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Sonam Raghuvanshi Raj Kushvaha: राजा रघुवंशी मर्डर केस में क्या है फतेहपुर कनेक्शन ! जानिए राज कुशवाहा की पूरी कहानी?

Sonam Raghuvanshi Raj Kushvaha: राजा रघुवंशी मर्डर केस में क्या है फतेहपुर कनेक्शन ! जानिए राज कुशवाहा की पूरी कहानी?
राजा रघुवंशी केस का मुख्य साजिशकर्ता राज कुशवाहा उर्फ राज कछवाह यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है: Image Credit Original Source

Fatehpur News In Hindi

इंदौर (Indore)के चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में मुख्य आरोपी राज कुशवाहा का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur) जिले के रामपुर गांव से जुड़ा है. गांव के गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाला राज, सोनम के प्रेमजाल में फंसकर हत्या की साजिश का हिस्सा बना. परिवार ने उसके निर्दोष होने की बात कही है.

Sonam Raghuvanshi Raj Kushvaha: राजा रघुवंशी हत्याकांड में इंदौर पुलिस की जांच ने बड़ा खुलासा किया है. मुख्य आरोपी राज कुशवाहा जिसका असली नाम राज कछवाह है जो कि मूलरूप से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का निवासी है. गांव में उसकी आर्थिक हालत बेहद कमजोर है, लेकिन पुलिस का दावा है कि उसने प्रेमिका सोनम के कहने पर ही राजा की हत्या की साजिश रची. वहीं, राज का परिवार उसे निर्दोष बता रहा है.

रामपुर गांव का है राज, पिता की मौत के बाद संभाली थी जिम्मेदारी

राज कुशवाहा के परिवार की जड़ें फतेहपुर जिले के रामपुर गांव में हैं. उसके बाबा सूरजभान गांव में किराने की दुकान चलाते हैं. राज के पिता रामनजर सिंह उर्फ बबुआ करीब 25 साल पहले रोज़गार के लिए इंदौर गए थे और वहां फल की आढ़त में काम करने लगे थे.

ब्रेन ट्यूमर के चलते उनकी मौत करीब 5 साल पहले हो गई थी. पिता की मौत के बाद राज ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था. मां रुपतिया और तीन बहनों के साथ वह इंदौर में रह रहा था, जबकि उसकी एक बहन काजल पढ़ाई के लिए गांव लौटी थी. आर्थिक तंगी के बावजूद राज ने परिवार का सहारा बनने की कोशिश की.

मां और बहनों के साथ बांदा होते हुए गांव आई थी राज की फैमिली

राज की मां और बहनों का ननिहाल बांदा के राजापुर में है. 20 दिन पहले वह लोग एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए राजापुर गई थीं और फिर गांव भी रुकीं. कुछ दिन गांव बिताने के बाद वे इंदौर लौट गईं.

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इसी दौरान 23 मई से हत्याकांड की पटकथा तैयार होने लगी. गांव वालों के अनुसार, राज हर साल गांव आता था और पिछले साल भी मई महीने में 5 दिन के लिए गांव में था. इस बार वह गांव नहीं आया लेकिन उसकी मां और बहनें यहां जरूर आई थीं.

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राज के चाचा-बहन का दर्द: 'हमारा बेटा निर्दोष है', सदमे में काजल

राज के चाचा भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार की माली हालत ठीक नहीं है. राज सोनम के पिता की फैक्ट्री में नौकरी करता था और उसी की कमाई से पूरा घर चलता था. चाचा का कहना है कि ऐसे हालातों में सोनम जैसी लड़की का राज से प्रेम करना ही संदिग्ध है.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर पुलिस ने हाइवे लुटेरे गैंग का किया पर्दाफाश, मुठभेड़ के बाद चार शातिर गिरफ्तार

राज की दादी रामलली ने साफ कहा कि उनका पौत्र निर्दोष है और उसे साजिश के तहत फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें सिर्फ समाचार चैनलों से मिली है. वहीं, राज की बहन काजल इस खबर से सदमे में चली गई है. उसने खाना-पीना छोड़ दिया है और उसे चाचा नरेंद्र इंदौर वापस छोड़ने ले गए हैं.

हत्या से पहले रची गई थी खौफनाक साजिश, राज ने बनाए थे पूरे प्लान

इंदौर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोनम और राज के बीच पिछले 4-5 महीनों से प्रेम संबंध थे. सोनम के पिता हार्ट पेशेंट हैं और वे समाज की रीतियों के अनुसार शादी कराना चाहते थे. इसीलिए सोनम ने राजा से शादी के लिए हां कर दी, लेकिन मन ही मन उसने साजिश रच ली थी कि शादी के बाद राजा को मरवा देगी और राज के साथ रहेगी.

11 मई को शादी के बाद सोनम ने 16 मई को सुपर कॉरिडोर के एक कैफे में हत्या की योजना बनाई. इसमें राज ने अपने दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को शामिल किया. राज ने हत्या की पूरी योजना सोनम को फोन पर 6 घंटे तक समझाई.

साजिश के लिए सोनम को मिले थे मोबाइल, सिम और पैसे, राज अंतिम संस्कार में भी पहुंचा

राज ने हत्या से पहले आरोपियों को 50 हजार रुपये, एक एंड्रॉइड फोन, कीपैड मोबाइल और नई सिम दिलाई थी. सोनम को ये सभी चीजें दी गईं ताकि वह शिलांग जाकर आरोपियों से संपर्क में रह सके. जब सोनम ने शिलांग के लिए निकलने की बात कही, तो राज ने तीनों आरोपियों के टिकट कराए, लेकिन खुद नहीं गया.

वह इंदौर से ही हत्याकांड का संचालन करता रहा. यहां तक कि शक से बचने के लिए वह राजा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ. आरोपियों के अनुसार, उन्होंने जो छोटी कुल्हाड़ी (डाव) इस्तेमाल की, वह गुवाहाटी से ऑनलाइन खरीदी गई थी.

सोनम ने हत्या के बाद राजा के पर्स से 15 हजार रुपये निकालकर आरोपियों को दिए. फोन को तोड़कर फेंक दिया गया और एक्टिवा को 25 किमी दूर छोड़ दिया गया.

12 Jun 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Sonam Raghuvanshi Raj Kushvaha: राजा रघुवंशी मर्डर केस में क्या है फतेहपुर कनेक्शन ! जानिए राज कुशवाहा की पूरी कहानी?

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Sonam Raghuvanshi Raj Kushvaha: राजा रघुवंशी हत्याकांड में इंदौर पुलिस की जांच ने बड़ा खुलासा किया है. मुख्य आरोपी राज कुशवाहा जिसका असली नाम राज कछवाह है जो कि मूलरूप से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का निवासी है. गांव में उसकी आर्थिक हालत बेहद कमजोर है, लेकिन पुलिस का दावा है कि उसने प्रेमिका सोनम के कहने पर ही राजा की हत्या की साजिश रची. वहीं, राज का परिवार उसे निर्दोष बता रहा है.

रामपुर गांव का है राज, पिता की मौत के बाद संभाली थी जिम्मेदारी

राज कुशवाहा के परिवार की जड़ें फतेहपुर जिले के रामपुर गांव में हैं. उसके बाबा सूरजभान गांव में किराने की दुकान चलाते हैं. राज के पिता रामनजर सिंह उर्फ बबुआ करीब 25 साल पहले रोज़गार के लिए इंदौर गए थे और वहां फल की आढ़त में काम करने लगे थे.

ब्रेन ट्यूमर के चलते उनकी मौत करीब 5 साल पहले हो गई थी. पिता की मौत के बाद राज ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था. मां रुपतिया और तीन बहनों के साथ वह इंदौर में रह रहा था, जबकि उसकी एक बहन काजल पढ़ाई के लिए गांव लौटी थी. आर्थिक तंगी के बावजूद राज ने परिवार का सहारा बनने की कोशिश की.

मां और बहनों के साथ बांदा होते हुए गांव आई थी राज की फैमिली

राज की मां और बहनों का ननिहाल बांदा के राजापुर में है. 20 दिन पहले वह लोग एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए राजापुर गई थीं और फिर गांव भी रुकीं. कुछ दिन गांव बिताने के बाद वे इंदौर लौट गईं.

इसी दौरान 23 मई से हत्याकांड की पटकथा तैयार होने लगी. गांव वालों के अनुसार, राज हर साल गांव आता था और पिछले साल भी मई महीने में 5 दिन के लिए गांव में था. इस बार वह गांव नहीं आया लेकिन उसकी मां और बहनें यहां जरूर आई थीं.

राज के चाचा-बहन का दर्द: 'हमारा बेटा निर्दोष है', सदमे में काजल

राज के चाचा भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार की माली हालत ठीक नहीं है. राज सोनम के पिता की फैक्ट्री में नौकरी करता था और उसी की कमाई से पूरा घर चलता था. चाचा का कहना है कि ऐसे हालातों में सोनम जैसी लड़की का राज से प्रेम करना ही संदिग्ध है.

राज की दादी रामलली ने साफ कहा कि उनका पौत्र निर्दोष है और उसे साजिश के तहत फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें सिर्फ समाचार चैनलों से मिली है. वहीं, राज की बहन काजल इस खबर से सदमे में चली गई है. उसने खाना-पीना छोड़ दिया है और उसे चाचा नरेंद्र इंदौर वापस छोड़ने ले गए हैं.

हत्या से पहले रची गई थी खौफनाक साजिश, राज ने बनाए थे पूरे प्लान

इंदौर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोनम और राज के बीच पिछले 4-5 महीनों से प्रेम संबंध थे. सोनम के पिता हार्ट पेशेंट हैं और वे समाज की रीतियों के अनुसार शादी कराना चाहते थे. इसीलिए सोनम ने राजा से शादी के लिए हां कर दी, लेकिन मन ही मन उसने साजिश रच ली थी कि शादी के बाद राजा को मरवा देगी और राज के साथ रहेगी.

11 मई को शादी के बाद सोनम ने 16 मई को सुपर कॉरिडोर के एक कैफे में हत्या की योजना बनाई. इसमें राज ने अपने दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को शामिल किया. राज ने हत्या की पूरी योजना सोनम को फोन पर 6 घंटे तक समझाई.

साजिश के लिए सोनम को मिले थे मोबाइल, सिम और पैसे, राज अंतिम संस्कार में भी पहुंचा

राज ने हत्या से पहले आरोपियों को 50 हजार रुपये, एक एंड्रॉइड फोन, कीपैड मोबाइल और नई सिम दिलाई थी. सोनम को ये सभी चीजें दी गईं ताकि वह शिलांग जाकर आरोपियों से संपर्क में रह सके. जब सोनम ने शिलांग के लिए निकलने की बात कही, तो राज ने तीनों आरोपियों के टिकट कराए, लेकिन खुद नहीं गया.

वह इंदौर से ही हत्याकांड का संचालन करता रहा. यहां तक कि शक से बचने के लिए वह राजा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ. आरोपियों के अनुसार, उन्होंने जो छोटी कुल्हाड़ी (डाव) इस्तेमाल की, वह गुवाहाटी से ऑनलाइन खरीदी गई थी.

सोनम ने हत्या के बाद राजा के पर्स से 15 हजार रुपये निकालकर आरोपियों को दिए. फोन को तोड़कर फेंक दिया गया और एक्टिवा को 25 किमी दूर छोड़ दिया गया.

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