Fatehpur News: फतेहपुर में झोलाछाप के इंजेक्शन से महिला की मौत ! सपा नेता के अस्पताल पर फिर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में झोलाछाप के सहारे चल रहे प्राइवेट अस्पतालों की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई. बिंदकी बस स्टॉप स्थित एक निजी अस्पताल में इंजेक्शन लगाते ही महिला की मौत हो गई. मृतका के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और गलत इलाज का गंभीर आरोप लगाया है.
Fatehpur News: फतेहपुर जिले में निजी अस्पतालों की मनमानी और झोलाछाप की करतूत से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. ताज़ा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के बिंदकी बस स्टॉप स्थित एक निजी अस्पताल का है, जहां इलाज के नाम पर एक महिला की जिंदगी छीन ली गई. इंजेक्शन लगते ही महिला का शरीर नीला पड़ गया और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया.
रिश्तेदारी से लौटते वक्त दर्द उठा, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असोथर थाना क्षेत्र के जानिकपुर गांव निवासी निसार अहमद अपनी 35 वर्षीय पत्नी अपसरी को लेकर रिश्तेदारी से लौट रहे थे. रास्ते में अचानक पत्नी के पेट में तेज दर्द उठने लगा. बताया गया कि अपसरी को पथरी की पुरानी शिकायत थी. दर्द असहनीय होने पर एक रिश्तेदार के सुझाव पर निसार उसे बिंदकी बस स्टॉप स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए. वहीं से दर्द के इलाज के नाम पर मौत की शुरुआत हुई.
इंजेक्शन लगाते ही नीला पड़ गया शरीर, रैफर कर झाड़ा पल्ला
अस्पताल पहुंचते ही वहां मौजूद कथित डॉक्टर ने अपसरी को एक इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगते ही महिला का शरीर स्याह पड़ने लगा और वह बेहोश हो गई. जब परिजनों ने डॉक्टर से इंजेक्शन के बारे में सवाल किया तो वह जवाब नहीं दे पाया. आनन-फानन में उसने मरीज को रैफर कर दिया और खुद गायब हो गया. परिजन महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल पर पहले भी लग चुके हैं दाग
मृतका के पति निसार अहमद का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर लापरवाही की गई. बिना जांच और योग्यता के इंजेक्शन लगाया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस अस्पताल में यह घटना हुई है, उस पर पहले भी गलत इलाज के आरोप लग चुके हैं. यह अस्पताल सपा नेता के नाम पर संचालित है. पूर्व में अस्पताल बिना फायर एनओसी के चलाया जा रहा था, जिसे एसीएमओ की टीम ने सील भी किया था.
जुगाड़ से एनओसी हासिल कर फिर शुरू हुआ संचालन
जानकारी के मुताबिक, कुछ माह पहले एसीएमओ की टीम ने बिना एनओसी के संचालन करने पर अस्पताल को सील किया था. लेकिन कुछ महीने बाद सपा नेता ने जुगाड़ के बल पर एनओसी हासिल कर ली और अस्पताल फिर से शुरू कर दिया. इसके बाद भी अस्पताल में झोलाछाप के सहारे इलाज का सिलसिला जारी रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण के चलते ऐसे अस्पताल खुलेआम चल रहे हैं.
जांच के आदेश, कार्रवाई की तैयारी
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. एसीएमओ डॉ. इस्तियाक ने मीडिया को बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है, हालांकि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Fatehpur News: फतेहपुर में झोलाछाप के इंजेक्शन से महिला की मौत ! सपा नेता के अस्पताल पर फिर उठे सवाल
Fatehpur News: फतेहपुर जिले में निजी अस्पतालों की मनमानी और झोलाछाप की करतूत से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. ताज़ा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के बिंदकी बस स्टॉप स्थित एक निजी अस्पताल का है, जहां इलाज के नाम पर एक महिला की जिंदगी छीन ली गई. इंजेक्शन लगते ही महिला का शरीर नीला पड़ गया और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया.
रिश्तेदारी से लौटते वक्त दर्द उठा, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असोथर थाना क्षेत्र के जानिकपुर गांव निवासी निसार अहमद अपनी 35 वर्षीय पत्नी अपसरी को लेकर रिश्तेदारी से लौट रहे थे. रास्ते में अचानक पत्नी के पेट में तेज दर्द उठने लगा. बताया गया कि अपसरी को पथरी की पुरानी शिकायत थी. दर्द असहनीय होने पर एक रिश्तेदार के सुझाव पर निसार उसे बिंदकी बस स्टॉप स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए. वहीं से दर्द के इलाज के नाम पर मौत की शुरुआत हुई.
इंजेक्शन लगाते ही नीला पड़ गया शरीर, रैफर कर झाड़ा पल्ला
अस्पताल पहुंचते ही वहां मौजूद कथित डॉक्टर ने अपसरी को एक इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगते ही महिला का शरीर स्याह पड़ने लगा और वह बेहोश हो गई. जब परिजनों ने डॉक्टर से इंजेक्शन के बारे में सवाल किया तो वह जवाब नहीं दे पाया. आनन-फानन में उसने मरीज को रैफर कर दिया और खुद गायब हो गया. परिजन महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल पर पहले भी लग चुके हैं दाग
मृतका के पति निसार अहमद का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर लापरवाही की गई. बिना जांच और योग्यता के इंजेक्शन लगाया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस अस्पताल में यह घटना हुई है, उस पर पहले भी गलत इलाज के आरोप लग चुके हैं. यह अस्पताल सपा नेता के नाम पर संचालित है. पूर्व में अस्पताल बिना फायर एनओसी के चलाया जा रहा था, जिसे एसीएमओ की टीम ने सील भी किया था.
जुगाड़ से एनओसी हासिल कर फिर शुरू हुआ संचालन
जानकारी के मुताबिक, कुछ माह पहले एसीएमओ की टीम ने बिना एनओसी के संचालन करने पर अस्पताल को सील किया था. लेकिन कुछ महीने बाद सपा नेता ने जुगाड़ के बल पर एनओसी हासिल कर ली और अस्पताल फिर से शुरू कर दिया. इसके बाद भी अस्पताल में झोलाछाप के सहारे इलाज का सिलसिला जारी रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण के चलते ऐसे अस्पताल खुलेआम चल रहे हैं.
जांच के आदेश, कार्रवाई की तैयारी
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. एसीएमओ डॉ. इस्तियाक ने मीडिया को बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है, हालांकि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.