Jayraj Man Singh Case: क्या रसूखदारों को बचाने के चलते पुलिस ने किया खुलासा ! जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म
फतेहपुर में अरबों की संपत्ति वाले वरिष्ठ अधिवक्ता जयराज मान सिंह की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया है. आरोपी के तौर पर मुंशी अंकित मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन जिले में यह चर्चा तेज है कि क्या पुलिस ने रसूखदार चेहरों को बचाने के लिए जल्द खुलासा कर दिया.
Fatehpur Jayraj Man Singh Case: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में वरिष्ठ अधिवक्ता और अरबों की संपत्ति के मालिक जयराज मान सिंह की हत्या का मामला अब सिर्फ एक मर्डर केस नहीं रह गया है. पुलिस ने मुंशी अंकित मिश्रा को आरोपी बताकर 48 घंटे में खुलासा कर दिया, लेकिन जिलेभर में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतने बड़े हत्याकांड के पीछे सिर्फ एक मैनेजर था या फिर कोई बड़ा खेल अब भी परदे के पीछे छिपा है.
भरोसेमंद मुंशी ही निकला कातिल, पुलिस का दावा

जमीन सौदे में कमीशन बना हत्या की असली वजह
एसपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि जयराज मान सिंह 122 बीघा की बेशकीमती आंवला बाग और अन्य जमीन को बेचने की तैयारी में थे. इसी जमीन सौदे में आरोपी अंकित मिश्रा मोटी कमीशन की उम्मीद लगाए बैठा था. जब जमीन का रेट तय नहीं हो पाया और डील कैंसिल हो गई, तो आरोपी को लगा कि उसका मुनाफा खत्म हो गया. इसी लालच ने उसे हत्या की तरफ धकेल दिया. पुलिस के मुताबिक आरोपी चाहता था कि हत्या के बाद भी परिवार का भरोसा बनाए रखे और जमीन को अपने मुताबिक कीमत पर बिकवाकर अमीर बन जाए.
21 जनवरी को नाप के बहाने ले गया और कर दी निर्मम हत्या
हत्या के बाद आरोपी की चालाकी, परिवार को गुमराह करने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए बेहद शातिर चाल चली. वह मृतक के घर पहुंचा और दूसरे नौकर को मृतक की वैगनार कार में बैठाकर यह कहकर साथ ले गया कि जमीन नाप में उसकी जरूरत पड़ेगी. इसके बाद वह दोबारा घटनास्थल पहुंचा और मृतक की पत्नी को फोन कर गुमराह किया कि जयराज मान सिंह वहां मौजूद नहीं हैं. लेकिन जब परिजनों और पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो खून से लथपथ शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया.
खुलासा गले नहीं उतर रहा, रसूखदारों पर उठ रहे सवाल
हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हथियार भी बरामद कर लिया है, लेकिन जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इतना बड़ा हत्याकांड सिर्फ एक मुंशी अकेले कर सकता है. जयराज मान सिंह के पास शहर में चार से पांच अरब की प्रापर्टी बताई जा रही है. 122 बीघा की बाग की बिक्री को लेकर कई डीलें चल रही थीं और चर्चित भू-माफिया भी सक्रिय थे. ऐसे में सवाल यह भी है कि कहीं जांच सिर्फ मैनेजर तक सीमित रखकर रसूखदार चेहरों को बचाने का खेल तो नहीं हो रहा.
जांच जारी, सामने आ सकते हैं बड़े नाम
एसपी अनूप सिंह का कहना है कि विवेचना जारी है और इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम तथ्य अभी सामने आ सकते हैं. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, लेकिन लोगों की मांग है कि जमीन सौदों में शामिल सभी चेहरों की जांच हो और अगर कोई बड़ा नाम शामिल है तो उसे भी बेनकाब किया जाए.
