
Circle Rate In UP: यूपी की राजधानी में 60 प्रतिशत तक जमीनें हुईं महंगी ! ये इलाके अभी भी हैं सस्ते, जानिए कितना बढ़ा सर्किल रेट
Lucknow News In Hindi
लखनऊ (Lucknow) में जमीन के सरकारी सर्किल रेट 20% से 60% तक बढ़ा दिए गए हैं. गोमतीनगर, विभूतिखंड और अलीगंज जैसे इलाकों में दरें ₹70,000 प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुकी हैं. ये नई दरें 1 अगस्त 2025 से लागू होंगी. सरकार का उद्देश्य है राजस्व बढ़ाना और रियल एस्टेट में पारदर्शिता लाना है.
Circle Rate In UP: यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए अहम खबर आई है. राजस्व विभाग ने शहर के कई प्रमुख इलाकों में जमीन के सर्किल रेट में 20% से 60% तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है. यह नई दरें 1 अगस्त 2025 से लागू होंगी. इस बदलाव का मकसद बाजार दर और सरकारी दर के बीच के फासले को कम करना है जिससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सके.
बाजार रेट और सर्किल रेट में था भारी अंतर

इस व्यवस्था से सरकार को राजस्व हानि हो रही थी. अब इस अंतर को कम करने के लिए सरकार ने नए सर्किल रेट लागू करने का फैसला किया है. इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि रियल एस्टेट बाजार में गड़बड़ियों पर भी लगाम लगेगी.
गोमतीनगर, विभूतिखंड और अलीगंज में जमीन सबसे महंगी

लखनऊ के इन इलाकों के नए सर्किल रेट
- विराजखंड और विभूतिखंड (गोमतीनगर, शहीद पथ): ₹70,000
- अटल चौक से लूलू मॉल के पीछे: ₹50,000
- सुशांत गोल्फ सिटी: ₹50,000–₹52,000
- महानगर गोल मार्केट से निशातगंज पुल तक: ₹53,000
- अलीगंज सेक्टर L और कपूरथला चौराहा: ₹54,000
- मुंशीपुलिया से बिरयानी हाउस तक: ₹49,500
- अयोध्या रोड (लेखराज चौकी से रिंग रोड तक): ₹49,500
मध्यम वर्ग के लिए ये इलाके अब भी किफायती

- किसान पथ (नगर निगम सीमा के भीतर): ₹20,000
- किसान पथ (सीमा के बाहर): ₹15,000
- बख्शी का तालाब क्षेत्र: ₹8,000–₹10,000
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे किनारे: ₹6,000–₹10,000
- मलिहाबाद-मोहन रोड: ₹7,000
- मॉल रहीमाबाद रोड: ₹3,400–₹8,200

1 अगस्त से लागू होंगे नए रेट, बढ़ेगी रजिस्ट्री के रेट
राजस्व विभाग द्वारा घोषित नए सर्किल रेट 1 अगस्त 2025 से लागू होंगे. इसका मतलब यह है कि पुराने रेट पर जमीन की रजिस्ट्री कराने का आखिरी मौका जुलाई तक ही है. विशेषज्ञों के अनुसार, रेट लागू होने से पहले रजिस्ट्री कार्यालयों में भारी भीड़ देखने को मिल सकती है. जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोग अब जल्दबाज़ी में सौदे निपटाने में जुट सकते हैं. रेट बढ़ने से स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी बढ़ जाएंगे.
सरकार को होगा सीधा फायदा, खरीदारों की जेब पर असर

