज शुक्ला, पप्पू द्विवेदी, भरत सिंह और अरविंद द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन), अवर अभियंता (जेई), उपकेंद्र कार्यालय और टोल फ्री नंबर पर शिकायत की है. इसके बावजूद उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ. शिकायतों को नजरअंदाज कर बिजली विभाग अफसरों ने ग्रामीणों की परेशानी को और बढ़ा दिया है.
अफसरों से संपर्क करने पर भी नहीं मिला जवाब
कांधी गांव में बिजली व्यवस्था को लेकर जब एक्सईएन रत्नेश जायसवाल से फोन पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा. इससे समझा जा सकता है कि विभाग कैसे लोगों की समस्याओं का निराकरण करता है. ग्रामीणों का कहना है कि एक बार नहीं कई बार मिल कर समस्या के विषय में बताया गया लेकिन केवल आश्वाशन मिलता है निराकरण नहीं.
समस्याओं के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप भी बने मजाक
बिजली विभाग ने शिकायतों के समाधान के लिए उपभोक्ताओं के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं. लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक यह ग्रुप केवल नाम के लिए बनाए गए हैं और समस्याओं का कोई समाधान नहीं करते. शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे लोगों का भरोसा पूरी तरह टूट गया है.
भ्रष्टाचार के आरोप, विभाग को बड़े हादसे का इंतजार
ग्रामीण पंकज शुक्ला का आरोप है कि बिजली विभाग की पूरी व्यवस्था पैसों के इर्द-गिर्द घूम रही है. अगर कोई व्यक्ति रिश्वत दे दे तो उसका काम दो दिन में हो जाता है, वरना महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं.
पंकज शुक्ला कहते हैं कि जो पोल टूटे हैं उनके तार वहीं पड़े हुए हैं जिनमें लगातार विद्युत प्रवाहित हो रही है. आस-पास मवेशी बंधे हुए हैं उन्होंने कहा कि लगता है कि विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है.भ्रष्टाचार न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गया है बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है.
जिलाधिकारी से होगी शिकायत
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वे सीधे जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत करेंगे. उनका कहना है कि अब वे विभागीय अफसरों पर भरोसा नहीं कर सकते. गांव के लोग रोजमर्रा की जिंदगी में बिजली न होने से बुरी तरह परेशान हैं. बच्चों की पढ़ाई से लेकर पानी की व्यवस्था तक हर काम प्रभावित हो रहा है.